Betul Hindi Samachar: सरपंच, सचिव पर की गई कार्यवाही वेबसाइट पर डालने से परहेज
Betul Hindi Samachar: Refrain from posting action taken against Sarpanch, Secretary on website

3 साल से धूल खा रहा पंचायत राज संचालनालय का आदेश…
Betul Hindi Samachar:(बैतूल)। सच्चा हिंदुस्तान गांवों में बसता है। कुछ इन्हीं लाइनों को ध्यान में रखते ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायती राज का भी गठन किया गया था, ताकि ग्राम विकास के साथ-साथ ग्रामीणों का भी उत्थान हो सके, लेकिन आज ग्राम विकास की यही सोच भ्रष्टचार का बड़ा प्लेटफार्म बन चुकी है, इसकी बानगी उन शिकवा शिकायतों में देखी जा सकती है जिनमे गांव के पंचायत प्रतिनिधियों पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगते हैं। ऐसे मामलों की जांच भी होती है ओर कार्यवाहियां भी, लेकिन सवाल यह है कि इन कार्यवाही को विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर अपलोड क्यों नहीं किया जा रहा है? बैतूल जिले में अब तक जितनी भी कार्यवाही हुई हैं, किसी का भी उल्लेख वेबसाइट पर ना होना ही अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है, जबकि इस विषय में शासन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को स्पस्ट निर्देश दे रखे हैं।
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सूचना के अधिकार में भी नहीं दी जाती जानकारी
दरअसल ऐसे मामलों की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड किए जाने के निर्देश वर्ष 3 मार्च 2021में ही दे दिए गए थे। पंचायत राज संचालनालय की संचालक निधि निवेदिता के निर्देशानुसार समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारियों जिला पंचायत को निर्देश दे दिए गए थे की सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत राज्य सूचना आयोग के आदेश 19 फरवरी 2021 द्वारा धारा 40 एवं 92 की कार्यवाही को वेबसाईट पोर्टल पर सार्वजनिक करने एवं पारित आदेश को निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराया जाए, लेकिन जिला पंचायत कार्यालय द्वारा इस आदेश का पालन ना किये जाने की जानकारी मिल रही है। बताया तो यह भी जा रहा है कि धारा 40 और 92 से सम्बंधित की गई कार्यवाहियां सूचना के अधिकार के तहत भी नहीं दी जाती हैं। इसके पीछे जिला पंचायत के उन कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिन लोगों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह जांच का विषय है कि उक्त कर्मचारी शासन के निर्देशों की अवहेलना आखिर कैसे कर सकते हैं। क्या सम्बन्धितों से कोई सांठगांठ तो नहीं चल रही है, जो भी है यदि इसकी जांच की जाए तो सांठ गांठ का खुलासा भी हो सकता है।
क्या कहती है धारा 40 और 92
पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों पर नकेल कसने के लिए धारा 40 का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत यह अधिकार दिए गए हैं कि भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और सरपंच आदि को पद से हटाया जा सकता है। इसी तरह धारा 92 के तहत शासकीय राशि गबन करने या अतिरिक्त रकम निकालने पर वसूली की कार्यवाही होती है। इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों को पद से हटाए जाने की कार्यवाही धारा 40 के तहत की जाती है। इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन से उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।





