Diputy Collector Nisha Bangre : निशा का दावा: आरएसएस-भाजपा के लोगों ने पार्टी में आने का निमंत्रण दिया
Deputy Collector Nisha Bangre: Nisha claims: RSS-BJP people invited her to attend the party

डिप्टी कलेक्टर का भाजपा में जाने से इंकार, कहा- जिन्होंने इतना परेशान किया, कैसे भूलूंगी
Diputy Collector Nisha Bangre : (बैतूल)। छतरपुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर ने यह कहकर सनसनी फैला दी है कि आरएसएस और भाजपा के लोग उन्हें भाजपा ज्वाइन कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि भाजपा ज्वाइन कर लो, टिकट भी मिल जाएगी और राज्य शासन से इस्तीफा भी मंजूर हो जाएगा।
बकौल निशा उन्होंने इस तरह के आफर को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। जहां आत्मसम्मान की बात आती है, वहां समझौता नहीं किया जा सकता है। यानी निशा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे किसी भी हालत में भाजपा ज्वाइन नहीं करेगी, लेकिन आरएसएस और भाजपा के ऐसे कौन से पदाधिकारी है जो उनके संपर्क है? यह चिंतन का विषय हो सकता है, क्योंकि आमला विधानसभा से वर्तमान में एकमात्र विधायक डॉक्टर योगेश पंडाग्रे की टिकट तय मानी जा रही है।
निशा बांगरे की भले ही पॉलीटिकल एंट्री नहीं हुई हो, लेकिन सर्व धर्म सम्मेलन का आयोजन कर वह राजनेताओं से भी ज्यादा सुर्खियां बटोर चुकी है। इसके बाद उन्होंने आमला में आयोजित सर्वधर्म सम्मेलन की अनुमति नहीं मिलने के बाद 22 जून को नौकरी से इस्तीफा दे डाला। हालांकि यह इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है।
चार दिन पहले 22 जुलाई को इसकी डेडलाइन भी खत्म हो चुकी है। अब वे अपने इस्तीफे को लेकर हाईकोर्ट जबलपुर का दरवाजा खटखटाने वाली है। इस बीच एक इलेक्ट्रानिक चेनल में इंटरव्यू देकर सनसनी फैला दी है कि आरएसएस और भाजपा के कुछ लोग उन्हें भाजपा में लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
सांझवीर से चर्चा में भी बात कबूली
इस्तीफा देने वाली डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे ने भी भाजपा और आरएसएस के लोगों द्वारा उन्हें पार्टी में शामिल कराए जाने को लेकर सांझवीर टाईम्स ने सवाल किया तो उन्होंने इस बात को दोहराया है। बांगरे ने कहा कि आरएसएस और भाजपा के कुछ लोग उन्हें पार्टी ज्वाइन करने का ऑफर दे रहे हैं। उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है कि यदि भाजपा ज्वाइन करते हैं तो राज्य शासन को उनके द्वारा दिया गया इस्तीफा स्वीकार होने के साथ आमला से टिकट भी दिला दी जाएगी।
भाजपा ज्वाइन करने के प्रश्न पर सांझवीर टाईम्स को उन्होंने बताया कि इस तरह का ऑफर उन्हें कतई मंजूर नहीं है। डिप्टी कलेक्टर बांगरे ने कहा कि जहां स्वाभिमान की बात हो वहां पर इस तरह के ऑफर स्वाीकार नहीं किए जा सकते हैं। जो हमारे विचार का सम्मान नहीं कर सकते हैं, उनके साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने दोहराया है कि भाजपा उन्हें कितने भी ऑफर दे दे वे हरगिज भाजपा का दामन नहीं थामेगी।
कुल मिलाकर पिछले दिनों हुए घटनाक्रम के बाद डिप्टी कलेक्टर बांगरे के भाजपा के प्रति तीखे तेवर अब भी बरकरार है। राजनैतिक प्रेक्षक उनकी इस तरह की बात को भाजपा से दो-दो हाथ करने की तैयारी बता रहे हैं।
भाजपा में गई तो पंडाग्रे का क्या होगा?
निशा बांगरे की बात पर यकीन करें तो आमला के वर्तमान विधायक डाक्टर पंडाग्रे के लिए यह जांच का विषय हो सकता है कि आखिर कौन आरएसएस और भाजपा के पदाधिकारी है जो निशा बांगरे को पार्टी में शामिल कराना चाहते हैं। वर्तमान में आमला में डॉ. पंडाग्रे के अलावा अन्य कोई दावेदार नहीं है, इसलिए उनके लिए भी चिंतन करने की जरूरत अधिक है।
यदि भाजपा डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को पार्टी में शामिल करा लेती है तो आमला विधायक डॉ. पंडाग्रे के राजनैतिक भविष्य पर खतरा मंडराना तय माना जा रहा है।
टिकट के दावेदार कांग्रेसियों में भी खासी बेचैनी
आमला विधानसभा से कांग्रेस से विधानसभा से टिकट के दावेदार भी चाह रहे होंगे कि निशा बांगरे भाजपा ज्वाइन कर ले, लेकिन उनकी मुराद पूरी नहीं हो पाएगी।
दरअसल, बांगरे ने दो टूक शब्दों में भाजपा में जाने से इंकार कर दिया है। इसके बाद तय है कि यदि उनका इस्तीफा राज्य शासन ने स्वीकार किया है या हाईकोर्ट में पीटीशन से राहत मिल गई तो वह टिकट की सबसे बड़ी दावेदार हो जाएगी। ऐसी स्थिति में करीब चार कांग्रेस दावेदारों के अरमानों पर सीधे तौर पर पानी फिर सकता है।
इनका कहना….
मैं किसी भी हाल में भाजपा ज्वाइन नहीं करूंगी। जहां मेरी विचारधारा और स्वाभिमान का ध्यान नहीं रखा, उस पार्टी में जाने का सवाल ही नहीं उठता। इतना जरूर है कि भाजपा और आरएसएस के लोग मुझे ऑफर दे रहे हैं।
निशा बांगरे, डिप्टी कलेक्टर मप्र शासन




