Betul News : गलत आवास आवंटन की खबर छपी तो बौखलाए आरआई
Betul News: RIs got upset when the news of wrong house allotment was published.

बोले- मेरे पास एक ही काम नहीं, जब जांच होगी बता देंगे
Betul News : (बैतूल)। पुलिस विभाग के नए आवास आवंटन में हुई धांधली का मामला तूल पकड़ रहा है। सांझवीर टाईम्स के गतांग में आवास आवंटन खबर प्राथमिकता से प्रकाशित की गई, इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आरआई को निर्देशित किया गया है कि अलाट किए गए आवास के मामले में पारदॢर्शता से जांच की जाकर शपथ पत्र देने वाले अधिकारी – कर्मचारियों के निजी आवास भी जाकर देखे जाए।
जब इस संबंध में शनिवार को रक्षित निरीक्षक दिनेश मर्सकोले से चर्चा करने का प्रयास किया तो वे एकदम भड़क गए। उनका कहना था कि मेरे पास एक ही काम नहीं है, चुनाव सिर पर है। जबकि इस समय चुनाव को लेकर केवल शुरुआती दौर चल रहा है। नियम विरूद्ध आवास आवंटन को लेकर घिरने पर वे इस तरह की बातें कर रहे हैं।
दरअसल पुलिस विभाग ने हाउसिंग कारर्पोरेशन से पुलिस लाइन में लगभग करीब 60 आवासों का निर्माण किया है। इनमें 12 अधिकारी स्तर और शेष 48 छोटे कर्मचारियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। कुछ दिन पहले आवास अलाट की प्रक्रिया शुरू हुई तो इसमें भाई-भतीजावाद के आरोप लगने लगे। उस समय हड़कंप मच गया जब किसी पात्र कर्मचारी ने बिना नाम लिए एक पत्र वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया।
रक्षित निरीक्षक दिनेश मर्सकोले को इसके बाद एतिहात बरते जाने के निर्देश दिए। कल खुद श्री मर्सकोले ने आवास आवंटन के लिए गोपनीय शिकायती पत्र आने की कबूल की थी। वे यह भी कह रहे थे कि आवास आवंटन में नियमों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और गलत जानकारी देने पर भी कार्रवाई होगी।
खबर छपी तो जांच हुई तेज
सूत्र बताते हैं कि सांझवीर टाईम्स के गतांक में यह समाचार प्राथमिकता से प्रकाशित किया गया। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मामले में आरआई को पूरी पारदर्शिता से आवास आवंटन के निर्देश भी दिए। खबर है कि कल शाम को और शनिवार कुछ कर्मचारियों के निजी आवास जाकर जांच की गई है। इसका मकसद यह है कि शपथ में दी गई जानकारी सही है या गलत। हालांकि विभागीय अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।
अचानक बदले आरआई के स्वर
मामले में इस प्रतिनिधि ने जांच प्रक्रिया शुरू होने को लेकर आरआई मर्सकोले से जानकारी चाही तो वे भड़क गए। उनका कहना था कि इतनी जल्दी जांच होना संभव नहीं है। मेरे पास चुनाव संबंधित और भी काम है। यदि यही काम करूंगा तो दूसरा काम कैसे कर पाऊंगा।
जब उनको बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच शुरू करने की जानकारी दी गई तो वे कह बैठे तो जब उनसे पूछा तो मुझसे पूछने की क्या जरूरत। यहां पर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को भी दरकिनार कर दिया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आवास आवंटन को लेकर वे किस तरह की बातें कर रहे हैं। इस संबंध में एसपी सिद्धार्थ चौधरी से चर्चा करने के लिए उनके मोबाइल पर काल किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
इनका कहना..
पुलिस विभाग के आवास आवंटन मामले में पूरी तस्दीक की जा रही है। अपात्रों को यदि आवास आवंटित हुए है तो प्रक्रिया निरस्त कर कार्रवाई की जाएगी।
नीरज सोनी, एएसपी बैतूल।




