Betul pani Sankat: जिम्मेदार सब इंजीनियर की लापरवाही के कारण प्यासे रहे शहर के लोग भी
जब खानूरकर को जलशाखा की मिली थी जिम्मेदारी तो निकालते थे मीन-मेख

बैतूल। शहर में पानी सप्लाई की व्यवस्था बनाने वाले नगरपालिका के जलशाखा के ईमानदार और वरिष्ठ सब इंजीनियर नगेन्द्र वागद्रे की बदइंतजाम कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि मंगलवार को शहर के कई वार्डों में पानी सप्लाई नहीं हुई। कहा जाता है कि सब इंजीनियर वरिष्ठ होने के कारण तजुर्बेकार है, लेकिन बैराज की एक मोटर पहले से खराब होने पर समय के पहले मरम्मत नहीं कराना उनकी गली की हड्डी बन गया, दूसरी मोटर ने साथ छोड़ा तो शहर की पेयजल व्यवस्था ठप हो गई।
नपा के सीएमओ के मान रहे हैं कि सब इंजीनियर की लापरवाही के कारण शहर के लोगों को इस तरह की परेशानी झेलना पड़ा। यही सब इंजीनियर पूर्व जलशाखा प्रभारी ब्रजेश खानूरकर को मिले जलशाखा के प्रभार पर पूरे समय उंगलियां उठाने से पीछे नहीं हटे थे।
शहर में ताप्ती बैराज से पानी की सप्लाई होते आ रहे हैं, इसके लिए दो मोटर यहां लगी है। कुछ दिनों पहले जब पहली मोटर खराब हुई तो पूर्व जलशाखा प्रभारी नगेन्द्र वागद्रे ने कर्मचारियों को मोटर लेकर भोपाल भेजा। चार दिन में मोटर सुधरकर नहीं आई। इससे उनकी कार्यप्रणाली को समझा जा सकता है। सोमवार देर रात पानी सप्लाई करने वाली दूसरी मोटर भी खराब हो गई। इससे मंगलवार शहर की जल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। जानकार बताते हैं कि विकल्प के तौर पर पेयजल सप्लाई के लिए तीसरी मोटर रखना भी जलशाखा प्रभारी ने बेहतर नहीं समझा और पूरे शहर को पानी के लिए परेशान कर डाला।
पहले भी काम का अनुभव, फिर भी बड़ी चूक
जलशाखा प्रभारी नगेन्द्र वागद्रेे बैतूल नपा के सबसे वरिष्ठ सब इंजीनियर कहे जाते हैं। यही वजह है कि उनके तजुर्बे का फायदा लेने के लिए सीएमओ ने भी हाथों-हाथ उन्हें कई जिम्मेदारियों के साथ पूर्व में जलशाखा का कार्य संभालने के कारण दोबारा यह चार्ज दे दिया है। पहले के अनुभव रखने के बावजूद वरिष्ठ सब इंजीनियर ने समय पर मोटर नहीं सुधारी, इसका नतीजा शहर के लोगों को मंगलवार भुगतान पड़ गया। पूर्व में जब ब्रजेश खानूरकर के पास जल शाखा की कमान थी, जब यह सब इंजीनियर उनके कामों की खामियां निकालकर मीडियाकर्मियों को परोसने से चूकते नहीं थे, जब अपनी लापरवाही सामने आई तो उनकी बोलती बंद हो गई है। इधर सूत्र ने बताया कि भाजपा और कांग्रेस राजनीति से निकटता के कारण लंबे समय से यह सब इंजीनियर बैतूल नगरपालिका में जमे हुए हैं।
शहर के लोग बुधवार भी प्यासे
जलशाखा प्रभारी वागद्रे ने पूर्व में दावा किया था कि ताप्ती बैराज और लाखापुर के पानी से शहर के लोगों की प्यास जून के आखरी तक बुझाई जा सकती है, लेकिन मई के दूसरे सप्ताह में ही जिस तरह लापरवाही सामने आई, इससे शहर के लोगों को न सिर्फ मंगलवार को ही नहीं बल्कि बुधवार को भी पानी के लिए तरसना पड़ा है। कई वार्ड ऐसे हैं, जहां पर बुधवार को भी पानी नहीं आया। इससे लोग बहुत बुरी तरह परेशान होते रहे।
इनका कहना…
मोटर सुधरकर आ गई है। मंगलवार रात से ही पेयजल व्यवस्था शुरू की गई है। बुधवार शहर के लोगों को बेहतर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
नगेन्द्र वागद्रे, जलशाखा प्रभारी, नपा बैतूल
पानी की व्यवस्था कल से बेहतर हुई है। गुरवार से व्यवस्था पूरी सुचारू हो जाएगी।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ बैतूल




