Betul News: राम के प्रति ऐसी आस्था कि अयोध्या मन्दिर न बनने तक लिया था शादी न करने का संकल्प, अब 22 जनवरी को रामलला की स्थापना पर युवा करेगा विवाह
Betul News: Such faith in Ram that he had resolved not to marry until the Ayodhya temple was built, now the youth will marry on the installation of Ramlala on January 22.

एक गांव में जश्न मनाने के लिए 3 दिन का अवकाश घोषित किया, गांव से निकलने पर भी प्रतिबंध, उधर विदेश में भी बजा रहे बैतूल के लोग राम नाम का डंका…
Betul News: (बैतूल)। राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट…का संगीत इन दिनों पूरे देश में गूंज रहा है। दरअसल अयोध्या में कल 22 जनवरी को भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर में नई प्रतिमा स्थापित हो रही है। पूरे देश में इस पल को अविस्मरणीय बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। सभी अपने-अपने सामर्थय के अनुसार भगवान श्रीराम के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रदर्शित कर रहे है। सांझवीर टाईम्स भी अपने पाठकों के लिए पिछले दस दिनों से अलग-अलग खबरें निकालकर पाठकोंं को रूबरू करा रहा है। हम ऐसे तीन मामले आपके सामने रखेंगे जो भगवान राम के प्रति समर्पण और श्रद्धा को दर्शाता है।
राम मंदिर न बनने तक लिया था शादी न करने का संकल्प, कल लेगा युवा सात फेरेबैतूल के(Betul News)

अभिषेक जैन ऐसा नाम है, जिसे अधिकांश लोग जानते है। यह युवक आरएसएस का खाटी कार्यकर्ता है। उम्र महज 42 वर्ष है, लेकिन आरएसएस से जुड़ने के बाद भगवान राम और अयोध्या में बनने वाले मंदिर को लेकर उसमें अलग ही भावनाएं जागृत हुई। यही वजह है कि आरएसएस, बजंदल से जुड़े रहने के बावजूद देश में कई जगह जाने का मौका मिला। वर्ष 1998 में अभिषेक जैन ने भोपाल में राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा अशोक सिंहल के अमृत महोत्सव कार्यक्रम में साध्वी ऋतभंरा और उमा भारती के साथ शामिल हुए। बस यही पर पेशे से कपड़ा व्यवसायी अभिषेक ने संकल्प लिया था कि जब तक अयोध्या में जन्मभूमि स्थल पर भव्य राम मंदिर का निर्माण नहीं होगा, तब तक विवाह नहीं करेंगे। 42 वर्ष के हो चुके अभिषेक के छोटे भाई और बहन का विवाह हो चुका है, लेकिन प्राण जाहि पर वचन न जाहि पर अटल अभिषेक ने शादी नहीं करने के संकल्प पर बरकरार रहा।
मंदिर बना तो करेेंगे शादी, स्थान तय नहीं(Betul News)
अभिषेक जैन के बारे में कहा जा रहा है कि वे आरएसएस से जुड़े रहने के कारण अपने संकल्प के लिए जाने जाते है। 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, तो उन्होंने अपना 26 वर्ष पुराना संकल्प भी पूरा करने का निर्णय लिया है। संयोगवश वे 22 जनवरी को ही वैवाहिक बंधन में बंधेंगे, लेकिन सादगी से। विवाह के एक दिन पहले घर में अपार खुशी है, लेकिन 22 जनवरी को होने वाली शादी में केवल परिजनों और कुछ खास लोगों के अलावा किसी को आमंत्रित नहीं किया गया। सबसे ताज्जुब की बात यह है कि अभिषेक ने न तो विवाह के कार्ड छपवाए और न ही किसी को आमंत्रित किया। एक और चौंकाने वाली बात यह है कि 22 जनवरी को होने वाले विवाह का स्थान तक तय नहीं किया है और तो और वह एक दिन पहले रविवार को संघ की नियमित बैठक में शामिल हुए। अपने संकल्प को पूरा करने वाले अभिषेक की पत्नि जेएच कॉलेज में असिसटेंट प्रोफेसर बताई जाती है।
तीन दिन तक गांव का व्यक्ति कहीं भी बाहर नहीं जाएगा(Betul News)

