Betul Samachar: रामू की कांग्रेस से उम्मीदवारी लगभग तय
Betul Samachar: Ramu's candidature from Congress is almost certain

कांग्रेस की पैनल में संसदीय क्षेत्र से एकलौता नाम, दूसरे दावेदारों के नाम सामने नहीं आए…
Betul Samachar: (बैतूल)। लोकसभा चुनाव को लेकर किसी भी समय आचार संहिता लग सकती है। इन सब के पीछे राजनैतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विपक्षी कांग्रेस भी इस मामले में पीछे नहीं दिखाई दे रही है। पिछले दिनों भोपाल में प्रदेश प्रभारी ने बारी-बारी से हर संसदीय क्षेत्र की समीक्षा की है। इस समीक्षा के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर नामों के पैनल बनाए जा रहे हैं। खबर है कि करीब आधा दर्जन संसदीय क्षेत्र में एकलौता नाम आने पर ऐसे उम्मीदवारों की टिकट लगभग तय है। बैतूल बात करें तो यहां से गत चुनाव में उम्मीदवार रह चुके रामू टेकाम का नाम पैनल में अकेला जाने के कारण उनकी उम्मीदवारी पर मोहर लगने की संभावना है।
लोकसभा चुनाव के लिए कांगे्रस ने एमपी की 29 सीटों में से 26 पर नामों का पैनल तैयार कर लिया है। प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह की पिछले दिनों भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के साथ संभागवार संसदीय क्षेत्र की समीक्षा हो चुकी है। इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा की तर्ज पर संबंधित संसदीय क्षेत्र से दावेदारों के नामों के पैनल बना लिए हैं। कहा जा रहा है कि कई सीटों पर 3 से 6 दावेदारों के नाम शामिल हैं। कुछ सीट ऐसी है, जहां केवल 2-2 नाम पैनल में शामिल किए गए है। भोपाल, इंदौर और सतना सीट ऐसी है, जहां पर अभी तक नाम तय नहीं किए गए।
बैतूल समेत 6 सीटों पर सिंगल नाम
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश की जिन 6 सीटों पर सिंगल नाम सामने आए हैं, यह नाम केंद्रीय चुनाव समिति को प्रस्तावित कर दिए जाएंगे। यदि यह नाम चुनाव समिति को मिलते हैं तो यहां उम्मीदवारों का भी ऐलान फरवरी माह में कर दिया जाएगा। इन सिंगल नामों में बैतूल से रामू टेकाम, छिंदवाड़ा से नकुलनाथ, रीवा से अजय मिश्रा, सीधी से कमलेश्वर पटेल, शहडोल से फुंदेलाल मार्को और धार से सुरेंद्र सिंह बघेल(हनी) का नाम सामने आया है। यानी बैतूल समेत शेष 6 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार घोषित करने में बाजी मार सकती है।
आखिर रामू का नाम पहले पायदान पर क्यों?
पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी दुर्गादास उइके से 3 लाख 60 हजार से अधिक मतों से पराजित होने के बावजूद आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम का नाम बैतूल से पहले पायदान पर रहने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, लेकिन कांगे्रस के अंदरखाने की खबरों की माने तो उनके अलावा कांग्रेस से संसदीय क्षेत्र में कोई भीड़ जुटाऊ चेहरा सामने नहीं आ रहा है। हालांकि पहले बैतूल सीट पर बड़े और प्रदेश नेता को उतारने की चर्चा चल रही थी, लेकिन यह चर्चा खत्म हो गई। बैतूल-हरदा-हरसूद से अभी टेकाम के अलावा किसी अन्य चेहरे का नाम इतना आगे नहीं आया है। केवल टेमरनी के युवा विधायक अभिजीत शाह के नाम की चर्चा हुई, लेकिन वे रामू के आगे कमजोर माने जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि टेकाम चुनाव में पराजित होने के बावजूद वे न सिर्फ बैतूल बल्कि पूरे प्रदेश में सक्रिय रहे हैं, इसलिए कांग्रेस उन्हें दूसरी बार मौका दे सकती है।





