Politics: राजनीतिक हलचल: अध्यक्ष बनने की चाह में चर्चा में नेताजी की डिनर पार्टी?? आंदोलन के बहाने एकजुटता में कौन बना विभीषण??? किस पार्टी में चल रहा भोपाल तक शिकायतों का सिलसिला????? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…..

अध्यक्ष बनने की चाह में खूब हो रही डिनर पार्टी
इन दिनों एक बड़ी पार्टी के संगठनात्मक चुनाव को लेकर जमकर उठापटक मची है। हालांकि यह चुनाव नवंबर माह में होने वाले हैं, लेकिन इसके पहले ही संभावित दावेदार अपने आप को मजबूत बताने का कोई प्रयास नहीं छोड़ रहे हैं। जिला अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर ऐसा कोई जतन नहीं छोड़ रहे, जो उनकी राह में बाधा आए। ऐसे ही एक दावेदार की उछल कूद की जमकर चर्चा हो रही है। चर्चा तो पहले से ही थी, लेकिन जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, यह दावेदार विरोधियों को भी साधने में जुटा हुआ है। पहले जिनसे दूरियां बनाई, उन्हें भी अपना बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इन दावेदार की एक खबर और आई है कि एक मीडिया हाउस का भी बेजा सहारा लिया जाकर खूब डिनर पर ले जाया जा रहा है। नेताजी के इस कदम की खूब चर्चा हो रही है। उन्हें उम्मीद है कि मीडिया हाउस के बहाने संपर्कों के आधार पर उनकी लॉटरी लग जाएगी, लेकिन जिस तरह उन्होंने पहले साथ रहे नेताओं के खिलाफ आग उगली है, जिससे उनकी डगर काफी कठिन लग रही है। यह नेताजी एक आटोमोबाइल व्यवसाय से जुड़े हैं।
आंदोलन के बहाने में एकजुटता में रार
पिछले दिनों विपक्षी पार्टी ने सत्ता पक्ष को सड़क के मुद्दें पर घेरकर अपने मजबूत विपक्ष होने का संदेश दिया। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। श्रेय लेने के लिए हालांकि किसी में होड़ नहीं मची है, लेकिन सारे विपक्षी नेताओं के साथ आने पर कुछ लोगों को यह बात हजम नहीं हो रही है। चर्चा है कि एक पूर्व माननीय के इस आंदोलन से जुड़ने के कारण उनके ही करीबी निर्णय ठीक नहीं बता रहे। जबकि विपक्षी एकता को मजबूती मिलने के कारण सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं, लेकिन पूर्व माननीय के ईदगिर्द रहने वाले कुछ नेताओं को हजम नहीं हुई तो चौक चौराहों पर विपक्षी एकता की हवा निकालने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि कई दिनों बाद साथ आए नेताओं को फिर लड़वाने में इन्हें मजा आ रहा है।
यहां चल रहा शिकायतों का दौर
एक नवगठित पार्टी में इन दिनों आपसी मतभेद से विवाद बढ़ते जा रहा है। मामला पिछले दिनों एक मूर्ति स्थापना और रैली से जुड़ा है। पार्टी के चुने हुए जनप्रतिनिधि और जिला अध्यक्ष इस कार्यक्रम के बहाने अन्य लोगों के निशाने पर आ गए हैं। पहले ही समाज के ही पूर्व जनप्रतिनिधियों ने संगठन के प्रादेशिक पदाधिकारियों को शिकायत की थी। यह सिलसिला अभी थमा भी नहीं था कि एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मय प्रमाण के जिला अध्यक्ष की शिकायत कर आग में घी डालने का काम कर दिया। इस शिकायत का क्या असर होगा यह तो वक्त बताएगा, लेकिन नवगठित पार्टी और एक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत चुनाव में डंका बजाने के बाद विधानसभा चुनाव में भी दमदार प्रदर्शन करने वाली इस पार्टी की अंदरूनी खींचतान से पार्टी में खलबली मची है।




