Betul News: जिस समाज के मुखिया यादव, उसी से विधायक की अनदेखी!
Betul News: The MLA of the community whose head is Yadav, ignores him!

घोड़ाडोंगरी विधानसभा में आदिवासियों के बाद सर्वाधिक 45 हजार वोट बैंक यादव समाज के
Betul News: बैतूल। महज एक मुलाकात के लिए यदुवंशी (यादव) समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष को समय नहीं दे पाने के बाद घोड़ाडोंगरी विधायक के खिलाफ समाज के लोगों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है। चौकाने वाली बात यह है कि यदुवशंम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पवन यादव ने इस अपमान के बाद सीएम डॉ मोहन यादव से मिलने की बात कही है। चूंकि सीएम भी खुद यादव समाज का नेतृत्व करते हैं। उसी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष से न मिलने के बाद समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर भी घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उइके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इससे उनकी परेशानी आने वाले समय में बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। दरअसल आदिवासियों के बाद घोड़ाडोंगरी विधानसभा में सबसे अधिक निर्णायक वोट बैंक यादव समाज का ही है।
घोड़ाडोंगरी की विधायक गंगा उइके पर यदुवंशम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन यादव ने खुलकर आरोप लगाया है कि 26 करोड़ यादव का नेतृत्व करने वाले अध्यक्ष का अपमान किया गया। मिलने के लिए समय देने के बावजूद विधायक गंगा उइके ने टाइम नहीं बोलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष को मिलने से मना कर दिया। मौके पर ही समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की नाराजगी खुलकर सामने आई थी। पिछले दिनों हुए इस घटनाक्रम के बाद समाज के पदाधिकारी सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। पूर्व में ही राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी अपनी नाराजगी विधायक की कार्यप्रणाली को लेकर जता चुके हैं।
सीएम मोहन यादव खुद इसी समाज से
बताया जाता है कि यदुवंशम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पवन यादव ने घोड़ाडोंगरी विधायक के रवैए से नाराज होकर मीडिया से भी खुलकर कहा था कि वे मुख्यमंत्री और यादव समाज के प्रमुख पदाधिकारी डॉ मोहन यादव से इस संबंध में चर्चा करेंगे। जरूरत पड़ने पर विधायक का पुतला भी दहन किया जाएगा। उनकी खुलकर नाराजगी सामने आई है। बड़ी बात यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री यादव समाज से होने के कारण घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उइके को नाराजगी उठाना पड़ सकता है। हालांकि अब तक मुख्यमंत्री यह मामला पहुंचा है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन जिस तरह से यादव समाज के लोग खुलकर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं, इससे उनकी परेशानी आने वाले समय में बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
जिले में 2.50 लाख और घोड़ाडोंगरी में 45 हजार वोट बैंक
यादव समाज की माने तो जिले में यादव समाज के वोट बैंक की संख्या 2 लाख 50 हजार से अधिक है। यादव समाज के सर्वाधिक वोट बैंक मानी जाती है। इसके बाद बैतूल और चिचोली में यादव समाज के मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। कहा जाता है कि चुनावों के दौरान घोड़ाडोंगरी में आदिवासी वोटरों के बाद सर्वाधिक यादव समाज को महत्व देकर भाजपा और कांग्रेस हाथों-हाथ लेते हैं। इसका उदाहरण पिछले लोकसभा चुनाव में डॉ.मोहन यादव की यादव बाहुल्य मलाजपुर में सभा कराने के बाद देखा जा सकता है।
राजनीति के जानकार बताते हैं कि यदि सीएम की मलाजपुर मेंं सभा नहीं होती तो इस क्षेत्र में यादव समाज का बड़ा वोट बैंक भाजपा के हाथ से छिटक जाता, चूंकि जिले में सबसे कम 9 हजार वोटों से घोड़ाडोंगरी में भाजपा को जीत मिली है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि यादव वोट बैंक के कारण ही यह जीत भाजपा के खेमे में आई है।




