Betul News : महस्की को नरम चारा बनाकर उपयोग तो नहीं किया जा रहा?
Betul News: Mahski is not being used as soft fodder?

भोपाल से वापस लौटने के बाद कुन्बी समाज का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा विरोध
Betul News : (बैतूल)। आटो मोबाइल व्यवसायी और सपाक्स के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश महस्की की भाजपा बैतूल से तथाकथित दावेदारी ने प्याली में तूफान लाने का काम कर दिया है। दरअसल कुन्बी समाज का होने के कारण पिछले दिनों उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ बैतूल से टिकट की मांग कर दी थी।
कुन्बी समाज की बात कहकर टिकट मांगने का मामला भोपाल से बैतूल लाने के बाद बड़ी खबर बन गया। सोशल मीडिया के कई ग्रुपों पर दिनेश महस्की की तथाकथित दावेदारी पर समाज के कई लोगों ने ही सवाल खड़े कर दिए। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कहीं दिनेश महस्की को नरम चारा बनाकर उपयोग तो नहीं किया जा रहा है?
समाज को क्यों नहीं लिया विश्वास में
जिस तरह से भाजपा के कुछ असंतुष्ट नेताओं के साथ लोन्हारी कुन्बी समाज के अध्यक्ष दिनेश महस्की टिकट की दावेदारी करने भोपाल पहुंचे थे। उसका अब समाज में ही विरोध शुरू हो चुका है और सोशल मीडिया पर लोग इसके खिलाफ अपनी भड़ास भी निकाल रहे हैं। एलकेएसएस सेवा संगठन बैतूल के वाट्सएप गु्रप में प्रवीण लिखते हैं कि कुन्बी होना कोई ऐतिहासिक नहीं होता है।
भारतीय जनता पार्टी में देश का विकास करने के लिए सभी समाज के लोगों ने अपना योगदान दिया है। सबसे पहली बात यह है कि दावेदारी करने के पहले सबको विश्वास में लेना चाहिए था। दूसरी बात कुन्बी समाज के भाजपा में और भी नेता है। जो सक्रिय है। सबके साथ बैठकर विचार करना था। भाजपा सबका साथ सबका विकास कर रही है और इतिहास गवाह है कि सिर्फ दस सालों में जो परफार्म किया है वह कभी नहीं हुआ। हमे विवाद नहीं कर सच्चाई को स्वीकार सही पार्टी के साथ रहना चाहिए। चाहे उसका नेता कोई भी हो।
कांग्रेस से मांगते टिकट तो चलने के लिए रहते तैयार
इसी वाट्सएप ग्रुप में अधिवक्ता रोशन ने पोस्ट किया है कि यदि कोई कुन्बी कांग्रेस से विधानसभा का टिकट मांगता है तो हम चलने के लिए तैयार है। कोई आम आदमी पार्टी से टिकट मांगता है तो भी हम तैयार है परंतु कोई सामाजिक आदमी दावेदारी तो करें। बैतूल के इतिहास में पहली बार है जब कुन्बी समाज से किसी ने भोपाल जाकर टिकट मांगी। टिकट मिले या न मिले, यह अलग विषय है। समाज की अनदेखी अब नहीं कर सकते हैं।
इस घटनाक्रम का असर बहुत बड़ा होगा। जो निकट भविष्य में देखने को मिलेगा। इस पोस्ट से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दिनेश महस्की को कांग्रेस या फिर आम आदमी पार्टी से टिकट मांगना था, भाजपा से नहीं । जो भी है यह पोस्ट करने वाले के खुद अपने विचार है।
संवेधानिक पद पर बैठकर नहीं मांग सकते टिकट
वाट्सएप ग्रुप पर छिड़ी इस बहस को लेकर कुन्बी समाज से ही जुड़े राजेश गावंडे लिखते हैं कि तकलीफ इस बात की नहीं है कि उन्होंने टिकट मांगी। तकलीफ इस बात की है कि आप एक कुन्बी समाज के संवैधानिक पद पर बैठकर किसी भी पार्टी से टिकट नहीं मांग सकते। अगर आपको टिकट चाहिए तो पहले अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें फिर आप टिकट मांगे। हम आपके साथ है।
इससे साफ है कि दिनेश महस्की द्वारा उठाया गया यह कदम कहीं न कहीं समाज के लोगों को अखर रहा है, क्योंकि जिस तरह से सोशल मीडिया के वाट्सएप और फेसबुक पर इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया आ रहा है, उससे ऐसा लग रहा है कि दिनेश महस्की के उठाए गए इस कदम से समाज में नाराजगी व्याप्त हो रही है। वहीं दूसरी तरफ राजनैतिक समीक्षों की माने तो यह पूरा घटनाक्रम एक सोची समझी साजिश के तहत उठाया गया है और कहीं न कहीं अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए दिनेश महस्की का उपयोग किए जाने की कोशिश की जा रही है।




