Betul Samachar: 33 केवी लाइन का सेफ्टी गार्ड टूटकर रेलवे की ओएचई लाइन पर गिरा, 4 घंटे बंद रहा अप और डाउन ट्रेक
Betul News: The safety guard of 33 KV line broke and fell on the railway's OHE line, up and down track remained closed for 4 hours

चेन्नई-नई दिल्ली मार्ग पर दर्जनों ट्रेनें रोकी, सुबह 7 बजे यातायात हुआ बहाल
Betul Samachar: बैतूल। जिले में बीती रात हुई भारी बारिश ने रेलवे सेवाओं को गंभीर रूप से बाधित कर दिया। बारिश के चलते बिजली कंपनी की 33 केवी लाइन का सेफ्टी गार्ड टूटकर नीचे से गुजर रही रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन पर गिर गया। हादसा सोनाघाटी के पास रात्रि करीब 2.50 बजे हुआ, जिससे नई दिल्ली-चेन्नई रेलमार्ग पर रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों की अगुवाई में दल सुधार कार्य करने के लिए मौके पर पहुंचा। सुबह 7 बजे तक सुधार कार्य चलता रहा। सबसे पहले डाउन ट्रेक तो इसके कुछ घंटों बाद आप ट्रेक से ट्रेनों की आवाजाही शुरू की गई। इस दौरान दोनों ट्रेक की कई ट्रेनों को पूर्व के स्टेशनों पर रोककर रखा। इसी वजह चेन्नई- नई दिल्ली प्रमुख ट्रेक से होकर जाने वाली ट्रेनें विलंब से चली।
ओएचई केबल टूटते ही पावर हुआ कट
जानकारी के मुताबिक रात्रि करीब ढाई बजे सोनाघाटी के समीप बिजली कम्पनी की 33 केवी लाइन पर लगा सेफ्टी गार्ड टूटकर नीचे से गुजर रही रेलवे लाइन की ओएचई लाइन के सम्पर्क में आ गई थी। घटना के कारण ओएचई लाइन का इंसुलेटर फट गया और केबल गार्ड टूटकर रेलवे ट्रैक पर जा गिरा। इस आपात स्थिति के चलते रेलवे प्रशासन को तुरंत ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से पेंचव्हेली और समता एक्सप्रेस को बैतूल तथा राजधानी एक्सप्रेस को मरामझिरी स्टेशन पर रोक दिया गया।
इसके अलावा तकरीबन दर्जन भर ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों और कुछ को ट्रैक पर ही रोकना पड़ा। उच्च अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद तत्काल दल मौके पर रवाना कर सुधार कार्य शुरू किया गया। सुबह करीब 4. 25 मिनट पर सबसे पहले डाउन ट्रेक शुरू कर नागपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों को एक एक कर रवाना किया गया। अप ट्रेक का काम सुबह 7 बजे खत्म होने के बाद इस ट्रैक पर भी ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। इस दौरान तकनीकी दलों द्वारा ओएचई लाइन को ठीक करने इंसुलेटर बदलने और ट्रैक से टूटे हुए केबल गार्ड दुरुस्त किए जाने का कार्य शामिल था।
फजीहत में फंसे यात्री, रेलवे को भी करोड़ों का नुकसान
इस घटना के चलते रेल यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देर रात से ही ट्रेनें जहां-तहां खड़ी रही। कुछ ट्रेन स्टेशनों पर तो कुछ स्टेशनों के बाहर ट्रेक पर खड़ी रही, इससे यात्री रातभर ट्रेनों में फंसे रहे। बैतूल, इटारसी, नागपुर समेत अन्य स्टेशनों पर रेल सेवाओं में आई इस रुकावट से अफरा-तफरी का माहौल बन चुका था। कई यात्रियों को निर्धारित समय से घंटों देरी से गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे को इस घटना से लाखों करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई गई है।
ओएचई लाइन की मरम्मत, उपकरण बदलने और ट्रेनों की देरी के कारण यह आर्थिक क्षति संभावित मानी जा रही है। हालांकि समय रहते तकनीकी दलों ने मुस्तैदी दिखाते मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा किया और ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू की। बताया जा रहा है कि रेलवे प्रशासन और बिजली कंपनी दोनों ही घटना की जांच में जुटे हुए हैं कि आखिर सेफ्टी गार्ड कैसे टूटा और इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए कौन-कौन से तकनीकी उपाय किए जा सकते हैं।
संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की गंभीर घटनाएं रोकी जा सकें। इस पूरी घटना ने एक बार फिर मानसून के मौसम में बिजली और रेलवे जैसी बुनियादी सेवाओं के समन्वय और सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं। समय रहते स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तकनीकी टीमों की तत्परता सराहनीय रही, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो, इसके लिए स्थाई समाधान ढूंढना भी आवश्यक है।




