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गवासेन में समस्या निवारण शिविर के नाम सीसीएफ-डीएफओ की मौजूदगी में आयोजित किया होली मिलन समारोह
Betul Samachar : (बैतूल)। जिले के पश्चिम वनमंडल में अधिकारी किस तरह काम कर रहे हैं, इसकी बानगी एक बार फिर हाल ही में देखने को मिली। वनमंडल के गवासेन क्षेत्र में वनकर्मियों के समस्या निवारण शिविर के बहाने होली मिलन समारोह आयोजित कर लिया। शिविर के बहाने पहुंचे कर्मचारियों को उस समय अहसास हुआ जब वे आयोजन स्थल पर पहुंचे तो यहां होली मिलन समारोह का फ्लेक्स लगा था। इस पर कई कर्मचारियों ने दबी जुबान से नाराजगी जताई है। चौंकाने वाली बात तो यह सामने आई है कि शिविर का आयोजन निरस्त कर होली मिलन समारोह में पहुंचे कर्मचारियों को सिविल सेवा आचारण के नियमों को ताक पर रखकर अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर वर्दी पर ही होली खेलना पड़ा। मामले की शिकायत उच्च स्तर पर पहुंचने की चर्चा चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि पश्चिम वनमंडल के गवासेन में हाल ही में अधिकारियों के निर्देश पर समस्या निवारण शिविर का आयोजन करने की सूचना दी गई थी। इस आयोजन में बैतूल के नवागत सीसीएफ पीएन मिश्रा और डीएफओ वरूण यादव की मौजूदगी में वनकर्मियों की समस्या का निराकरण करने की बात कही गई, लेकिन दावा उस समय उल्टा पड़ गया जब शिविर के ठीक पहले कर्मचारियों को जानकारी मिली कि जनसमस्या निवारण शिविर रद्द कर इसे होली मिलन समारोह में तब्दील कर दिया गया है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कई कर्मचारियों ने बताया कि शिविर में वे अपनी समस्या लेकर तैयारी से आए थे,लेकिन होली मिलन समारोह की जानकारी मिलने पर अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। सूत्रों ने तो यह भी बताया कि पश्चिम वनमंडल के अलावा दक्षिण वनमंडल के कर्मचारियों को शिविर में बुलाया गया था, वे भी अपनी समस्या लेकर शिविर में पहुंचे थे, लेकिन समस्या हल होने की बजाए वर्दी पर होली खेलना उनकी मजबूरी बन गई।
नियमों की उड़ाई धज्जियां
वन विभाग से जुड़े जानकार बताते हैं कि पश्चिम वनमंडल और दक्षिण वनमंडल के कर्मचारियों को शिविर रद्द करने की जानकारी देना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। कई कर्मचारी ऐसे थे जो दूर-दराज से अपने जेब से वाहनों में पेट्रोल डालकर गवासेन पहुंचे थे। यहां आने पर शिविर रद्द होने पर अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। मन मसोबकर सभी ने होली मिलन समारोह में शिरकत तो की, लेकिन उनकी नाराजगी देखते ही बनती है। इसके बाद वर्दी पर होली खेलने से कई कर्मचारी आहत महसूस कर रहे थे। सीसीएफ और डीएफओ की मौजूदगी में जिस तरह होली मिलन समारोह में एक दूसरे पर गुलाल डालकर सिविल आचार नियम की अनदेखी की गई है, इसकी शिकायत भी भोपाल के उच्च अधिकारियों को किए जाने की चर्चा है।
वर्दी पर होते रहे डांस

सूत्रों ने बताया कि होली मिलन समारोह के बहाने पश्चिम वनमंडल के गवासेन में वर्दी पर ही वनकर्मचारियों ने न सिर्फ होली खेली बल्कि डांस भी किया। अधिकारियों के सामने वर्दी पर डांस होते रहे, लेकिन उन्हें नियमों की याद नहीं रही। शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाकर यह आयोजन करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। कर्मचारियों ने भी दबी जुबान से वर्दी पर होली खेलने की बात कबूली है। खबर यह भी है कि कई लिपिकीय स्टॉफ को भी इस आयोजन में आमंत्रित किया गया था।
अवैध कटाई देखने जंगल तक नहीं गए अधिकारी
गवासेन के आमापुरा रेंज में अधिक पेड़ों को काटने का मामला सामने आया इस मामले को लेकर सांझवीर टाईम्स ने प्रमुख्ता से खबरें प्रकाशित की। जिसके बाद डीएफओ ने खबर को संज्ञान में लेकर वनकर्मियों को मौके पर भेजा, लेकिन उन्हें जंगल कटाई के कोई सबूत नहीं मिलने की जानकारी दी गई। इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो क्षेत्र के रेंजर को पता हैं लेकिन मामला दबाने की चर्चा पूरे वन विभाग में चल रही है, इधर सीसीएफ और डीएफओ गवासेन में होली मिलन समारोह में पहुंचे जरूर, परंतु अवैध कटाई वाले आमापुर बीट तक जाने का साहस तक नहीं जुटा पाए। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अवैध कटाई को लेकर सीसीएफ और डीएफओ कितने गंभीर है। इस संबंध में सीसीएफ श्री मिश्रा को उनके मोबाइल 9424790300 पर कई बार कॉल किया, लेकिन मोबाइल बंद होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।
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इनका कहना
-जनसमस्या निवारण शिविर स्थगित करने के बाद होली मिलन समारोह का आयोजन गवासेन में किया गया। सीसीएफ साहब आने वाले थे, इसलिए कर्मचारियों ने वर्दी पहन ली। इसे सिविल सेवा अधिनियम का उल्लंघन नहीं कहा जा सकता।
वरूण यादव, डीएफओ पश्चिम सामान्य वनमंडल बैतूल।





