Betul News: ड्रेनेज निर्माण में बड़ी लापरवाही: डीपीआर में चार इंच, ठेकेदार ने डाला सिर्फ ढाई इंच बेस
Betul News: Big negligence in drainage construction: Four inches in DPR, contractor put only two and a half inch base

ड्रेनेज के घटिया काम को लेकर इंजीनियर ने लगाई ठेकेदार की क्लास
Betul News: बैतूल। कोठीबाजार क्षेत्र में निर्माणाधीन ड्रेनेज परियोजना में घटिया गुणवत्ता और डीपीआर से अलग काम सामने आने पर प्रशासन हरकत में आ गया है। पार्षद नफीस खान की शिकायत के बाद नगर पालिका के इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे ने सोमवार सुबह ही साइट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ड्रेनेज निर्माण का बेस निर्धारित मानकों से कम पाया गया, इसके बाद इंजीनियर ने मौके पर ही ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई और तुरंत सुधार के निर्देश जारी किए।
डीपीआर का किया जा रहा खुला उल्लंघन
जानकारी के अनुसार डीपीआर के मुताबिक ड्रेनेज निर्माण में 4 इंच का बेस डाला जाना अनिवार्य है, जबकि जांच के दौरान पाया गया कि ठेकेदार द्वारा मात्र ढाई इंच ही बेस तैयार किया गया है। गिट्टी डालकर सीमेंट का प्लास्टर्वकर दिया गया है। इस गंभीर लापरवाही को इंजीनियर ने सीधे गुणवत्ता से खिलवाड़ और सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में माना। ठेकेदार को स्पष्ट अल्टीमेटम जारी किया गया है कि बेस को डीपीआर के मुताबिक 4 इंच किया जाए और आज ही घटिया हिस्से को उखाडक़र पुन: मानक के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
4 करोड़ 80 लाख के प्रोजेक्ट को लगाया जा रहा पलीता
पार्षद नफीस खान ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने लगातार निर्माण की धीमी गति और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की थीं। कई बार अधिकारियों को मौके की स्थिति से अवगत कराया गया, जिसके बाद ही आज निरीक्षण संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपए की लागत वाले इस काम में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि अनियमितताएं जारी रहीं तो उच्च अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। उल्लेखनीय है कि कोतवाली थाना चौक से लल्ली चौक तक ड्रेनेज निर्माण के लिए कुल 4 करोड़ 80 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। काम का टेंडर सिंगरौली की कंपनी सीएम इंफ्रा को दिया गया है। परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा है, वहीं अब निर्माण में गड़बड़ी से परियोजना पर सवाल उठने लगे हैं।
15 दिनों में मात्र 100 मीटर खुदाई, 30 मीटर का बेस डाला
करोड़ो के प्रोजेक्ट का सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि कार्य की गति बेहद धीमी है। 15 दिनों में जहां निर्माण तेजी से आगे बढऩा चाहिए था, वहीं ठेकेदार मात्र 100 मीटर की खुदाई कर पाया और मात्र 30 मीटर क्षेत्र में वह भी घटिया ढंग से बेस डाला गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर काम इसी रफ्तार और गुणवत्ता से चलता रहा तो परियोजना वर्षों तक पूरी नहीं होगी। इंजीनियर वागद्रे ने ठेकेदार को चेतावनी दी है कि मानकों का पालन न होने पर चालान और भुगतान रोकने तक की कार्यवाही की जाएगी। अब देखना होगा कि ठेकेदार निर्देशों का पालन करता है या नहीं, क्योंकि ड्रेनेज निर्माण पर स्थानीयों की नजरें टिकी हुई हैं।
इनका कहना….
ड्रेनेज निर्माण में घटिया काम की शिकायत मिली थी। निरीक्षण में घटिया काम पाया गया है। ठेकेदार को काम दुरुस्त किए जाने के लिए कहा गया है।
नगेन्द्र वागद्रे, इंजीनियर नगरपालिका बैतूल




