Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: अफसरशाही के आगे क्यों बौनी होते जा रही जनसुनवाई आवेदनों की स्थिति?? डिमोशन पर आए थानेदार किस वजह हो रहे परेशान??? सरकारी खजाने या ठेकेदारों के कमीशन से कौनसी मोहतरमा को मिल रहा सम्मान???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में…..

अफसरशाही से आवेदनों की कतार
वैसे तो जनसुनवाई में बड़े साहब गरीबों के मामलों पर किसी को नहीं बख्श रहे हैं, लेकिन उनके कुछ अधीनस्थ इस पर खरे नहीं उतर रहे हैं। पिछले दिनों साहब ने अपने से एक पायदान नीचे वाली अफसर को जनसुनवाई में अवैध कालोनी की शिकायत पर नाराजगी जताई और आदेश दिए कि स्वंय व्यक्तिगत जाकर कालोनी का निरीक्षण किया जाए और तुरंत बुलडोजर चलाए।
मैडम ने बड़े साहब के आदेश का चंद मिनटों में ही अवहेलना करते हुए संबंधित एसडीएम की ओर आदेश सरका दिया। ऐसे में कालोनी पर होने वाली कार्रवाई रूक गई। साहब के आदेशों का अधीनस्थ किस तरह से मखौल उड़ा रहे हैं, यह एक बेहतरीन उदाहरण हो सकता है। बड़े साहब को अब इस बारे में संज्ञान लेकर कम से कम जनसुनवाई के आवेदनों पर अफसरशाही हावी होने पर कोई कारगर उपाए करना पड़ेगा।
डिमोशन पर आए थानेदार खुश नहीं
एक बार फिर बड़े थाने से अपनी पुरानी जगह और छोटे थाने आने को लेकर महकमे में इन दिनों में खूब चर्चा चल रही है। यह तो पहले ही संभावना थी कि कप्तान इन थानेदार को बड़े थाने से या तो लाइन या छोटे थाने भेज सकते हैं और हुआ भी यही। तबादला सूची में उन्हें जब छोटा थाना दिया गया तो चर्चा चल पड़ी की वे 8 बजे के बाद अपने में नहीं रहते हैं।
इसका उदाहरण यह है कि उन्हें किसी ने हत्या के आरोपी की लोकेशन देने के लिए फोन किया तो अटेंड ही नहीं किया। इसके बाद संबंधित उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया। अधिकारी इस बात से भी थानेदार पर नाराज हुए और तबादले की सूची निकली तो थानेदार का डिमोशन हो गया और वे अब इससे खुश नहीं है।
सरकारी खजाने से पुरस्कार की हकदार
जिले की एक महिला अधिकारी को इन दिनों काम कम और चर्चा में रहने के लिए ज्यादा जाना जाता है। उनके अधीनस्थ विभाग में कामों की मंथर गति पर साहब और भोपाल के बड़े अधिकारी भी फटकार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया। बैठकों से भी गायब रहने वाली यह मोहतरमा हमेशा वीसी का बहाना बताकर गायब रहने के लिए खासी चर्चा में रहती है। अब इनको और अधिक हाइलाइट होने के लिए सम्मानित होने का भूत सवार हुआ तो एक समूह को लाखों रुपए एक मुश्त में दे डाले।
यह राशि कहा से दी, इसे लेकर उनके विभाग में जमकर कानाफूसी चल रही है। दरअसल कई ठेकेदार मैडम के कमीशन बढ़ाए जाने के फरमान से नाराज होकर उनके विभाग में काम न करने के लिए तौबा कर चुके हैं। हालांकि उनका भुगतान मैडम ने अटकाया हुआ है, इसलिए खासे परेशान है। अब विभाग में कानाफूसी हो रही है कि ठेकेदारों से कमीशन की जमा पूंजी से लाखों रुपए देकर पुरस्कार का तगमा ले रही है।




