Administrative Corner : कौनसे टीआई का ठकेदारों से प्रेम शहर में बना चर्चा का केंद्र? रिटायरमेंट के पहले इन साहब के काम मे आखिर क्यों आई चीते जैसी फूर्ति?? किस थानेदार के अजीब शौक के आगे सारे फेल??? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

Administrative Corner : Which TI's love affair with contractors became the center of discussion in the city? Why did this sir have the agility like a leopard in his work before retirement?? Everyone failed before the strange hobby of which police officer??? Read our popular columns in the administrative corner...

Administrative Corner : बैतूल अनुविभाग के एक प्रमुख थाने के टीआई का शराब ठेकेदार के प्रति स्नेह सूर्खियों में है। मामला पिछले दिनों का बताया जा रहा है, जब दो ठेकेदारों के कर्मचारियों में विवाद हुआ तो साहब ने एक ठेकेदार के प्रति स्नेह रखने के कारण एक तरफा मामला बना डाला। यह मामला जब कप्तान साहब तक पहुंचा तो उन्हें भी पट्टी पढ़ा दी। गलतियां दोनों पक्षों से रहने के बावजूद एक काउंटर केस नहीं बनाया गया। मामला आईजी तक पहुंच गया।

खबर है कि आईजी ने टीआई की खूब लू उतारी। इसके बाद उनके तेवर ठंडे पड़ गए। कहा तो यह भी जा रहा है कि वे बैतूल की मीडिया से भी इस मामले को लेकर उलझ बैठे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मामला आईजी तक पहुंच जाएंगा और हल्की हो जाएगी।

रिटायरमेंट के पहले काम में चीते जैसी फूर्ति

रिटायरमेंट का दुख किसे नहीं सताता, वर्षो की तपस्या के बाद नौकरी हासिल होती है, लेकिन काम से मुक्ति मिलने के बाद मन नहीं लगता। यही वजह है कि एक निकाय के बड़े साहबों में शुमार अधिकारी रिटायरमेंट की उम्र में भी चीते जैसी फूर्ति से काम कर रहे है। अब तक वे लो प्रोफाईल रहकर काम करने वाले अधिकारियों में गिने जाते थे, लेकिन पिछले दिनों लंबे अवकाश से लौटने के बाद उनकी फूर्ति देखकर ऐसा लग रहा है कि साहब ने तंदूरस्ती का टॉनिक लेने के बाद कसरत भी कर रहे है, तभी तो फाईलें निपटाने में चीते जैसी फूर्ति दिखा रहे है। ठेकेदारों से लेकर अन्य लोग भी साहब की फूर्ति को लेकर तरह-तरह की कानाफुसी कर रहे है। चुटकियां ली जा रही है कि साहब आचार संहिता के बाद रिटायरमेंट होंगे, इसके पहले ही सारी फाईलें फटाफट निपटाकर टेबल का बोझ हल्का कर रहे है।

इनके शौक के आगे सभी फेल

शासकीय नौकरी के साथ अपना शौक पूरा करना चुनौती भरा है। समय मिलने पर यह शौक पूरा हो जाए तो बात ही अलग है। पुलिस विभाग के एक तीन स्टार की हैसियत रखने वाले अधिकारी इन दिनों अपनी आदत के कारण सूर्खियों में है। इनके बारे में कहा जा रहा है कि शाम ढलने के बाद अपनी महफिल सजाने लगते है। जहां दो पैग मिले, वहीं चियर्स करने नहीं चुकते।

रात 8 बजे के बाद साहब बहकी-बहकी बातें क्यों करते है यह तो सबको पता चल गया। इसके अलावा धुंआ के कश उड़ाने में अपने चेम्बर का उपयोग करने से भी नहीं चुकते। दूसरों को नसीहत देने वाले पुलिस विभाग के इन साहब से विभाग के लोग भी खासे परेशान है। बताते चले कि साहब ने अपनी करतूतों को छिपाने के लिए अपने थाने परिसर में हरे रंग की मेड भी लगा रही है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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