Betul News: मोदी लहर में डीडी के सिर बंधेगा जीत का सेहरा
Betul News: DD will win in Modi wave

8 विधानसभाओं से बैतूल, मुलताई, हरदा, हरसूद में भाजपा को सर्वाधिक बढ़त मिलने के आसार
Betul News: बैतूल। शनिवार को आखरी चरण के मतदान के बाद सारे इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया का एग्जिट पोल सामने आएगा। शाम 5 बजे के बाद दिखाए जाने वाले एग्जिट पोल में तय हो जाएगा कि इस बार केंद्र की मोदी सरकार हैट्रिक लगाएंगी या इंडिया गठबंधन की दस वर्ष बाद वापसी होगी। सांझवीर टाईम्स पूर्व में हर चुनाव में अपने सटीक एग्जिट पोल के लिए पूरे प्रदेश में चर्चा के साथ सुर्खियां बटोर चुका है।
इस मर्तबा भले ही गांव-गांव जाकर एग्जिट पोल नहीं किया, लेकिन हर विधानसभा से मिल रहे रूझानों के आधार पर तीन जिलों में फैले संसदीय क्षेत्र की वास्तविकता सामने लाने का प्रयास किया है। इसके आधार पर कहा जा सकता है कि भाजपा प्रत्याशी डीडी उइके एक बार फिर रिकार्ड मतों से चुनाव जीत रहे हैं। उनकी जीत-हार का फासला 2 लाख से अधिक मतों से हो सकता है। संभावना यह भी है कि पिछली बार की तरह इस बार भी संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभाओं से बैतूल और मुलताई में भाजपा प्रत्याशी को रिकार्ड बढ़त मिल सकती है।
7 मई को मतदान के बाद सभी परिणामों की उत्सुकता से नजर गढ़ाए बैठे हैं,लेकिन 4 जून के पहले नतीजे सामने नहीं आएंगे। शनिवार 1 जून को सातवें और अंतिम चरण का मतदान हो रहा है। इसके बाद दर्जनों इलेक्ट्रानिक मीडिया अपना एग्जिट पोल देश के सामने रखेगा। सांझवीर टाईम्स भी आम लोगों से मिले रूझानों के आधार पर अपने रूझान सामने रख रहा है। बैतूल-हरदा-हरसूद संसदीय क्षेत्र पर भाजपा का दबदबा इस बार भी कायम रहने वाला है। संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशी को बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है। चूंकि इस मर्तबा पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा मतदान का प्रतिशत कम हुआ है, लेकिन मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण जीत-हार का अंतर भी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
डीडी दोहराएंगे पिछले चुनाव का इतिहास?
पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी डीडी उइके ने कांग्रेस के रामू टेकाम को 3 लाख 59 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। संसदीय क्षेत्र के इतिहास में यह सबसे बड़ी जीत मानी जाती है। सभी की नजर इस बार टिकी हुई है कि क्या डीडी उइके 2019 के परिणामों को दोहराएंगे? हालांकि इस बारे में कोई खुलकर नहीं कह पा रहा है, लेकिन यह इतिहास तब दोहराया जाएगा, जब श्री उइके 13 लाख वोटों में से 7 लाख से अधिक मत हासिल करते हैं।
यदि कांग्रेस प्रत्याशी रामू टेकाम को पिछले चुनाव में मिले 3 लाख 51 हजार मतों को पार करते हैं तो जीत-हार का फैसला में कुछ अंतर आ सकता है, लेकिन मोदी लहर चली तो परिणाम पिछले चुनाव की अपेक्षा पार करने से भी इंकार नहीं किया जा रहा है। एक सूत्र दावा कर रहे हैं कि यदि संसदीय क्षेत्र की 8 सीटों से 5 पर भाजपा 60 हजार से अधिक की बढ़त हासिल करती है तो डीडी उइके की जीत 4 लाख पार कर सकती है, अन्यथा बढ़त कम होने पर आंकड़ा 2 लाख से ढाई लाख पर सिमट जाएगा।
इन सीटों पर भाजपा को मिलेगी बढ़त
सांझवीर के पूर्वानुमान के मुताबिक इस बार भी संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी को सर्वाधिक बढ़त मिल सकती है। बढ़त का आंकड़ा 70 से 90 हजार तक पहुंच सकता है। इसके बाद मुलताई विधानसभा से भाजपा को 50 हजार से अधिक बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि आमला की बात करें तो इस सुरक्षित विधानसभा सीट से पिछले चुनाव में मिली बढ़त का आंकड़ा पार करते दिखाई दे रहा है।
यहां से भाजपा प्रत्याशी को 40 हजार के करीब बढ़त मिल सकती है। इतना जरूर है आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित भैंसदेही और घोड़ाडोंगरी विधानसभा से भाजपा की बढ़त कम रह सकती है। चूंकि दोनों सीटों पर विधानसभा चुनाव के परिणाम काफी निकट रहे थे, इसलिए भाजपा भी इन दोनों विधानसभा से अधिक बढ़त के लिए आशांवित नहीं है। जबकि हरदा-टिमरनी में भी खासी बढ़त मिलने की संभवाना है। हरदा विधानसभा बढ़त के मामले में तीसरें स्थान पर रह सकती है। चौथे स्थान पर हरसूद बाजी मारेगा।
कांगे्रेस की सभी उम्मीदों पर फिरेगा पानी!
परिणाम के पहले कांग्रेस कुछ आशांवित जरूर नजर आ रही थी, लेकिन उसकी जीत की संभावना खत्म हो गई है। दरअसल खराब मैनेजमेंट और कार्यकर्ताओं का टोटा कांग्रेस की हार का कारण बन रहा है। यहां चौकाने वाली बात यह है कि मोदी लहर में कांग्रेस प्रत्याशी जरूर पिछले बार से कुछ अधिक वोट ले सकते हैं।
पहले कांग्रेस को उम्मीद थी कि अपने हरदा और टिमरनी से पार्टी के विधायक होने के कारण फायदा मिलेगा, लेकिन प्रधानमंत्री की सभा के बाद उम्मीदों पर ग्रहण लग गया। इतना जरूर है कि भैंसदेही और घोड़ाडोंगरी से कांग्रेस अभी भी आशांवित है, लेकिन हकीकत है कि कांग्रेस प्रत्याशी अपने वोट बैंक में मामूली बढ़त लेकर जीत से कोसों दूर रहेंगे।





