Betul News : सारणी की 660 मेगावाट नई इकाई से 2030 में शुरू होगा उत्पादन

पावर जनरेटिंग कंपनी ने भेल को जारी किया 684 करोड़ का अग्रिम भुगतान, रंग ला रहे विधायक पंडाग्र के प्रयास
Betul News : बैतूल/सारनी। मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी ने सतपुड़ा और चचाई में लगने वाली 660-660 मेगावाट को दो परियोजनाओं के लिए 684 करोड़ की अग्रिम राशि जारी कर दी है। यह दोनों नवीन परियोजनाओं से जून 2030 से बिजली उत्पादन शुरु करने की तिथि तय कर दी गई है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने नई अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल ताप इकाइयों के क्रियान्वयन की दिशा में दर्ज की महत्वपूर्ण प्रगति भेल को 684 करोड़ रुपए की प्रथम अग्रिम राशि जारी की है। यह सारी कवायद स्थानीय और सक्रिय विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे के प्रयासों से संभव हो रहा है। वे सारणी में लगातार नई इकाइयों को शुरू करने के लिए न सिर्फ मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बल्कि ऊर्जा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क में लगे हैं। 660 मेगावाट की यह यूनिट शुरू होते ही सारणी की पुरानी रौनक लौटने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की 660-660 मेगावाट की भावी दो नई ताप विद्युत इकाईयों के निर्माण की दिशा में उस समय एक नया मील का पत्थर जुड़ा जब दोनों इकाईयों के निर्माण के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल-भेल) को 684 करोड़ रूपए का अग्रिम भुगतान किया गया। यह इकाईयां सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में बनेंगी।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा दोनों इकाइयों के निर्माण के लिए बीते 29 सितंबर को भेल को नोटिफिकेशन ऑफ अवॉर्ड जारी किया गया। आगामी 57 माह में बनेंगी दोनों यूनिट-मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी द्वारा भेल को किए गए इस अग्रिम भुगतान के परिणामस्वरूप दोनों परियोजनाओं की प्रभावी तिथि 29 सितंबर निर्धारित हो गई है।
संविदात्मक प्रावधानों के अनुसार, भेल को दोनों इकाईयों के निर्माण, परीक्षण एवं सफल परिचालन सहित संपूर्ण कार्य 57 माह में (जून 2030 तक) मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को हस्तांतरित करने होंगे। सितंबर 2025 में मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन ऑफ अवॉर्ड के अंतर्गत सप्लाई, इरेक्शन एवं सिविल कार्यों से संबंधित सभी तकनीकी एवं संविदात्मक बिंदुओं पर दोनों कंपनियों के मध्य विस्तृत सहमति स्थापित की गई थी।
अनुमतियां मिली, अब तेजी से होगा काम
दोनों परियोजना को मिली आवश्यक स्वीकृति-दोनों परियोजनाओं के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आवश्यक स्वीकृति भी मिल चुकी है। इससे परियोजना क्रियान्वयन को सुगमता एवं गति प्राप्त होगी। यह कदम न केवल राज्य की भविष्य की ऊर्जा मांगों को पूरा करने में सहायक होगा, बल्कि उत्पादन क्षमता के आधुनिकीकरण की दिशा में भी एक प्रभावी पहल है।
अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक से होगा उत्पादन
दोनों इकाईयां अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक से विद्युत उत्पादन करेंगी-सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी व अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई में 660-660 मेगवाट की दोनों इकाइयों में विद्युत उत्पादन जून 2030 से प्रारंभ किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह दोनों ताप विद्युत इकाइयां अत्याधुनिक, उच्च दक्षता वाली अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित रहेंगी। बीएचईएल (भेल) इन इकाइयों के लिए बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर एवं अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी संरचनाओं की आपूर्ति और निर्माण का कार्य करेगा।
इनका कहना….
660 मेगावाट की नई इकाई सारणी के लिए मील का पत्थर साबित होगी। टेंडर जारी होने के बाद शीघ्र ही काम शुरू होने पर स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
डॉ योगेश पंडाग्रे, विधायक आमला-सारणी।




