Betul News : सांझवीर की खबर का बड़ा असर: 56 पत्थर खदानों के बिजली काटने के आदेश
Betul News: Big impact of Sanjveer's news: Orders to cut electricity of 56 stone mines

कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने बिजली विभाग को पत्र लिखा, कनेक्शन काटने की कार्रवाई से खदान संचालकों में हड़कंप (Betul News)
Betul News : (बैतूल)। जिले की 56 पत्थर खदानों के नियम विरूद्ध संचालन और सिया की अनुमति नहीं लिए जाने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। दो दिन पहले ही खनिज विभाग ने सभी खदानों को नोटिस जारी कर पत्थर उत्खनन पर प्रतिबंध लगाकर इन्हीं पोर्टल से अलग कर दिया। सांझवीर टाईम्स द्वारा सिलसिलेवार समाचार प्रकाशित किए जाने का असर है कि कलेक्टर अमनबीर सिंह बैस द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिया की अनुमति नहीं लिए जाने पर सभी 56 पत्थर खदानों की बिजली काटने के लिए खनिज विभाग को निर्देश दिए।
खनिज विभाग ने कल देर शाम को इस संबंध में बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री को पत्र लिखकर बिजली काटने के निर्देश दिए हैं। खबर है कि शुक्रवार दोपहर तक आधा दर्जन से अधिक पत्थर खदानों की बिजली काट दी गई है। शाम तक पचास प्रतिशत खदानों की बिजली काटने का भरोसा बिजली कंपनी के अधिकारियों ने जताया है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद अवैध खदानों का संचालन करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
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सूत्रों ने बताया कि पिछले दो वर्ष से सिया की अनुमति न लिए जाने के बावजूद क्रेशर संचालक अपनी मनमानी से खदानों का संचालन करते आ रहे हैं। इतने वर्षों में खनिज विभाग ने भी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों का पालन नहीं किया। नियम विरूद्ध और मिलीभगत से पूरे जिले में क्रेशर से पत्थर खनन का काम जोरों से चल रहा था।
इस मामले में चौकाने वाले तथ्य उजागर हुए थे कि एक पूर्व खनिज अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है, लेकिन कुछ दिनों पूर्व नए खनिज अधिकारी के आने के बाद उनकी सख्ती ने क्रेशर संचालकों के नियम के विरूद्ध पत्थर खनन पर रोक लगा दी। यह मामला जब सांझवीर टाईम्स में सिलसिलेवार प्रकाशित किया गया तो इसका एक के बाद एक असर देखने को मिला है। यह कार्रवाई अभी खनिज विभाग द्वारा की जा रही थी कि क्रेशर संचालकों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई।
कलेक्टर के निर्देश पर 56 खदानों की कटेगी बिजली (Betul News)
गुरुवार देर शाम खनिज अधिकारी ने एक पत्र अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण कंपनी को लिखकर सभी 56 खनिज खदानों की बिजली काटने का आग्रह किया है। कलेक्टर के निर्देश पर लिखे इस पत्र में अधीक्षण यंत्री से खनिज अधिकारी ने आग्रह किया है कि बैतूल जिले में डिया से एनओसी प्राप्त कुल 56 खदानों के उत्खनन का काम पूर्णत: बंद किए जाने के उपरांत समस्त खदानों का बिद्युत कनेक्शन काटना है, जिन खदानों का संचालन बंद किया गया है, उनका बिजली कनेक्शन सिया से अनुमति आने तक बंद कराने और इस कार्यालय को अवगत कराने का आग्रह किया है।
कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा भेजे गए पत्र के बाद बिजली विभाग के अधिकारी भी सख्त हो गए। शुक्रवार दोपहर तक 6 से अधिक स्टोन क्रेशर की बिजली काट दी गई है। शाम तक 56 में से अधिकांश क्रेशरों की बिजली काटने के लिए कर्मचारियों को निर्देशित कर दिया है। सांझवीर टाईम्स की इस खबर के बाद खनिज विभाग से लेकर बिजली महकमे में भी खासा हल्ला मचा हुआ है।
संचालकों की होटल में बैठक, फिर कलेक्टर से मिले
सूत्र बताते हैं कि सिया से अनुमति न लिए जाने के बाद अवैध रूप से खदानों का संचालन करने के मामले में पत्थर खदानों के संचालकों में अफरा तफरी का माहौल निर्मित है। सूत्र के अनुसार गंज की एक प्रमुख होटल में क्रेशर संचालकों की गुरुवार को एक गुप्त बैठक हुई। इस बैठक में मामले से निपटने पर दो घंटे तक चर्चा चली। सूत्रों ने तो यह भी बताया है कि के्रशर संचालकों की बैठक में सांझवीर की खबरों की पूरे समय चर्चा होते रही। इधर दूसरे दिन शुक्रवार को बैठक में लिए गए निर्णय के बाद के्रशर संचालक कलेक्टर से भी मिलने पहुंचे हैं। कलेक्टर वे अपनी पीड़ा बता रहे हैं, लेकिन सूत्रों ने बताया कि कलेक्टर ने उन्हें नियमों का हवाला देकर फिलहाल कोई राहत नहीं दी है।

इनका कहना…
सिया की अनुमति न होने के बाद पत्थर खदानों का संचालन हो रहा है। 11 अक्टूबर को हमने सभी खदानों को पोर्टल से हटाने के बाद कलेक्टर साहब के निर्देश पर बिजली काटने के लिए कंपनी के अधिकारियों को पत्र लिख दिया है। अनुमति न मिलने तक क्रेशर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
मनीष पालेवार, खनिज अधिकारी, बैतूल
खनिज विभाग से कल देर शाम क्रेशरों के कनेक्शन काटने के संबंध में पत्र मिला है। दोपहर तक आधा दर्जन क्रेशरों की बिजली कटा दी है। शाम तक सभी क्रेशरों की बिजली काट दी जाएगी।
बीएस बघेल, महाप्रबंधक, दक्षिण संभाग बिजली कंपनी बैतूल।




