सुपर क्रिटिकल इकाई और तवा थ्री खदान की रख सकते हैं आधारशिला
▪️ कालीदास चौरासे, सारनी
CM In Sarni : (सारनी)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पाथाखेड़ा दौरा लगभग तय है। ऐसा इसीलिए कहा जा रहा है। क्योंकि सीएम के आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारी जोर शोर से चल रही है। बुधवार सुबह से शाम तक आला अफसरों ने पाथाखेड़ा क्षेत्र में ही डेरा डाले रखा। सीएम के आगमन को लेकर एक-दो नहीं, बल्कि कई बार हवाई पट्टी, स्टेडियम, फुटबॉल ग्राउंड और पाथाखेड़ा क्षेत्र का निरीक्षण किया।
कलेक्टर अमन वीर सिंह बैंस, एसपी सिद्धार्थ चौधरी, अपर कलेक्टर, एसडीम, एसडीओपी, तहसीलदार, मुख नगर पालिका अधिकारी, सीईओ समेत अन्य अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों को लेकर स्थान चिह्नित करते रहे। अच्छी बात यह है कि मुख्यमंत्री के आगमन से बहुप्रतीक्षित सुपरक्रिटिकल इकाई और तवा-3 भूमिगत कोयला खदान की सौगात पाथाखेड़ा क्षेत्र को मिल सकती है।
असमंजस में है अफसर(CM In Sarni)
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हेलीपैड, जनाशिर्वाद यात्रा और सभा को लेकर आला अफसर असमंजस में है। बुधवार को दिनभर हवाई पट्टी बगडोना, विजय स्टेडियम पाथाखेड़ा, फुटबॉल ग्राउंड पाथाखेड़ा, शासकीय महाविद्यालय बगडोना परिसर, रामराख्यानी स्टेडियम, ऑफिसर्स क्लब एबी टाइप और पावर प्लांट का निरीक्षण करने के बावजूद शाम तक अधिकारी यह तय नहीं कर पाए कि हेलीपैड कहां बनाया जाएगा और सभा कहां होगी। हालांकि शाम तक अफसरों का दौरा स्थान चिन्हित करने को लेकर चलता रहा।
फुटबाल ग्राउंड या विजय स्टेडियम में हो सकती है सभा(CM In Sarni)

मुख्यमंत्री की सभा फुटबॉल ग्राउंड पाथाखेड़ा या फिर विजय स्टेडियम में हो सकती है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि पाथाखेड़ा क्षेत्र में ही मुख्यमंत्री पैदल यात्रा कर सकते हैं। प्रशासन का भी पूरा फोकस पाथाखेड़ा क्षेत्र में ही सभा करने का है। दरअसल बगडोना, शोभापुर, पाथाखेड़ा और सारणी में सबसे बड़ा आबादी वाला क्षेत्र पाथाखेड़ा ही है। साल 2018 और साल 2012 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पाथाखेड़ा क्षेत्र में जन आशीर्वाद यात्रा और सभा कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पाथाखेड़ा में कोयला सत्याग्रह भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री सारणी, पाथाखेड़ा और बगडोना में मोटरबाइक से भी भ्रमण कर चुके हैं। इसीलिए भाजपा नेताओं और प्रशासन द्वारा सभा स्थल पाथाखेड़ा को ही चिन्हित करने पर जोर दिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर हवाई पट्टी या फिर कालेज परिसर में उतारा जा सकता है।