Betul Samachar: 2 लाख 43 हजार वाहनों में से महज 192 को लगी हाई सिक्योरिटी प्लेट
Betul Samachar: Out of 2 lakh 43 thousand vehicles, only 192 got high security plate.

15 जनवरी तक नंबर प्लेट लगाना आवश्यक, नहीं तो होगी कार्रवाई…
Betul Samachar: (बैतूल)। न्यायालय के आदेश के बावजूद भी वाहन चालक हाई सिक्योरिटी प्लेट लगाने में बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं ले रहे है। नंबर प्लेट लगाने को लेकर हाईकोर्ट ने डेड लाईन जारी की है। इस डेडलाईन के भीतर नंबर प्लेट नहीं लगाई गई तो परिवहन विभाग और यातायात पुलिस चालानी कार्रवाई करेगी। 1 अप्रैल 2019 के पूर्व लिए गए वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया है। नंबर प्लेट लगाने के लिए 15 जनवरी का समय दिया गया है। इस तिथि तक नंबर प्लेट नहीं लगाई गई तो वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों ने चौंका दिया है। अब तक महज कुछ ही लोगों ने अपने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई है। नंबर प्लेट लगाने को लेकर वाहन चालक बेपरवाह है। अब ऐसे लोगों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए परिवहन विभाग और यातायातकर्मियों ने कमर कस ली है। 15 तारीख के बाद नंबर प्लेट नहीं लगाई गई तो तगड़ा चालान भरना पड़ेगा। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 2 लाख 43 हजार 792 वाहनों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगनी है, लेकिन अब तक महज 192 वाहनों में ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग पाई है। अभी भी 2 लाख 43 हजार 600 वाहनों में नंबर प्लेट लगना बाकी है। इसी आंकड़ों से पता चल रहा है कि वाहन चालक नंबर प्लेट लगाने को लेकर कितने सजग है। कम समय में लाखों वाहनों को नंबर प्लेट लगना संभव नहीं है। अब वाहनों में नंबर प्लेट लगाने की डेड लाईन बढऩे की संभावना भी कम लग रही है।
शोरूम से नहीं मिल रही समय पर नंबर प्लेट(Betul Samachar)
नंबर प्लेट के लिए आवेदन करने के बाद शोरूम से वाहन चालकों को समय पर नंबर प्लेट नहीं दी जा रही है। यह भी एक प्रमुख कारण है कि बहुत कम वाहनों में नंबर प्लेट लग पाई है। शोरूम संचालक कर्मचारियों की कमी और नंबर प्लेट बनकर न आने का बताकर बहाने में लगे रहते है। ऑनलाईन ऑनलाईन आवेदन करने के बाद नंबर प्लेट लगाने के लिए तिथि दी जाती है कि इस तिथि तक नंबर प्लेट आ जाएगी। जब वाहन चालक शोरूम पहुंचते है तो उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है। वाहन चालकों का कहना है कि आवेदन करने के बावजूद भी नंबर प्लेट लगाने के लिए एक पखवाड़े का समय लग जाता है। दो पहिया वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए लगभग 500 रूपए का खर्च आता है। कई लोग इस खर्च को देखते हुए नंबर प्लेट लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे है। जिला मुख्यालय के शोरूम में नंबर प्लेट लगाने का काम तो जारी है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत धीमी गति से चल रही है।
बिना नंबर प्लेट के ही दौड़ रहे वाहन(Betul Samachar)
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना तो दूर कई वाहन चालक बिना नंबर प्लेट के ही सरपट वाहन दौड़ाते है। अधिकतर दो पहिया वाहनों में ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। आज भी कई ऐसे वाहन है जो बिना नंबर प्लेट के ही सडक़ों पर दौड़ रहे है। इनके खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यातायात विभाग द्वारा भी बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में आसानी से बिना नंबर प्लेट के वाहनों को घुमते हुए देखा जा सकता है। बिना नंबर प्लेट वाले वाहन चालक स्टंट दिखाते हुए वाहनों को दौड़ाते है।
15 जनवरी के बाद खैर नहीं(Betul Samachar)
हाईकोर्ट के सख्त निर्देश है कि वाहनों में हर हाल में 15 जनवरी तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगना अनिवार्य है, लेकिन निर्देशों के बावजूद इसे लोगे गंभीरता से नहीं ले रहे है। ऐसे लापरवाह वाहन चालकों पर 15 जनवरी के बाद से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन अधिकारी अनुराग शुक्ला ने बताया कि वाहन चालक नंबर प्लेट नहीं लगाते है तो उनके ऊपर चालानी कार्रवाई करना शुरू किया जाएगा। इस चालानी कार्रवाई में यातायात पुलिस भी मौजूद रहेगी। श्री शुक्ला ने वाहन चालकों से समय पर नंबर प्लेट लगाने के लिए कहा है, ताकि चालानी कार्रवाई से बच सके।
जागरूकता का भी अभाव(Betul Samachar)
नंबर प्लेट नहीं लगाने का यह भी एक प्रमुख कारण है कि इसके लिए लोगों को जागरूक नहीं किया जा रहा है। परिवहन विभाग और यातायातकर्मियों द्वारा वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए जागरूक करना था, लेकिन कई लोगों को अभी तक यह भी नहीं पता है कि उन्हें नंबर प्लेट लगानी है। जागरूकता नहीं होने से भी अभी तक बहुत कम वाहनों में नंबर प्लेट लग पाई है। पहले से जागरूक किया होता और सख्ती बरती जाती तो अब तक कई वाहनों में नंबर प्लेट लग जाती।
इनका कहना…
वाहन चालकों से नंबर प्लेट लगवाने के लिए बार-बार अपील की जा रही है। 15 जनवरी तक नंबर प्लेट नहीं लगाई गई तो चालानी कार्रवाई शुरू कर देंगे।
अनुराग शुक्ला, जिला परिवहन अधिकारी, बैतूल





