Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: प्रशासनिक फ़ेरबदल में किसकी होंगी रवानगी?? चर्चा जोरों पर….. कौनसे अफसर की पांचों अंगुली घी में??? कौनसे साहब है, जिनकी बुलेट निकलते ही अपराधी कांपते थे, अब उनकी खामोशी के पीछे क्या राज है???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..

प्रशासनिक फेरबदल में टाप अफसरों की रवानगी

विधानसभा सत्र के बाद प्रदेश में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल होना तय माना जा रहा है। इस फेरबदल में टाप स्तर के अफसरों के कार्यभार बदल जाएंगे। चर्चा है कि ेबेहतर परफार्मेंस और जनप्रतिनिधियों से तालमेल न होने वाले अधिकारियों की रवानगी तय मानी जा रही है।

बैतूल में भी मार्च माह तक जिले के टॉप अधिकारियों की पदस्थापना में फेरबदल तय माना जा रहा है। इनमें करीब आधा दर्जन अफसरों के नाम शामिल हैं। हालांकि इनमें से कुछ का कार्यकाल दो वर्ष से अधिक का हो चुका है, लेकिन भोपाल में बैठे बॉस इनमें से कुछ की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है, इसी वजह बैतूल से भी बड़े स्तर पर प्रशासनिक तबादला तय माना जा रहा है। वैसे बैतूल में बैठे कुछ शीर्ष अधिकारियों के जनप्रतिनिधियों से तालमेल ठीक है, लेकिन वे खुद भी यहां पर रहना नहीं चाह रहे हैं।

अफसर की पांचों अंगुली घी में

इस समय शिक्षा से जुड़े एक अफसर की पांचों अंगुली घी में बताई जा रही है। हालांकि चर्चा यह भी है कि काम के बोझ की अधिक जवाबदारी से बेहद असहज महससू कर रहे हैं। उन्हें करीब से जानने वाले कर्मचारी बताते हैं कि एक साथ कई जिम्मेदारी मिलने के कारण साहब पूरी जगह समय नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए सभी जगह के काम का बंटाढार होते जा रहा है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि अधिक जिम्मेदारी मिलने से साहब की पांचों अंगुली घी में है। इस बात में कितनी सत्यतता है, यह तो साहब को करीब से जानने वाले ही बता सकते हैं।

साहब पहले जैसे नहीं

वर्दी वाले विभाग में एक पुराने अधिकारी अपने तेवर के लिए पदस्थापना के दौरान खासे चर्चा में रहते थे। उन्हें जिले के लोगों ने सिंघम भी नाम दिया था। स्टार पर स्टार लगाकर वे फिलहाल वरिष्ठ होने के साथ प्रमोशन के बाद जिले में पदस्थ हुए हैं, लेकिन उनके ही अनुविभाग में अपराधों की बाढ़ आ गई है। यह बात जनप्रतिनिधियों को जरा भी रास नहीं आ रही है। हालांकि फिलहाल उनके क्षेत्र में छुटमुट घटनाओं को छोड़ अमन-शांति है।

लोग साहब की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं कि जब वे दो स्टार लगाकर जिले में पदस्थ हुए थे, तब उनके नाम का ऐसा खौफ था कि बड़े-बड़े अपराधी बुलट की आवाज सुनते ही दुमदबाकर भाग जाते थे। अब साहब थ्री स्टार के बाद उससे बड़े भी अधिकारी बन चुके हैं और चार पहिया वाहन में घूमकर अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता हाथ नहीं लग रही है। इसी वजह साहब को लेकर सवाल किए जा रहे हैं कि आप ऐसे तो न थे…!

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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