Betul Samachar : बैतूल शहर में और भी अवैध कालोनियां प्रशासन की रडार पर

Betul Samachar: More illegal colonies in Betul city on the radar of administration

टिकारी की पुरानी कालोनियों का भी जुटाया जा रहा है, कई नामी लोगों ने भी खरीदे है प्लॉट

Betul Samachar : बैतूल। अवैध कालोनियों का जिन्न सांझवीर टाईम्स के माध्यम से बाहर आने के बाद भू-माफियाओं को ना खाते बन रहा है और न ही उगलते। उन्हें केवल राजनैतिक लोगों की शरण में देखा जा रहा है। पिछले पांच दिनों पहले सांझवीर टाईम्स ने बैतूल शहर के अंतर्गत आने वाली अवैध कालोनियों के करीब दो दर्जन लोगों के नाम प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर प्रकाशित किए थे तो माफिया लाबी अचानक राजनीति पर उतर आई।

अधिकारियों पर भी जमकर दबाव डाला गया, लेकिन मुख्यमंत्री की प्राथमिकता और कलेक्टर के सख्त निर्देश होने के बाद अधिकारियों ने हाथ खींच दिए। उधर खबर है कि बैतूल शहर के अधिकारियों ने नई अवैध कालोनियों में दिग्गजों के नामों का खुलासा किया, उससे पुरानी कालोनी वाले अब तक खुशी मना रहे थे, लेकिन खबर है कि अब इन पर भी गाज गिर सकती है।

सूत्र बताते है कि बैतूल शहर में 22 अवैध कालोनियों पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव अपर कलेक्टर तक पहुंचा है। यहां से किसी भी समय इन पर कार्रवाई हो सकती है। इस बीच दो दर्जन से अधिक शहर की अन्य पुरानी कालोनी इस सूची में शामिल नहीं हुई थी। प्रशासनिक सूत्र बताते है कि बैतूल शहर के अंतर्गत नई बनी अधिकांश कालोनियों के नाम इस सूची में आए थे। करीब तीन से चार वर्ष पूर्व इन कालोनियों में बिना नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट बेच दिए गए थे।

अधिकांश कालोनाईजरों ने अपने राजनीतिक रसूखों का उपयोग करते हुए अधिकारियों पर दबाव बनाकर टीएनसीपी की आधी अधूरी प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद डायवर्सन तक नहीं कराया, केवल रसूखों के आधार पर प्लॉट निकालकर बेचना शुरू कर दिया। जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीसी में सभी कलेक्टरों को अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया तो माफियाओं के हाथ, पैर फूल गए। सूत्र बताते है कि माफिया सत्तारूढ़् पार्टी से कहीं न कहीं जुड़े हुए है।

पुरानी कालोनियों का चिठ्ठा आएंगा सामने

प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि नई कालोनियों की कार्रवाई की फाईल अपर कलेक्टर के पास पहुंचने के बाद कई भू-माफियाओं को सांप सूंघ गया है। ऐसे में उन भू-माफियाओं को काफी राहत हो रही थी, जिन्होंने 10 वर्ष या इससे पहले कालोनियों निकालकर प्लॉट बेच डाले, लेकिन यहां भी नियमों की अनदेखी कर लोगों को सुविधाएं नहीं मिली है। कई लोगों की शिकायतें लंबित है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कलेक्टर ने एडीएम, एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए है कि अपने-अपने क्षेत्र की पुरानी कालोनियों के रिकार्ड भी तलब किए जाए।

कलेक्टर के निर्देश के बाद एक बार फिर प्रशासनिक अमला नई के साथ पुरानी कालोनियों के लिए भी सर्वे कर रहा है। भरी धूप में राजस्व निरीक्षक और पटवारी अवैध कालोनियों का सूक्ष्म निरीक्षण कर रहे है। कलेक्टर के सख्त हिदायत के बाद अवैध कालोनियों के एक भी नाम सूची से नदारद नहीं किए जा सकते।

शहर में इस जगह सबसे अधिक पुरानी कालोनी

जानकार सूत्र बताते है कि टिकारी क्षेत्र में सबसे पहले सर्वाधिक कालोनियां बनाकर प्लॉट बेच दिए गए। इन प्लॉटों में शहर के नामी लोगों के नाम सामने आ रहे है। सांझवीर टाईम्स हालांकि इनके नाम प्रकाशित नहीं कर रहा है, लेकिन एक खेमा ऐसा है जो पुरानी कालोनी के नाम सामने न आने पर खुशी मना रहा था, लेकिन कलेक्टर के पुरानी कालोनियों में कार्रवाई के आदेश के बाद इस खेमे में जबरदस्त हड़कंप मच गया।

जानकार सूत्र बताते है कि टिकारी में 8 से 10 पुरानी कालोनियों के रिकार्ड निकाले पर कई काला सच सामने आ सकता है। यहां प्लॉट खरीदकर अपने आप को सुरक्षित समझने वाले भी अब रडार पर है। टिकारी के अलावा हमलापुर, खंजनपुर, दादावाड़ी मार्ग, चिखलार रोड आदि क्षेत्रों में पुरानी कालोनियों के रिकार्ड के लिए सर्वे शुरू हो चुका है।

whatsapp

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button