सुपर क्रिटिकल यूनिट का भूमिपूजन सी एम से करवाकर 1 तीर से साधे कई निशाने
Sarni New Unit : (बैतूल)। चुनावी चौसर के बीच भाजपा ने आमला सारणी विधान सभा मे ऐसा मास्टर स्ट्रोक खेल डाला कि कांग्रेसी विपक्ष के हाथों के तोते उड़े हुए नजर आ रहे हैं। अभी तक कांग्रेस जिस सारणी पाथाखेड़ा क्षेत्र को उजड़ता हुआ बताकर इसे चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनाए जाने की रणनीति बना रहे थे, अब वो पूरी रणनीति धरी की धरी नजर आ रही है।
विधायक डॉ. योगेश पंडागरे के इस मास्टर स्ट्रोक के चलते 24 अगस्त को सीएम सारणी पहुंचकर सुपर क्रिटकल यूनिट का भूमिपूजन करने के साथ साथ चरण पादुका योजना के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका, साड़ी, पानी बॉटल भी वितरित करेंगे। राजनीतिक जानकार भी सीएम के अचानक बने इस कार्यक्रम को चुनाव में भाजपा को मिलने वाले बड़ेे फायदे की नजर से देख रहे हैं।
एक तीर साधे कई निशाने(Sarni New Unit)
पिछले कुछ सालों के दौरान सारणी और पाथाखेड़ा क्षेत्र में कोयला खदानों के बंद होने और पावर हाउस को ठेके पर दिए जाने जैसे मुद्दों पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी हमेशा से ही भाजपा और विधायक डॉ योगेश पंडागरे पर हावी होती रही है।
दोनों ही पार्टी के नेता उजड़ती सारणी को लेकर भाजपा को समय-समय पर घेरते रहे हैं, लेकिन बुधवार जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला बगडोना हवाई पट्टी पर पहुंचा और यह जानकारी सार्वजनिक हुई कि 24 अगस्त को सीएम शिवराज सिंह का सारणी आगमन का कार्यक्रम तय हो रहा है और इस दौरान सारणी क्षेत्र को कई सौगातों से नवाजा जा सकता है।
वैसे ही विपक्षी नेताओं के माथे पर लकीरें खींच गई क्योंकि उजड़ती सारणी के मुद्दे को विपक्ष इतनी हवा दे चुका था कि, राजनीतिक समीक्षक भी यह मानने लगे थे कि विपक्ष का यह मुद्दा विपक्ष के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकता है। सी एम द्वारा 24 अगस्त को यहां सुपर क्रिटिकल यूनिट का भूमिपूजन कर यह बताया जाएगा कि किसी भी कीमत पर सारणी पाथाखेड़ा क्षेत्र को उजड़ने नहीं दिया जाएगा।
भाजपा के एक ही तीर ने कांग्रेस और आप नेताओं को चारों खाने चित्त कर दिया। चुनाव के पूर्व ही सीएम को सारणी बुलवाकर विधायक डॉ योगेश पंडागरे ने अपना लोहा तो मनवा ही लिया है। साथ ही अब कांग्रेस और आप को सोचने पर मजबूर भी कर दिया है।
जबड़े से खींचा मुद्दा, विपक्ष चारों खाने चित्त
सारणी में सी एम के इस कार्यक्रम ने अब विपक्षियों के मुहं पर ताला लगाए जाने जैसा काम किया है, जिस मुद्दें को लेकर विधान सभा मे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी हमेशा से ही भाजपा विधायक को घेरते आए हैं, और इसी मुद्दे को लेकर आगामी विधान सभा की रणनीति भी तैयार की जा रही थी। अब वहीं मुद्दा चुनाव के पूर्व क्षेत्रीय विधायक डॉ.योगेश पंडागरे ने विपक्ष के जबड़ेे से बाहर खींच लिया और अब विपक्ष चारों खाने चित्त नजर आ रहा है।
राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि, उजड़ती सारणी का मुद्दा निश्चित रूप से विपक्ष के पास एक ऐसा मुद्दा था, जो आमला सारणी विधान सभा की राजनीति का रुख किसी भी तरफ मोड़ सकता था , लेकिन भाजपा के इस मास्टर स्ट्रोक ने राजनीति की हवा एक बार फिर भाजपा की तरफ मोड़ दी है। इससे उजड़ती सारणी का कांग्रेस और आप द्वारा लंबे समय से किया जा रहा विरोध स्वत: समाप्त हो जाएगा, क्योंकि सुपर क्रिटिकल यूनिट स्थापित होने के बाद इस क्षेत्र की तस्वीर एक बार फिर बदलनी शुरू हो जाएगी।
रोजगार के अवसर मिलेंगे तो लोगों को इसका फायदा भी निश्चित रूप से मिलेगा और भाजपा के पक्ष में इसके सकारात्मक परिणाम भी आगामी चुनाव में देखने को मिलेंगे।