Betul Politics News : यादव के सीएम बनने से नहीं बदलेगी भाजपाई राजनीति
Betul Politics News: BJP politics will not change if Yadav becomes CM

सभी नेताओं के मधुर संबंध जिले के विकास के लिए बनेेंगे नई धुरी
Betul Politics News : (बैतूल)। डॉ. मोहन यादव के बुधवार को शपथ लेते ही तय हो गया है कि बैतूल में भाजपाई राजनीति यथावत रहेगी। यह बात इसलिए कही जा रही है कि मुख्यमंत्री बदलने पर नेताओं से संबंध काफी मायने रखते है। चुने हुए जनप्रतिनिधियों की यदि प्रदेश के मुखिया से मधुर संबंध रहे है तो जिले के विकास का रास्ता भी खुल सकता है। चूंकि मोहन यादव बैतूल के वर्तमान विधायक हेमंत खण्डेलवाल से काफी पहले से मधुर संबंध है। जिला मुख्यालय के विधायक से मुख्यमंत्री से अच्छे संबंध होना भी कई मायने रखता है। खण्डेलवाल के अलावा आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे से भी डॉ यादव के संबंध बेहतर होने की खबर है। शेष तीन विधायक से भी मुख्यमंत्री से रूबरू होते रहेंगे। यदि प्रहलाद पटेल मुख्यमंत्री बनते तो जरूर जिले की राजनीति में कुछ बदलाव होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता था।
छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री बनने वाले डॉ यादव के बैतूल जिले के नेताओं से उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए जबरदस्त संबंध में है। उन्होंने जिले के कॉलेजों के लिए जब-जब नेता मुलाकात करने गए, तब-तब उस समस्या का प्राथमिकता से निराकरण करवाया। यदि बात करें राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय के बैतूल जिले के कॉलेजों का बरकतउल्ला में विलय होने का यह श्रेय भी नवागत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्रेय लेते है। उन्होंने ही उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए जिले के नेताओं के आग्रह पर यह बदलाव किया था। इसके बाद वे समय-समय पर बैतूल आए तो यहां के नेताओं से काफी आत्मीयता से मिले है। सोशल मीडिया पर जिस तरह से भाजपा नेताओं ने अपनी पुरानी यादे ताजा की है, स्पष्ट हो गया है कि बैतूल से नए मुख्यमंत्री का करीबी नाता है और रहेगा।
प्रहलाद पटेल सीएम बनते तो दिखता असर (Betul Politics News)
इधर सूत्र बताते है कि नरसिंहपुर के विधायक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को मुख्यमंत्री बनाया जाता तो भाजपा राजनीति में थोड़ा असर देखने को मिल सकता था। जानकार सूत्र बताते है कि श्री पटेल लोधी समाज से आते है और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के करीबी बताए जाते है। उनका बैतूल के दूसरे धड़े के नेताओं से भी काफी करीबी संबंध है। यदि ऐसा होता तो जिला संगठन, जिले के पांचों विधायकों के अलावा दूसरे धड़े के नेताओं की बल्ले-बल्ले हो सकती थी, लेकिन हाईकमान ने प्रहलाद पटेल का नाम अंतिम क्षणों में मुख्यमंत्री के लिए मनाही कर डॉ मोहन यादव के नाम पर मोहर लगा दी। कहा तो यह भी जा रहा है कि यदि नरेन्द्र सिंह तोमर मुख्यमंत्री बनते तो उनके बैतूल के नेताओं से काफी घनिष्ठ संबंध थे। उनके सीएम रहते हुए भी भाजपा की राजनीति में कोई बदलाव नहीं आता।
मंत्री के लिए इन नामों पर चल रही चर्चा (Betul Politics News)
भाजपा सरकार में इस बार बैतूल जिले से नया मंत्री बनना तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के करीबी होने के कारण विधायक हेमंत खण्डेलवाल की लॉटरी लगना तय माना जा रहा है। उनके अलावा आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे का नाम भी तेजी से सामने आया है। इलेक्ट्रानिक मीडिया के एक चैनल पर हेमंत खण्डेलवाल के अलावा एदल सिंह कंसाना, प्रद्युमन सिंह तोमर, भूपेंद्र सिंह, उषा ठाकुर, रमेश मंदोला, गोविंद सिंह राजपूत, बृजेंद्र सिंह, प्रदीप लारिया, गोविंद सिंह राजपूत, शैलेंद्र कुमार, हरिशंकर खटीक, दिव्यराज सिंह, जय सिंह मरावी, मीना सिंह, संजय पाठक, ओम प्रकाश धुर्वे, राव उदय प्रताप सिंह, हेमंत खंडेलवाल, हरि सिंह रघुवंशी, विष्णु खत्री, विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, इंदर सिंह परमार, विजय शाह, अर्चना चिटनिस, बालकृष्ण पाटीदार, निर्मला भूरिया आदि मंत्री बन सकते है। मंत्रिमंडल में जाति समीकरण के अलावा बड़े नेताओं को समर्थकों और चहेतों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। एक अन्य सूची में मनीषा सिंह, बिसाहूलाल सिंह, अजय बिश्नोई, राकेश सिंह, संपतियां उईके, प्रभुराम चौधरी, डॉ योगेश पंडाग्रे, नारायण सिंह पवार, राजेश सोनकर, आशीष शर्मा, विजय शाह, अर्चना चिटनीस, निर्मला गुरैया, प्रहलाद पटेल आदि का नाम चल रहा है




