Nautapa 2026: नौतपा ने बिगाड़े हालात: उल्टी-दस्त, बुखार और चर्म रोग के मरीजों में तेजी से इजाफा

जिला अस्पताल की ओपीडी में बड़ा दबाव, 200 मरीज इन्हीं बीमारियों के
Nautapa 2026: बैतूल। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान और लू जैसे हालात के चलते उल्टी-दस्त, बुखार, डिहाइड्रेशन और चर्म रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण जिला अस्पताल पर भी दबाव बढ़ गया है, जबकि दवाइयों की खपत में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है। नौतपा के दौरान पड़ रही तेज गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। इसका सीधा असर अस्पतालों की ओपीडी पर देखा जा रहा है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज मौसमी बीमारियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा अब 800 के पार पहुंच चुका है, जिनमें से लगभग 150 से 200 मरीज केवल मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी और लू के कारण शरीर में पानी की कमी तेजी से हो रही है, जिससे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही त्वचा पर होने वाले संक्रमण और चर्म रोग के मामले भी बढ़े हैं। कई मरीजों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है।
दवाईयों की खपत बढ़ी
जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही दवाइयों की खपत में भी वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुमान के अनुसार, ग्लूकोज की बोतलें, बुखार की दवा पैरासिटामॉल और दस्त के इलाज के लिए ओआरएस का उपयोग काफी बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन मांग में अचानक वृद्धि के कारण सप्लाई व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
अनुमान है कि मौसमी बीमारियों के कारण दवाइयों की खपत में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह समय विशेष सावधानी बरतने का है, क्योंकि तेज गर्मी शरीर को तेजी से कमजोर कर रही है। डॉक्टर मरीजों को लगातार जागरूक कर रहे हैं और बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
बचाव के लिए यह करें उपाएं
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जगदीश घोरे ने बताया कि इस मौसम में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर के समय जब धूप तेज होती है, उस दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को सिर ढककर ही बाहर जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि तली-भुनी और भारी भोजन से बचना चाहिए तथा ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे तरबूज, खरबूज आदि। बच्चों को नियमित अंतराल पर पानी पिलाते रहना चाहिए, क्योंकि शरीर में पानी की कमी से उनकी तबीयत जल्दी बिगड़ सकती है। छह महीने से कम उम्र के बच्चों को समय-समय पर स्तनपान कराना भी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही खानपान अपनाकर लोग इन मौसमी बीमारियों से बच सकते हैं और गर्मी के दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इनका कहना…
तेज गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 30 से 40 बच्चे तथा 70 से 80 युवा और बुजुर्ग विभिन्न प्रकार की मौसमी बीमारियों का इलाज कराने अस्पताल आ रहे हैं।
डॉ. जगदीश घोरे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूल
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए कृपया इस लिंक पर क्लिक करें
👇https://chat.whatsapp.com/KWRuTRhIWoXDiwhdwiCm29?mode=gi_t
बैतूल जिले की ताजा खबरें (Hindi News Madhyapradesh) अब हिंदी में पढ़ें| Trending और Viral खबरों के लिए जुड़े रहे snewstimes.com से| आज की ताजा खबरों (Latest Hindi News) के लिए सर्च करें snewstimes.com




