Betul News: भाजपा की सहानुभूति से भी दूरी, कांग्रेस नेता पहुंचे परिजनों के बीच
Betul News: Distance from BJP's sympathy, Congress leader reached among the family members

सोशल मीडिया पर लोगों का तीखावार, कांग्रेस ने आत्महत्या करने वाले रविंद्र देशमुख के मामले में एसआईटी जांच की मांग रखी
Betul News: बैतूल। पाथाखेड़ा के ऊर्जावान भाजपा नेता और मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र देशमुख की आत्महत्या के मामले में भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अब तक शोक संतृप्त परिजनों के बीच पहुंचने का सहास नहीं उठाया है। चूंकि इस मामले में आरोपी भी भाजपा के नेता है, इसलिए सभी दूरी बनाकर चल रहे हैं। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राजनीति से परे हटकर बुधवार भाजपा नेता देशमुख के आवास पर पहुंचकर न सिर्फ परिजनों को ढांढस बंधाया, बल्कि हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
दूसरे दिन कांग्रेस ने रविंद्र देशमुख और एक माह पहले आत्महत्या करने वाले अनिल खवसे के मामले में एसआईटी जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन कर एसपी को ज्ञापन भी सौंपा है। उधर सोशल मीडिया पर इस मामले में तीखे वार से भाजपा की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
सारणी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र देशमुख ने तीन दिन पहले रिवाल्वर से सिर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। यह मामला बैतूल की भाजपा राजनीति से लेकर भोपाल तक खासा सुर्खियों में है। इसकी मुख्य वजह यह है कि भाजपा नेता देशमुख ने आत्महत्या करने के पहले 6 पेज का जो सुसाइड नोट छोड़ा है, उसमें सारणी के विधायक प्रतिनिधि रंजीत सिंह, मंडल महामंत्री प्रकाश शिवहरे समेत दस लोगों के नामों का समावेश है।
इन पर प्रताड़ना और रुपयों की डिमांड के संगीन आरोप लगाए गए हैं। इसी आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के अगले दिन भाजपा नेता समेत दस लोगों पर बिना किसी दबाव के मामला दर्ज कर लिया। हालांकि अब तक प्रकरण में एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। कहीं न कहीं इसे राजनीतिक दबाव से प्रेरित बताया जा रहा है।
कांग्रेस नेता पहुंचे आवास, बंधाया ढांढस
बुधवार को दिवंगत भाजपा नेता रविंद्र देशमुख के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता उनके पाथाखेड़ा स्थित आवास पहुंचे। पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे के नेतृत्व में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि तिरूपति एरूलू, नवनीत मालवी, मंगू सोनी समेत अन्य कांग्रेसी इस दौरान मौजूद रहे।
इस दौरान पूर्व मंत्री पांसे ने भाजपा नेता रविंद्र देशमुख के पिता और पुत्र को ढांढस बंधाते हुए दुख के इस क्षण में पूरा कांग्रेस परिवार साथ रहने और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने यही से एसपी निश्चल एन झारिया से मोबाइल पर चर्चा करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की बात कही। पांसे ने कहा कि पूर्व में भी अनिल खवसे नामक युवक ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में भी आरोपियों को आसानी से अग्रिम जमानत का मौका दिया गया। उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाने का आग्रह किया। पूर्व मंत्री की बात पर एसपी ने मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
ब्लैकमैलिंग में सारी रकम चली गई
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे ने बताया कि पूर्व मंत्री पांसे के नेतृत्व में परिजनों से मिलने पहुंचे, तब परिजनों ने बताया कि भाजपा नेताओं समेत अन्य ने रविंद्र देशमुख को ब्लैकमेल कर बड़ी रकम मांग ले गईर्। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया। वागद्रे के मुताबिक परिजनों ने बताया कि आरोपी दिवंगत नेता पर लगातार दबाव बना रहे थे, इसलिए पूरा पैसा इनको दे दिया गया। अब परिजनों की माली हालत खराब है। वागद्रे के मुताबिक परिजनों को कांग्रेस की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है।
कांग्रेस ने की एसआईटी जांच की मांग
गुरुवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे के नेतृत्व में पाथाखेड़ा में भाजपा नेता रविंद्र देशमुख और एक अन्य युवक अनिल खवसे की संदिग्ध मौत के मामले में एसआईटी जांच की मांग को लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि एसआईटी गठन के साथ आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। दोनों मृतकों की काल डिटेल निकालकर बैंकिंग और लेनदेन सिस्टम की भी जांच की जाए। कांग्रेस ने बताया कि आत्महत्या मामले में सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के नाम स्पष्ट रूप से सामने आए हैं।
बीसी सोसायटी में डब्ल्यूसीएल में कार्यरत कई कामगारों के पैसे डूबने की बात सामने आई है, इसलिए एसआईटी जांच की जाए। ज्ञापन में बताया कि रविंद्र देशमुख कुनबी और अनिल खवसे पवार समाज से जुड़े थे। दोनों समाज के लोगों ने उनकी मौत को संदिग्ध मानकर ज्ञापन दिया है, इसलिए त्वरित एक्शन लेकर रसूखदारों के नाम सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करें। ज्ञापन सौंपने वालों में कांग्रेस नेता अरूण गोठी, रामू टेकाम, नवनीत मालवीय, नितिन देशमुख, सरफराज खान, मनोज शर्मा, नीलेश धुर्वे, राजकुमार दीवान, मनीष देशमुख, जैद खान आदि शामिल थे।
सोशल मीडिया पर भी जमकर मचा बवाल
भाजपा नेता रविंद्र देशमुख की आत्महत्या मामले में सोशल मीडिया पर जमकर बवाल मचा है। विजय खातरकर नामक युवक ने एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली हैं। इसमें लिखा है कि देखो सारणी वालों, बैतूल के लोग गूंगे-बहेरे हो गए हैं। राजनैतिक षडयंत्र के कारण परेशान व्यक्ति आत्महत्या कर लेता हैं, सज्जन मौन। उनकी इस पोस्ट पर प्रदीप तिलंते ने लिखा है कि निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ यही होता है। बड़े नेता अपने लाभ के लिए छोटे कार्यकर्ताओं की बलि चढ़ा देते हैं।
विहिप नेता महेंद्र साहू ने लिखा है कि यही राजनीति है, मालूम सबको है पर बोलता कोई नहीं। सुब्बू पवार नामक युवक ने लिखा है बड़े नेता छोटो को कटपुतली बनाकर रखते हैं। जीतने के बाद मिलते तक नहीं। प्रदीप नागवंशी ने पोस्ट पर आगे बढ़ते लिखा है कि इसलिए कहते हैं कि हमारे सारणी में बुद्धिजीवि लोग रहते हैं, लेकिन बुद्धि किसी में नहीं है।




