Betul News: लाखों के गोलमाल की जांच फाइलों में दबी, सीएमएचओ का रटा रटाया जवाब, कुछ दिनों में जांच हो जाएगी पूरी
Betul News: The investigation into the embezzlement worth lakhs is buried in the files, CMHO's rote answer, the investigation will be completed in a few days.

भीमपुर के तत्कालीन बीएमओ द्वारा किए गए घोटाले का मामला…
Betul News:(बैतूल)। भीमपुर बीएमओ ब्रजेश यादव द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच में हो रही देरी अब कई सवाल खड़े कर रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि इस वित्तीय अनियमितता में केवल बीएमओ नहीं बल्कि कई बड़ी मछलियों के भी फंसने का अंदेशा हो, इसलिए जांच ठंडे बस्ते में डालने की कोशिशें की जा रही हो। इस तथ्य को इस बात से भी बल मिल रहा है कि खुद सीएमएचओ के पास भी सिर्फ एक ही जवाब होता है कि जांच चल रही है, जल्द ही इसका खुलासा भी किया जाएगा, लेकिन जांच चल भी रही है या नहीं? क्या कभी इसका खुलासा हो पायेगा या नहीं? इसका कोई जवाब सीएमएचओ के पास भी नहीं है।
कंडम एम्बुलेंस के नाम पर लाखों का हेरफेर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फर्जीवाड़े के पूरी कहानी भीमपुर विकास खण्ड में संचालित 3 पीएचसी और 1 सीएचसी के बीच ही मंडरा रही है। 2020 से 2023 के बीच सरकारी धन को जमकर ठिकाने लगाया गया है। तत्कालीन बीएमओ ब्रजेश यादव के कार्यकाल में ही इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। इसकी शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच तो शुरू की, लेकिन यह जांच आज तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंचना कहीं ना कहीं इस बात की तरफ भी इशारा कर रहा है कि कहीं इस फर्जीवाड़े में रसूखदारों की भी भागिदारी तो नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अपनी भीमपुर पदस्थापना के दौरान उस कंडम एम्बुलेंस के रखरखाव पर 7 लाख 63 हजार रुपए का आहरण डीजल के बिल लगाकर कर लिया गया था। जबकि इस एम्बुलेंस का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2015 में ही खत्म हो चुका था ओर कई वर्षों से यह एक ही जगह खड़ी हुई थी। इसमें टायर तक नहीं है, लेकिन इस मामले में आज तक कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है।
मरम्मत के नाम पर 19 लाख का फर्जीवाड़ा
सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन बीएमओ ब्रजेश यादव द्वारा सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। सीएचसी में जिस भी मद में जितना भी फंड दिया जा रहा था उस फंड को रोगी कल्याण समिति के खाते में ट्रांसफर कर इस राशि को अपने हिसाब से खर्च किया गया है। ब्लाक की तीन पीएचसी को फंड ट्रांसफर ना करते हुए इस राशि को भी रोगी कल्याण समिति के खातों में ट्रांसफर कर राशि ठिकाने लगा दी गयी। राष्ट्रीय कार्यक्रम कायाकल्प योजना में प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्रों में सौंदर्य और मरम्मत के कार्य करवाने थे। सूत्र बताते हैं कि मरम्मत के नाम पर ही लगभग 19 लाख रुपयों को चूना लगा दिया गया है, लेकिन इतना सब होने के बावजूद ढिलाई क्यों बरती जा रही है, यह समझ से परे है।
31 मार्च के बाद फर्जीवाड़े को दिया जाता था अंजाम
सूत्र बताते हैं कि ब्लाक के तीन उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए जो भी फंड आवंटित किया जाता था उस फंड को वित्तीय वर्ष खत्म होने तक खर्च नहीं किया जाता था। ना ही यह फंड उप स्वास्थ्य केंद्रों को दिया जाता था।31 मार्च के बाद पूरा फंड रोगी कल्याण समिति के खाते में ट्रांसफर कर इसका अपने मन मुताबिक खर्च किया जाना बड़ी वित्तीय अनियमितता की तरफ इशारा कर रहा है। इसकी शिकायतें खुद कर्मचारियों के करने के बावजूद कार्यवाही नहीं की गई। सूत्र बताते हैं कि अपने कार्यकाल के दौरान बीएमओ ने जेएसवाय और पीएसवाय जैसी योजना में भी फर्जीवाड़ा किया है। ब्लाक में ऐसे सैकड़ों हितग्राही मौजूद हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, लेकिन जांच का आगे ना बढ़ना अब पूरे स्वास्थ्य विभाग को ही कटघरे में खड़े कर रहा है।
इनका कहना….
जांच चल रही है, थोड़े दिनों में जांच पूरी ही जाएगी, तो कार्यवाही भी की जाएगी।
रविकांत उइके सीएमएचओ बैतूल





