Politics: राजनीतिक हलचल: विपक्ष के पार्षद ने अपनी पार्टी के मुखिया के लिए कैसा रहस्योद्घाटन किया?? किस बात पर मंत्री जी पर भारी पड़े बड़े साहब??? कार्यालय में ड्यूटी के साथ चाय, समोसे मिलने से किसकी हो रही मौज???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……..

Politics: Political turmoil: What revelation did the opposition councilor make about his party leader?

विपक्ष के पार्षद का यह कैसा रहस्योद्घाटन

विपक्ष के एक पार्षद द्वारा किए गए रहस्योद्घाटन की चर्चा इन दिनों संबंधित निकाय से लेकर चौक-चौराहे तक पहुंच गई है। अपने मुखर स्वभाव के लिए चर्चित विपक्षी पार्टी में यह भी बताने से नहीं चूक रहे हैं कि उन्होंने अपनी पार्टी के जिला प्रमुख को कैसे झटका दिया। शहर में चर्चा है कि डिंग मारते हुए उन्होंने सत्ता पक्ष के कुछ पार्षदों को भी बताया कि पार्टी के अध्यक्ष ने उनके मोहल्ले में रहने वाले दिवंगत ड्राइवर के परिवार का नल कनेक्शन काटने को लेकर कुछ निर्देश दिए। पार्षद यह भी बताने से नहीं चुके कि जिला प्रमुख के पास पहुंचकर ड्राइवरों के परिजनों ने नल कनेक्शन काटने की गुहार लगाई और फिर उनके पास फोन घनघनाया। चूंकि यह मामला राशि न भरने से जुड़ा था, इसलिए अध्यक्ष ने पार्षद से कह डाला कि अभी तुम पैसे जमा कर दो। बाद में उनसे ले लेना। इसके बाद उसने अपने तथाकथित बॉस से बात की और पूरी जानकारी दी।

पार्षद बता रहे हैं कि बॉस ने उन्हें डारेक्ट मना मत करना, पल्ला झाड़ लेना। इसके बाद उक्त ड्राइवर के परिजन पार्षद के पास आए तो उन्होंने सीधे कह दिया कि पहले राशि जमा करो, फिर कनेक्शन जुड़ेगा। पार्षद ने यह भी हिदायत दे डाली कि पैसा जमा करने के बाद वे वापस भीख लेने नहीं जाएंगे। पार्षद चुनाव मेें भी 5 हजार रुपए देकर 50 बार एहसान जताया था। विपक्षी पार्षद के इस रहस्योद्घाटन का सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पार्टियों में जमकर चर्चा है।

मंत्री जी पर भारी पड़े साहब

एक मामले में एक्शन के लिए हमारे मंत्री जी ने बड़े साहब को फोन घनघनाया तो उन्होंने अपनी बेहतरीन तरीके से समझाने वाली टोन में बैकफुट पर ला दिया। चर्चा है कि बीते बुधवार मंत्री जी ने एक मामले में बड़े साहब को एक्शन लेने के लिए फोन किया था, उन्हें आदत के मुताबिक बड़े साहब ने उल्टे-सीधे तर्क देना शुरू कर दिया। जिस तरह मंत्री जी को बड़े साहब बड़ी चतुराई से बताई गई समस्या को टाल गए तो मंत्री जी भी समझ गए कि यहां बात नहीं बनेगी। मंत्री जी बड़े साहब की इस बात से नाराज भी है। हालांकि नाराजगी के बाद उनका रूख क्या होता है, यह अब तक खुलकर सामने नहीं आया है।

कार्यालय में ड्यूटी के साथ पार्टी से खुश कार्यकर्ता

एक विपक्षी पार्टी ने हाल ही में जनसुनवाई और लोगों की समस्या को करीबी से जानने के लिए अपना कार्यालय खोला है। उसमें अलग-अलग नेताओं की ड्यूटी लगाई है। राम नगर के एक बड़बोले नेता ने कार्यालय के पास चाय की दुकान पर व्यवस्था की। इस व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा है कि यहां आम जनता तो समस्या के लिए आते नहीं है, लेकिन हम लोगों के चाय-नाश्ते का इंतजाम आफिस बॉय से करवा लेते हैं। कभी गरमा-गरम समोसे तो कभी कचौड़ी के साथ चाय पार्टी से दिन कट जाता है, इसलिए चाय-नाश्ता करने के बहाने कार्यालय चले जाते हैं। बड़बोले नेता की बात में कितना दम है, यह तो वहीं जाने, लेकिन चाय दुकान पर खड़े कई लोगों ने इस बात को सुना तो उन्होंने अंदाजा लगा लिया कि इस कार्यालय में लोगों की समस्या का कैसे निदान होगा?

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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