Betul News: सही साबित हुआ सांझवीर का चुनावी आंकलन
Betul News: Sanjhveer's election assessment proved correct

आखिर आमला छोड़ शेष विधानसभा में कांग्रेस ने घोषित किए प्रत्याशी, बह्मा की टिकट कटी

Betul News:(बैतूल)। पितृ पक्ष का समापन होते ही चुनावी उम्मीदवारों के पत्ते ओपन होना शुरू हो गए हैं। रविवार सुबह कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद बैतूल जिले की पांच विधान सभाओं में से चार विधानसभाओं में कांग्रेस प्रत्याशियों के एलान कांग्रेस ने कर दिया है। सांझवीर टाईम्स ने अपने गतांक में संभावना जाहिर कर दी थी कि किस विधानसभा से कांग्रेस का कौन उम्मीदवार तय होगा। जारी सूची में मुलताईं विधानसभा से सुखदेव पांसे, बैतूल से निलय डागा, भैंसदेही से धरमू सिंह सिरसाम और घोड़ाडोंगरी से नए चेहरे राहुल उइके को कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतारा है।
घोड़ाडोंगरी के वर्तमान विधायक बह्मा भलावी की आखिर टिकट काट दी गई है। उनकी रिपोर्ट कांग्रेस के हर सर्वे में खराब बताई जा रही थी। इधर भाजपा ने भैंसदेही से महेंद्र सिंह चौहान, आमला सारणी से डॉ.योगेश पण्डागरे, मुलताई से चंद्रशेखर देशमुख एवं घोड़ाडोंगरी से गंगा सज्जन सिंह उइके के नाम का एलान पहले ही कर दिया था। बताया जा रहा है कि बैतूल विधानसभा से पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल का नाम लगभग फाइनल है। केवल औपचारिक घोषणा होना है। इस तरह से प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने बैतूल जिले की पांचों विधान सभाओं में चुनावी तस्वीर साफ कर दी है।
घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही, मुलताई में सीधा मुकाबला
दोनो ही पार्टियों ने अपनी-अपनी एक-एक सीट होल्ड पर रखी हुई है। कांग्रेस ने आमला और भाजपा ने बैतूल। बची हुई तीन सीटों घोड़ाडोंगरी, भैंसदेही और मुलताई पर अब सीधा मुकाबला होगा । मुलताई में सुखदेव और चंद्रशेखर दो-दो हाथ करेंगे तो वहीं घोड़ाडोंगरी में पूर्व विधायक स्व. सज्जन सिंह उइके की पत्नी गंगा उइके के बीच टक्कर होगी। भैंसदेही में एक बार फिर धरमू सिंह का मुकाबला महेंद्र सिंह चौहान से होने जा रहा है।
जयस से नहीं बैठी कांग्रेस की पटरी
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कांग्रेस की सूची में चार विधानसभाओं से प्रत्याशी फाइनल होने के बाद भैंसदेही विधानसभा में एक बार फिर कांग्रेस ने मौजूदा विधायक धरमू सिंह सिरसाम पर दांव खेला है। अभी तक भैंसदेही में जो समीकरण बन रहे थे, उससे ऐसा माना जा रहा था कि इस बार धरमु का टिकट कट जाएगा, वो इसलिए कि जयस इस बार पूरी ताकत से चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जयस के मैदान में होने से कांग्रेस को नुकसान का डर भी सता रहा था। कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस जयस के साथ समझौता कर सकती है। इसके प्रयास भी किए गए।
बताया जा रहा है कि इसके लिए कांग्रेस के जिला प्रभारी एवं जयस के जिला अध्यक्ष के बीच गुप्त मीटिंग भी की गई थी। कयास यह भी लगाए जा रहे थे कि समझौता होने पर भैंसदेही से धरमू की जगह जयस के संदीप को चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है। पर जिस तरह से कांग्रेस ने भैंसदेही से पुन: धरमू को चुनावी रन में उतार दिया है उससे साफ है कि जयस और कांग्रेस के बीच पटरी नहीं बैठ पाई है।
निशा का निपटारा नहीं तो कौन होगा सिरमौर
जिले की चार विधान सभाओं में चुनावी तस्वीर साफ होने के बाद अब सबकी नजरें आमला विधानसभा के कांग्रेस उम्मीदवार पर टिकी हुई हैं। यहां से डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे की दावेदारी तो तगड़ी है, लेकिन इस्तीफे के पेंच फंसने के चलते मामला अटका हुआ है। सवाल यह है कि यदि समय रहते निशा के मामले का निपटारा नहीं होता है तो कांग्रेस किस पर अपना दांव खेलेगी। निशा के बाद मनोज मालवे का नाम आ रहा है, तो दूसरे नम्बर पर जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष मोनिका निरापुरे का। चौथे नम्बर पर जिला पंचायत सदस्य हितेश निरापुरे की दावेदारी भी तगड़ी बताई जा रही है।
राजनीतिक समीक्षकों की माने तो निशा के बाद यदि मनोज के नाम पर विचार किया जाता है तो उनके नाम के साथ कुछ नेगेटिव प्रोफाइल और वर्ष 2018 का हारा हुआ चुनाव आड़े आ सकता है। आमला में पार्टी के भीतर उनका विरोध भी बताया जा रहा है। तीसरे नम्बर पर यदि मोनिका की बात करें तो वर्ष 2018 में भी उनकी दावेदारी सामने आ चुकी है। मोनिका के पार्टी के प्रति समर्पण , साफ और शांत स्वभाव के साथ साथ स्वच्छ छवि का उन्हें लाभ मिल सकता है। रही बात जिला पंचायत सदस्य हितेश निरापुरे की दावेदारी की तो विपरीत परिस्थितियों में कांग्रेसियों के विरोध के बावजूद जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतना उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। वैसे सूत्रों की माने तो प्रदेश से स्क्रिनिंग कमेटी दिल्ली भेजे गए तीन नाम निशा, हितेश और मनोज में से ही कोई एक नाम तय होने की संभवना है।




