Betul Politics : अपने लिए ही खाई खोद रहे मुलताई के भाजपा प्रत्याशी देशमुख, विरोधियों की संख्या खुद बढ़ाई, एएसपी के तबादले पर फिर छिड़ी जंग

Betul Politics: Multai's BJP candidate Deshmukh is digging a ditch for himself, increased the number of opponents himself, war broke out again over the transfer of ASP.

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Betul Politics : बैतूल। मुलताई क्षेत्र से भाजपा के घोषित उम्मीदवार चंद्रशेखर देशमुख भले ही टिकट हासिल कर बाजी मार गए हो, लेकिन उनकी परेशानी आने वाले समय में और अधिक बढ़ सकती है। विरोधियों की संख्या अधिक होने के कारण उनकी जीत ने कई बाधाएं सामने आएगी। सबको साथ लेकर चुनाव लड़ने की मंशा पर खुद ही पानी फेरते नजर आ रहे हैं। इसकी बानगी मंगलवार को भी देखने को मिली। सूत्र बताते हैं कि बैतूल के निर्विवाद एएसपी नीरज सोनी को लेकर उनके द्वारा की गई एक शिकायत पर तबादला हो गया है। खबर है कि ईमानदार एएसपी की काफी पहले से जिला पंचायत अध्यक्ष से मित्रता है, बस यही मित्रता देशमुख की नाराजगी का कारण बनी। हालांकि अब वे दावा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री को इस बारे में कोई शिकायत नहीं कि, लेकिन जानकार बताते हैं कि वे अपने लिए ही इतनी खाई खोद चुके हैं कि उनकी जीत की राह में काटे ही काटे दिखाई दे रहे हैं।

मुलताई विधानसभा बैतूल के बाद सामान्य के लिए आरक्षित है। दोनों ही जगह एक अनार सौ बीमार की तर्ज पर दावेदारों की संख्या अधिक है। अलबत्ता मुलताई में कुनबी समाज के आधा दर्जन दावेदारों ने पिछले छह माह से गोटियां बिछाकर रखी थी। सभी अपने आप को गंभीर दावेदार बता रहे हैं।

देशमुख के अलावा रोजगार बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हेमंत विजय राव देशमुख, जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष नरेश फाटे, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजू पवार, युवा नेत्री माधुरी साबले, सुभाष देशमुख के नाम चर्चा में रहे, लेकिन भाजपा ने पहली सूची में जिन 39 उम्मीदवारों की घोषणा की इसमें देशमुख के नाम की लाटरी लग गई। उन्हें टिकट मिलते ही अन्य दावेदारों की नाराजगी सामने आ गई। कोई खुलकर तो कोई अंदर ही अंदर विरोध कर रहा है, लेकिन प्रदेश के दूसरे स्थानों जैसी स्थिति यहां नहीं दिखाई दे रही। परिपक्व नेता होने के बावजूद देशमुख ने इस चुनाव में ऐसे गुण दिखाई नहीं दे रहे हैं। चुनाव जीतने के लिए विरोधियों को साथ लेकर चलने के बजाए वे भी उन्हें निपटाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

राजा पवार के निकट एएसपी की सीएम से कर दी शिकायत

जानकार सूत्र बताते हैं कि मुलताई की राजनीति में चंद्रशेखर देशमुख और राजा पवार में मतभेद सार्वजनिक है। खबरों पर यकीन करें तो गत चुनाव में राजा पवार के हार की पीछे उनके समर्थक देशमुख द्वारा किए गए भीतरघात को जिम्मेदार मान रहे हैं। चूंकि देशमुख मैदान में है, इसलिए उन्हें लग रहा है कि राजा के समर्थक उनकी हार में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने बैतूल में दो वर्ष पहले पदस्थ हुए एएसपी नीरज सोनी की सीएम से शिकायत कर डाली।

की गई शिकायत का ब्यौरा तो नहीं मिल पाया, लेकिन पूर्व में बैतूल पदस्थापना के दौरान एएसपी और राजा के बीच पटरी बैठती, तब से उनके बीच मधुर संबंध है। बस यही संबंध देशमुख को रास नहीं आए और उन्होंने एएसपी नीरज सोनी की सीएम से शिकायत कर जिले से हटाने की मांग कर डाली। चुनावी वर्ष में भी सीएम ने बिना देरी किए निर्विवाद एएसपी का बैतूल से तबादला करने में देरी नहीं की, लेकिन इस खबर के बाद भाजपा की राजनीति में भूचाल आ गया है। चौकाने वाली बात यह है कि सीएम जैसे परिपक्व और सुलझे हुए राजनेता ने जिले की वरिष्ठ नेताओं से भी इस संबंध में चर्चा किए बिना एएसपी का तबादला आदेश जारी कर दिया।

डॉ. पंडाग्रे की अनुशंसा पर बैतूल हुए थे पदस्थ

अगस्त 2021 को नीरज सोनी का जबलपुर लोकायुक्त से बैतूल पदस्थापना के आदेश हुए थे। 28 अगस्त को उन्होंने बैतूल में पदभार ग्रहण किया था। सूत्र बताते हैं कि जिले के एकलौते भाजपा विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे की नोटशीट पर ही उनकी पदस्थापना बैतूल की गई थी। अब उन्हीं के पार्टी के पूर्व विधायक द्वारा अपने पसंद के एएसपी का तबादला बैतूल से करवाने के बाद भाजपा में अंदरखाने में भी ठीक-ठाक नहीं चलने की जानकारी सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि डॉ.पंडाग्रे भी निर्विवाद छवि के एएसपी के तबादले से नाखुश है। इस संबंध में उन्होंने अपनी नाराजगी भी उच्च स्तर पर भी जाहिर कर दी है।

मतभेद दूर हो जाएंगे, मनभेद कौन दूर करेगा?

भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मुलताई में देशमुख को टिकट मिलने के बाद शेष सभी दावेदार में जबरदस्त एकजुटता देखी जा रही है। भले ही भाजपा ने डेडलाइन जारी कर विरोध करने वालों को अल्टीमेट दिया है, लेकिन दबाव की राजनीति हुई तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन में मतभेद दूर किए जा सकते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा नेताओं में बन आई खाई के बाद मनभेद कैसे दूर हो पाएंगे? जिस तरह निपटाने का खेल भाजपा के शासन काल में खेला जा रहा है, यह कही न कही सत्तारूढ़ पार्टी की मुलताई में हताशा दिखाई दे रही है। इससे पार्टी को नुकसान पहुंचने के साथ ही कांग्रेस को जबरदस्त फायदा पहुंचने से इंकार नहीं किया जा सकता।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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