Betul Ki Khabar : एकलव्य विद्यालय शाहपुर में फिर करोड़ों के बजट को ठिकाने लगाने की तैयारी !

Betul Ki Khabar : Preparations underway to embezzle crores of rupees budget at Eklavya Vidyalaya Shahpur!

फर्जी समिति बनाकर लाखों का बजट ठिकाने लगाया, बीईओ और लेखाधिकारी भी संदेह के दायरे में

Betul Ki Khabar : बैतूल/शाहपुर। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शाहपुर के भ्रष्टाचार की सिलसिलेवार खबरें सांझवीर टाईम्स में लगातार प्रकाशित करने के बाद अब विभाग में हलचल देखने को मिल रहीं हैं । यहां पदस्थ बीईओ गुलाब राव बरडे और लेखाधिकारी बिजेंद्र शिवहरे की भी लापरवाही सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि वित्तीय अनियमितता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, पूर्व में विद्यालय को गलती से मिले बजट को वापस करने के बजाए बीईओ और लेखाधिकारी द्वारा इसे ठिकाने लगाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पूर्व में कार्यरत कर्मचारियों के विरोध के बाद कुछ रोक तो लगी पर शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है और फर्जी समिति बनाकर 7 लाख 14 हजार 420 रुपए की राशि को ठिकाने लगा दिया गया ।

कैसे बनाई फर्जी समिति

दरअसल बीईओ गुलाब राव बरडे को कलेक्टर के आदेश क्रमांक 2084 दिनांक 24 मई 2024 के अनुसार पूर्व प्राचार्य डोनीवाल के निलंबन के पश्चात स्थानीय व्यवस्था हेतु एकलव्य शाहपुर का प्रभार दिया गया था। इसके ठीक बाद 19 जून को लेखाधिकारी बिजेंद्र शिवहरे द्वारा भी एकलव्य में ज्वाइनिंग ले ली। सूत्रों के अनुसार नई पदस्थापना के बाद नए जिम्मेदारों ने मिलकर अपना खेल चालू कर दिया, क्योंकि एकलव्य विद्यालय में फंड का आना भी शुरू हो चुका था ।

सूत्र बताते हैं की शासन की गलती से 7 लाख 14 हजार 420 रुपए की राशि एकलव्य के होल्ड किए अकाउंट में आ चुकी थी । यह आवंटन मेस व्यवस्था के लिए दिया गया था। जबकि इस अवधि में आवासीय विद्यालय में एक भी विद्यार्थी उपस्तिथ नहीं थी। कार्यालय आयुक्त जनजातीय कार्य सह सचिव एमपी सरस के आदेश क्रमांक /11/2024/691 भोपाल दिनांक 27/06/2024 में स्पष्ट किया गया था कि मेस संचालन के फंड को किसी अन्य उपयोग हेतु खर्च न किया, किंतु इस आदेश की धज्जियां उड़ाते लेखाधिकारी और बीईओ यह राशि ठिकाने लगा दी। जबकि विद्यालय स्तरीय समिति के अध्यक्ष एसडीएम से भी इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई।

पूर्व कर्मचारी के विरोध के बाद दिखाया बाहर का रास्ता

जानकारी के मुताबिक पूर्व में हुई वित्तीय अनियमितता को देखते हुए कार्यालय में कार्यरत कुछ कर्मचारियों द्वारा बीईओ और लेखाधिकारी के काले खेल का विरोध किया गया था। इसके बाद शासन का कुछ राजस्व नुकसान होने से बच भी गया था। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भी दी गई, किंतु सूत्र बताते हैं की सहायक आयुक्त के संरक्षण में बीईओ द्वारा विरोध करने वाले कई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और मनमानी फिर शुरू कर दी गई ।

पूर्व की वित्तीय अनियमितताओं को किया जा रहा नजरंदाज

सूत्र बताते हैं की पूर्व में कई कर्मचारियों के निलंबन के पश्चात भी फर्जी समिति बनाकर नियमों का उलंघन लगातार किया जाता रहा है। अब सवाल उठ रहे हैं कि जिन्हे निलंबन मिला अगर वो गलत थे तो बीईओ और लेखाधिकारी पर सहायक आयुक्त मौन क्यों हैं? पूर्व में भी सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद एकलव्य शाहपुर में सात अधिकारी-कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिरी थी। इसके बावजूद दोबारा अनियमित्ता की शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। इसी वजह एकलव्य आवासीय विद्यालय में दोबारा यह खेल शुरू हो गया है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से भी लापरवाह अधिकारियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

इनका कहना..

इस संबंध में आप मुझे लिखित शिकायत भेजिए। इसके बाद कार्रवाई करूंगी।

शिल्पा जैन, सहायक आयुक्त आदिवासी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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