Betul News : बिना अनुमति और मानचित्र के करा रहे भवन निर्माण
Betul News : Building construction being done without permission and map.

आज की मनमानी, भविष्य में बन सकती है परेशानी
Betul News : (बैतूल)। शहर में मनमर्जी से बनाए जा रहे भवन से भारी परेशानियां फिर वाद- विवाद और मामला न्यायालय तक पहुंच चुका है। इनसे भी जिम्मेदार सीख नहीं ले रहे हैं। अब भी शहर में मनमर्जी से भवन बनाए जा रहे हैं।
भवन निर्माण के दौरान नपा की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा। नगरपालिका क्षेत्र में भवन निर्माण किए जाने के पूर्व नपा से अनुमति व मानचित्र लेना पड़ता है। इसके लिए गाइड लाइन भी निर्धारित है, लेकिन शहर के भवन निर्माणकर्ता गाइड लाइन के अधिकांश बिंदुओं का पालन नहीं कर रहे हैं। वहीं अधिकांश तो अनुमति लिए बिना ही भवन निर्माण करवा रहे हैं। शहर के 33 वार्डों में हजारों भवन निर्माण हो चुके हैं। ऐसे में बिना अनुमति व मानचित्र स्वीकृत कराए किए जा रहे भवन निर्माण भविष्य में परेशानियों का सबब बनेंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
नहीं छोड़ रहे नाली और सड़क (Betul News)
नगरपालिका नियमों के विपरीत शहर में भवन निर्माण करवाए जा रहे हैं। इनमें अधिकांश भवन मालिक मानचित्र के अनुसार नियत स्थान में नाली निर्माण न कराकर किसी भी तरह खाली प्लाटों की ओर नाली निर्माण करवा रहे हैं। वहीं नाली निर्माण और सड़क के लिए भवन के सामने 3 मी और दाहिने तरफ 2.50 मीटर की जगह भी नहीं छोड़ी जा रही है। खास बात तो यह है कि किसी भी भवन मालिक द्वारा वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया जा रहा है।
अधिकारियों की अनदेखी (Betul News)
जानकारी के अनुसार भवन निर्माता नियमों का पालन करते हुए और मानचित्र अनुसार निर्माण करवा रहा है या नहीं, इस बात को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी नपा के अधिकारियों की है। निर्माण कार्य का मौका स्थल पर जाकर निरीक्षण किया जाना भी प्रावधान में निहित है। बावजूद इसके जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं। परिणाम स्वरूप भवन निर्माण करने वाले मनमानी करते मनमर्जी से निर्माण कर रहे हैं।
विवाद की बनेगी स्थिति
शहर में नियमों के विपरीत व बिना मानचित्र के बनाए गए भवनों से विवाद की स्थिति निर्मित होती है। सड़क तक मकान बना लिए जाने और वार्ड में निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कई बार वार्डवासियों के बीच भारी विवाद भी सामने आ चुका है। ऐसे में वर्तमान में बिना मापदंडों के बनाए जा रहे भवनों से आगामी दिनों फिर वैसी स्थिति निर्मित होने और विवाद होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
यह है गाइडलाइन
निर्माण कार्य स्वयं के भूखंड पर किया जाना चाहिए। भूखंड से लगी सड़क, नाली शासकीय अथवा नपा की भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया जाएगा। निर्मित क्षेत्रफल भूखंड क्षेत्रफल 322 वर्गमीटर में 50 प्रतिशत से अधिक मान्य नहीं होगा। भवन के सामने 3 मी. दाहिने तरफ 2.50 मी. पीछे 1.50 मीटर और बायी ओर मान चित्रानुसार जगह छोड़ी जानी चाहिए। नपा की सार्वजनिक नाली तक भूखंड स्वामी द्वारा नाली निर्माण, पौधों का रोपण किया जाना आवश्यक। इसके अलावा नियम के अनुसार नपा को निर्माण शुरू व समाप्त होने की सूचना दिया जाना चाहिए। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से हो।निर्माण के दौरान सड़क पर निर्माण सामग्री भी नहीं रखी जा सकती है। इसी तरह कुल 19 बिंदुओं का पालन भवन निर्माणकर्ता को किया जाना चाहिए।




