Betul Samachar : नरसिंहपुर से निलंबन के बाद फिर बैतूल पदस्थ किए गए डॉ. धाकड़

Betul Samachar: After suspension from Narsinghpur, Dr. Dhakad again posted in Betul.

विवादों से उनका चोली-दामन का साथ, राजनीतिक रसूख इतना की एक दिन में मंडला से बैतूल करवा लिया तबादला

Betul Samachar : (बैतूल)। बैतूल में सीएमएचओ और सिवल सर्जन रहकर विवादों में रह चुके डॉ. प्रदीप धाकड़ की एक बार फिर जिला अस्पताल में पदस्थापना हो गई है। आचार संहिता लगने के पहले और आदेश बाद में आने पर उनकी पदस्थापना भी सुर्खिया बटोर रही है। चौकाने वाली बात तो यह है कि सीएमएचओ नरसिंहपुर में पदस्थ रहते हुए बैतूल की तरह अधीनस्थ स्टाफ ने गंभीर आरोप लगाते हुए अनियमित्ता के आरोप लगने पर उन्हें पद से हटाकर जिला अस्पताल में ही पदस्थ कर दिया था। इसके बाद राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें 6 अक्टूबर को मंडला और अगले ही दिन तबादला संशोधन करते हुए बैतूल पदस्थ करने के आदेश जारी कर दिए। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग में डॉ. धाकड़ की कितनी घुसपैठ और रसूख है।

बैतूल में लंबी पारी खेलने वाले डॉ.धाकड़ की जिला चिकित्सालय में सर्जन के रूप में पदस्थापना हुई। इसके बाद वे अपने राजनैतिक रसूख का उपयोग करते हुए पहले सिविल सर्जन पदस्थ हुए। पदस्थापना के दौरान कई बार विवादों और सुर्खियों में रहे।

विवादों के बाद जब उन्हें सिविल सर्जन पद से हटाया तो अपने राजनैतिक आकाओं के बुत्ते रिक्त हुए सीएमएचओ के पद पर भी आसीन हो गए। यहां भी कई संगीन आरोप स्टॉफ ने उन पर लगाए। सुर्खियां यही पर कम नहीं हुई। अपने अधीनस्थ एक स्टॉफ नर्स के साथ शाहपुर से बैतूल आते समय हादसा हो गया। हादसे में डॉ.धाकड़ तो बाल-बाल बच गए, लेकिन स्टॉफ नर्स की जान चली गई। उस समय वे जमकर सुर्खियों में आ गए। उस समय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि नर्स की हादसे में मौत के बाद वे दाहड़ मारकर भी रोए थे। हालांकि उस समय उनकी विदाई हो गई।

आरोपों का रिकार्ड बना

उनके कार्यकाल में आरोपों का जैसे रिकार्ड बन गया। जिला अस्पताल में सर्जन रहने के दौरान आपरेशन के नाम कई मरीजों के परिजनों से रुपए की मांग तक की गई। इतना ही नहीं एक मुस्लिम परिवार के साथ धक्का-मुक्की का मामला भी सुर्खियों में सिविल सर्जन रहते हुए घटित हुआ था। इतना ही नहीं वर्ष 19 फरवरी 2020 से 30 मार्च तक सिविल सर्जन रहते हुए विवादों में रहते उन्हें पद से हटाया तो जिला अस्पताल में पदस्थ किए गए। इसके बाद 26 जून 2020 से 5 फरवरी 2021 तक सीएमएचओ बैतूल के पद पर रहने के दौरान विवादों के आरोप लगते रहे। महिला नर्सिंग स्टॉफ ने कई संगीन आरोप भी लगाए। इस बीच सितंबर 2020 में उनके वाहन से बैतूल आ रही नर्स का हादसे में निधन हो गया, तब इन्हें पद से हटना पड़ा। इसके बाद जिला अस्पताल में पदस्थ किए गए।

नरसिंहपुर में लगे आरोप तो यहां से भी नपे

जानकार सूत्र ने बताया कि अपने राजनैतिक रसूख का उपयोग करते बैतूल से कुछ माह पहले ही उन्हें नरसिंहपुर का सीएमएचओ बनाया गया, लेकिन यहां पर भी विवादों का चोली-दामन का साथ रहा। गत माह उन पर कुछ महिला कर्मचारियों ने रात में अपने आवास पर बुलाने के आरोप लगाए तो बवाल मच गया। कुछ दिनों बाद जिले के औषधी केंद्रों में दवाइयों की डिमांड और अन्य गड़बड़ी के बाद कलेक्टर नरसिंहपुर के जांच प्रतिवेदन के बाद उन्हें स्वास्थ्य संचनालय स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल नरसिंहपुर में पदस्थ कर दिया था। 5 अक्टूबर को उनका मंडल तबादला हुआ, लेकिन रसूख के सहारे वे अगले ही दिन आदेश में परिवर्तन कराकर बैतूल जिला अस्पताल पदस्थ हो गए। उनकी पत्नी वंदना धाकड़ पहले से ही यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में पदस्थ है।

अधिकारियों ने बैतूल को समझा चारागाह

यह समझ से परे हैं कि बैतूल की परिपक्व और मंजी हुई राजनीति के बावजूद अधिकारी जब तक चाहे तब तक पदस्थ रहते हैं। इसके अलावा जिले से रवाना होते ही कुछ माह में दोबार पदस्थ हो जा रहे हैं। इसके कई उदाहरण अब तक देखने को मिल चुके हैं। डॉ.धाकड़ अकेले ऐसे नहीं है, उनके अलावा दर्जनों अधिकारी बैतूल को चारागाह समझते हुए अपनी पदस्थापना राजनैतिक रसूखों से करवा रहे हैं।

अभी बिजली कंपनी, महिला एवं बाल विकास, आपूर्ति विभाग, रजिस्टार समेत आधा दर्जन विभागों में मौजूदा अधिकारी ऐसे हैं जो पूर्व में बैतूल रह चुके हैं और फिर अपनी पदस्थापना यहां पर करवा चुके हैं। कुछ अधिकारी तो ऐसे भी है जो अंगद के पैर की भांती यहां पर जमे हुए हैं, इनमें जिला शिक्षा केंद्र, कृषि और पीडब्ल्यूडी में पदस्थ है। इनमें से तो कई ऐसे हैं जिनका कार्यकाल तीन वर्ष का हो चुका है, लेकिन वे यहां जमे हैं। कुछ अधिकारी ऐसे भी है जो बैतूल से रिटायरमेंट कराने के लिए कोर्ट से स्टे तक लेकर आ चुके हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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