राम के प्रति एक ओर अघात श्रद्धा का मामला आठनेर तहसील के धामोरी गांव में देखने को मिला है। यहां वैसे तो 19 जनवरी से भगवान श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरूआत हो चुकी है, लेकिन ग्रामीणों की भगवान श्रीराम के प्रति इतनी आस्था है कि गांव वालों ने पूरे तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है। गांव के हनुमान मंदिर में 22 जनवरी के दिन ही भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। इस दौरान गांव में सामुहिक निर्णय लिया गया है कि तीन दिनों तक गांव का कोई भी व्यक्ति किसी भी काम से बाहर नहीं जाएगा। सभी इन तीन दिनों में गांव के मंदिर में ही सामुहिक भोज करेंगे। अयोध्या में भगवान राम की प्राणप्रतिष्ठा से जुड़े इस गांव में भी 2600 की आबादी गांव में ही रहकर पूरा जश्र मनाएंगी, इसलिए तीन दिनों तक अवकाश जारी कर यह अनूठा प्रतिबंध लगाया है। इतना ही नहीं तीन दिन तक गांव में कोई भी मांस, मदिरा का सेवन भी नहीं करेगा।
कई दिनों से हो रही तैयारी(Betul News)

गांव के पूर्व सरपंच पूरनलाल ने बताया कि श्रीराम प्रतिष्ठा का संकल्प भी उस समय लिया गया था, जिस समय अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का भूमिपूजन हुआ था। वर्ष 2020 से गांव वाले इस आयोजन की तैयारी में जुटे है। पूरे गांव को अयोध्या की तर्ज पर सजाया है। उन्होंने बताया कि हर घर के सामने और सड़कों पर रांगोली सजी है। घरों-घर श्रीराम की पताका फहरा रही है। उन्होंने बताया कि कल 22 जनवरी को मंत्रोचार के बीच प्राण प्रतिष्ठा होगी। गांव के मोरेश्वर सातपुते ने बताया कि इतने भव्य आयोजन के लिए किसी ओर से सहयोग नहीं लिया, बल्कि ग्रामीणों ने आपस में राशि एकत्रित कर भगवान राम, जानकी और लक्ष्मण जी की प्रतिमा जयपुर से बनवाई है। इस गांव में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था की गूंज आसपास के गांवों में भी सुनाई दे रही है।
सात समंदर पार भी गूंजेगा राम नाम का डंका(Betul News)

पूरे भारत में 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा की धूम मची हुई है। गांव से लेकर शहर तक तैयारियों को अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है, लेकिन यदि हम कहे कि विदेश में रहने वाले अप्रवासी भारतीय भी ऐसे आयोजन में सहभागी बन रहे है तो इसे भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा कहा जाएगा। ऐसा ही आयोजन रविवार शाम को अमेरिका में होने वाला बैतूल क्षेत्र के गंज में रहने वाले रोमी आहूवालिया इस क्षण के सहभागी बने है। दरअसल श्री आहूवालिया लंबे समय से यूएई के विंडसर लाक्स सिटी में निवास करते है। यहां पर कई भारतीयों ने अपने आवास बनाए है या किराए से लिए है। चूंकि इस समय देश में राम भक्ति की धूम मची हुई है। ऐसे में आहूवालिया के मन में भी धार्मिक कार्यक्रम करने का विचार मन में आया और देखते ही देखते तैयारियां शुरू हो गई।
अखंड कीर्तन से मनाएंगे खुशियां(Betul News)

श्री आहूवालिया के मुताबिक भारतीयों ने विंडसर लाक्स सिटी में पहले से ही श्री दुर्गा मंदिर स्थापित किया है। विश्व वैदिक संगठन का भी यहां गठन कर धार्मिक गतिविधियां आयोजित की जाती रही है, लेकिन जब भगवान श्रीराम का मंदिर अयोध्या में बनने की बारी आई तो यहां रहने वाले करीब 2 दर्जन से अधिक भारतीयों ने मिलकर रविवार शाम 4 बजे से अखंड कीर्तन करने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि अखंड कीर्तन उत्तर प्रदेश के रहने वाले अप्रवासी भारतीय और पं मुनीष ओझा के सानिध्य में हो रहा है। आहूवालिया के मुताबिक विदेश में रहने के बाद भी भारतीय लोगों की भगवान श्रीराम के प्रति इतनी आस्था है कि आयोजन के अलावा श्रीराम जन्म भूमि ट्रस्ट के लिए दान देने के लिए भी अप्रवासी भारतीय आगे आ रहे है।





