Betul News: वन विभाग से अनुमति नहीं मिलने पर तानसी की दो कोयला खदानें बंद
Betul News: Two coal mines of Tansi closed due to not getting permission from Forest Department

कन्हान क्षेत्र में बची एकमात्र शारदा खदान, 424 कर्मियों का तबादले भी
Betul News: (सारनी)। वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड ( डब्ल्यूसीएल ) के कन्हान क्षेत्र की दो भूमिगत कोयला खदान तकनीकी कारण व वन संबंधित स्वीकृति नहीं मिलने के चलते बंद कर दी गई है। इसका सीधा असर तानसी क्षेत्र में कार्यरत सैकड़ों कर्मियों पर पड़ा है। एक साथ दो भूमिगत खदान बंद होने का असर तानसी क्षेत्र पर किस कदर पड़ा है। इसका अंदाजा एक साथ 424 कर्मियों का स्थानांतरण कर देने से लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि कान्हान क्षेत्र में अब एकमात्र शारदा भूमिगत खदान ही बची है। यानी कि कान्हान क्षेत्र के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। (Betul News)
जानकारी के अनुसार तानसी खदान से रोजाना करीब 400 टन कोयला उत्पादन होता था, लेकिन वन विभाग से जरूरी स्वीकृति नहीं मिलने के कारण डब्ल्यूसीएल को यह खदान बंद करना पड़ रहा है। बताया टू यह भी जा रहा है की उक्त क्षेत्र टाइगर कारीडोर में आता है। ऐसे में पाथाखेड़ा क्षेत्र में खुलने वाली खदानों की वन विभाग से स्वीकृति प्राप्त करना भी मुश्किल होगा। दरअसल यह क्षेत्र भी टाइगर कारीडोर से जुड़ा है। यहां बाघ की मौजूदगी आए दिन बनी रहती है।
डब्ल्यूसीएल में है 49 खदानें (Betul News)
वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 49 कोयला खदानें हैं। इसमें 32 खदानें ओपन कास्ट यानी खुली खदान है। जबकि 17 खदानें भूमिगत है। इसमें सर्वाधिक भूमिगत खदान नागपुर क्षेत्र में 5, पाथाखेड़ा में 4, पेंच में 3, चंद्रपुर में 2 और बल्लारपुर, वणी नार्थ व कन्हान क्षेत्र में 1-1 कोयला खदान शामिल है। (Betul News)
बढ़ेगा पाथाखेड़ा क्षेत्र का मैन पावर
कान्हान क्षेत्र की दो भूमिगत खदान बंद होने के बाद कोल प्रबंधन द्वारा यहां का मैनपॉवर पाथाखेड़ा स्थानांतरित कर दिया है। 11 दिसंबर को जारी आदेश में प्रशासनिक कारण से 424 कोल कर्मियों को तानसी से पाथाखेड़ा तबादला करना बताया गया है। यानी कि अब पाथाखेड़ा क्षेत्र का में पावर बढक़र 3000 के आसपास पहुंचेगा। (Betul News)




