Bhainsdehi Assembly Election : जीएसटी अफसर की भैंसदेही विधानसभा में दस्तक
Bhainsdehi Assembly Election: GST officer's knock in Bhainsdehi Assembly

कांग्रेस, भाजपा के बिगड़ सकते हैं समीकरण
Bhainsdehi Assembly Election : (बैतूल)। डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे की तर्ज पर चुनाव लड़ने के इच्छुक एक और अफसर ने इस्तीफा देकर चुनावी रन में कदम रख दिया है। भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान करते जीएसटी अफसर ने कांग्रेस के प्रत्याशी धरमू सिंह और भाजपा के महेंद्र सिंह के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। हालांकि बारस्कर को अभी भी उम्मीद है कि उन्हें भाजपा से टिकट मिल जाएगी।
मूलत: भैंसदेही क्षेत्र के निवासी हेमराज बारस्कर की पारिवारिक पृष्ठ भूमि संघ से जुड़ी होने के साथ साथ वे खुद भी भाजपा के आनुषंगिक छात्र संगठन एबीवीपी के कुछ पदों पर रह चुके हैं। लिहाजा उन्हें उम्मीद है कि भाजपा भैंसदेही विधानसभा से उन्हें टिकिट दे सकती है। यदि ऐसा हुआ तो महेंद्र सिंह चौहान का टिकट कट सकता है तो धरमू के लिए भी चुनाव आसान नहीं होगा।
संघ से जुड़ी है पारिवारिक पृष्ठभूमि (Bhainsdehi Assembly Election)
हेमराज बारस्कर संघ पृष्ठभूमि के साथ ही वे भैंसदेही विधानसभा क्षेत्र में सामाजिक उत्थान, क्षेत्र के विकास और आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार सक्रिय रहे हैं। बीते दो विधानसभा चुनावों के साथ ही विस चुनाव 2023 के लिए बारस्कर भाजपा से प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन भाजपा ने महेंद्र सिंह चौहान के नाम की घोषणा कर दी थी। भाजपा ने तीन चुनाव के दौरान भले ही उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया। बावजूद इसके बारस्कर का समूचे भैंसदेही क्षेत्र में सघन जनसंपर्क जारी रहा, जिससे अब उनकी लोकप्रियता भी क्षेत्र में स्थापित हो गई है।
पिता कर चुके हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता
पूर्व जीएसटी अफसर हेमराज बारस्कर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पारिवारिक पृष्ठभूमि से है। उनके पिता स्व. जीआर बारस्कर ने 2017 में बैतूल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन की अध्यक्षता की थी, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत शामिल हुए थे। श्री बारस्कर के बड़े भाई मनीष बारस्कर बीते 32 वर्षों से संघ में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। वर्तमान में वे संघ के प्रकल्प ग्राम विकास के जिला संयोजक है।
महेंद्र के विरोध का मुझे मिलेगा फायदा
हेमराज बारस्कर ने खुलकर भाजपा के घोषित प्रत्याशी महेंद्र सिंह चौहान की घटती लोकप्रियता को देखते भाजपा से टिकिट दिए जाने की मांग की है। उन्हें उम्मीद है कि भाजपा उन्हें इस बार जरूर टिकिट देगी । यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला भी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी मैं सभी सर्वे में टॉप पर था, इसलिए अब टिकिट की प्रतीक्षा कर रहा हूं। महेंद्र सिंह का क्षेत्र में खुला विरोध है। ऐसे में ऐसा व्यक्ति हो, जिसकी स्वीकार्यता पूरी विधानसभा में हो सके।




