Betul NPA : नपा में महीनों से धूल खा रही फाईलें, पूर्व अध्यक्ष ने फेसबुक पर डाली पोस्ट तो मचा हडक़ंप

Betul NPA: Files gathering dust in NPA for months, former president posted a post on Facebook, created a stir

नावी वर्ष में भी अधिकारियों का ध्यान नहीं, कई पार्षद भी नाराज

Betul NPA (बैतूल)। जिला मुख्यालय की नगरपालिका में चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर अधिकारी भारी पड़ रहे है। यह सिलसिला नया नहीं काफी पुराना बताया जाता है, लेकिन ढर्रा नहीं बदलने से सत्तारूढ़ भाजपा के पार्षदों को वार्ड के लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है। मंगलवार को नगरपालिका में ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और विकास वार्ड के जुझारू पार्षद आनंद प्रजापति प्रथम तल पर स्थित लोक निर्माण कार्यालय पर पहुंचे तो उन्हें फाईलों का जखीरा धूल खाते हुए दिखा।

जागरूक पार्षद ने तत्काल इस संबंध में यहां के उपयंत्री और कर्मचारियों से पूछा तो जानकारी सामने आई कि अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने से फाईलें धूल खा रही है। श्री प्रजापति ने एक पोस्ट भी फेसबुक पर डालकर फाईलों की फोटो भी डाली। इसकी सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। लोग कह रहे है कि पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के वार्ड के काम नहीं हो रहे फिर दूसरे पार्षदों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। खबर है कि अन्य पार्षद भी नगरपालिका के जिम्मेदारों की इस कार्यप्रणाली से नाराज है। कहीं ने कहीं इसके पीछे कमीशनबाजी का खेल कहा जा रहा है।

जानकार सूत्र बताते है कि बैतूल नगरपालिका में अधिकारियों की लाल फीताशाही के कारण चुने हुए जनप्रतिनिधि अपने आप को अपमानित महसूस कर रहे है। बड़ी बात यह है कि वार्ड के लोग काम न होने से पार्षदों के घर धावा बोल रहे है। बेचारे पार्षद नगरपालिका के अधिकारियों के चेम्बर में जा-जाकर टेण्डर हो चुके है और अन्य कामों का वर्क आर्डर जारी करने के लिए गुहार लगा रही है, लेकिन न सिर्फ विपक्षी बल्कि सत्ता पक्ष के पार्षदों की भी एक नहीं सुनी जा रही है।

इस मामले में सांसद दुर्गादास उईके और पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल को भी पार्षदों ने अपनी पीड़ा बताई। हालांकि नए सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया के आने के बाद व्यवस्था कुछ सुधार हुआ, लेकिन नए सीएमओ को भी वर्षो से जमी अधिकारियों की टीम ने घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी का नतीजा है कि कुछ वर्क आर्डर जारी होने के बाद कमीशनबाजी के चक्कर में पार्षदों के काम आगे नहीं बड़ा पा रहे है।

चेम्बरों में घंटो बैठ रहे पार्षद (Betul NPA)

कई पार्षदों ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि वे चुने हुए जनप्रतिनिधि है। वार्ड के लोगों की समस्या के आधार पर सडक़, नाली निर्माण, सीसी सडक़ एवं समस्या बताने जाते है और काम की शुरूआत करने का आग्रह करते है। पार्षदों ने बताया कि उनके सुझाए गए कामों को परिषद में ले लिया जाता है, लेकिन टेण्डर की प्रक्रिया होने के बाद कई व्यवधान आ रहे है। अधिकांश कामों का वर्कआर्डर तक महीनों से जारी नही किया जा रहा है।

वे बताते है कि सीएमओ समेत ईई, एई और उपयंत्रियों के पास घंटो बैठना पड़ता है। मनुहार लगाने के बावजूद सभी एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे है, इससे निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहे है। अधिकांश ठेकेदारों ने भी एई समेत अन्य अधिकारियों पर जानबूझकर फाईलों में हस्ताक्षर न करने और कई मीन-मेख निकालने के अप्रत्यक्ष आरोप लगाए। इस बात की जानकारी सीएमओ को भी दी जा चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया। इसी वजह पार्षदों की नाराजगी चरम पर पहुंच गई है।

भाजपा नेता-उपयंत्री में तकरार

बुधवार को नपा में भाजपा नेता इंदी वालिया और जल शाखा प्रभारी ब्रजेश खानूरकर के बीच विवाद हो गए। भाजपा नेता का आरोप था कि एक माह से जयप्रकाश वार्ड में पाईप नहीं लगे, इसके लिए सांसद तक फोन कर चुके है, लेकिन उपयंत्री गुमराह कर रहे है। वे बुधवार सीधे नपा पहुंचे और उपयंत्री से सवाल पूछने लगे, इस पर दोनों के बीच तकरार हो गई।

फेसबुक पर लोगों की तीखी टिप्पणी (Betul NPA)

पूर्व नपाध्यक्ष आनंद प्रजापति द्वारा फाईलों की दुर्दशा देखकर मंगलवार दोपहर में अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट की है। देखते ही देखते इस पोस्ट पर दर्जनों लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त है। दरअसल उन्होंने लिखा था कि नगरपालिका में हस्ताक्षर के इंतजार में पड़ी फाईलों का वजन से दम घूट रहा है। फालोअर्स ने इस पर कई प्रतिक्रिया जाहिर की है। महेन्द्र साहू ने लिखा है कि यही सत्य है, प्रशासन हावी है। पवन गुजरे ने लिखा है कि फाईलें तो बड़ी बात, घरों के सामने स्ट्रीट लाईट नहीं लग पा रहे है। रिंकु करोसिया ने लिखा है कि आपकी ही नगरपालिका का यह हाल है। कुमारजीत वर्मा ने लिखा कि जब आपकी बात कोई नहीं सुन रहा तो आम लोगों की कोई औकात नहीं।

गणेश वार्ड के पार्षद विजय जसूजा ने भी कटाक्ष करते हुए लिखा कि आप तो नगरपालिका के भीष्म पितामाह हो, अर्जुंन भी पांडवों के साथ लगा हुआ है। किस वार्ड के कितने लगे कितने लगने बाकी है दोनों चिंता का विषय है। कालू चंंदवानी ने लिखा कि 25 वर्षो से सडक़ नहीं बनी है। रघुनाथ राने फाईलें वजन के इंतजार में अटकने का उल्लेख किया।

इनका कहना…

कल नगरपालिका के लोक निर्माण शाखा गया था। यहां फाईलें धूल खाते देख मन आहत हुआ तो फेसबुक पर पोस्ट डाल दी। इस परम्परों को अधिकारियों को बदलना चाहिए।

आनंद प्रजापति, पूर्व नपाध्यक्ष एवं पार्षद, विकास वार्ड, बैतूल

मुझे इस संबंध में जानकारी मिली है। जिस तरह पेडेंसी की शिकायतें आ रही है, अवकाश के बाद आकर पेंडेंसी का निपटरा किया जाएगा। जो अधिकारी पेंडेंसी बड़ा रहे है, उन पर भी कार्रवाई करेंगे।

ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ, नगरपालिका, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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