Betul News: गांधी वार्ड उपचुनाव में कांग्रेस में टिकट के लिए मचेगा घमासान!

Betul News: There will be a fight for Congress ticket in Gandhi Ward by-election!

पूर्व विधायक की भी प्रतिष्ठा दाव पर, अब तक आधा दर्जन से अधिक दावेदारों के नाम सामने आए

Betul News: बैतूल। गांधी वार्ड से पार्षद रहे अधिवक्ता राजकुमार यादव के लंबी बीमारी के बाद निधन से रिक्त हुई सीट पर चुनावी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग ने निकायों और पंचायतों में रिक्त हुई सीटों पर चुनाव के लिए तारीखों का एलान कर दिया है।

इसके बाद राजनीतिक सरगर्मियां भी बढ़ गई है। यह बात इसलिए चर्चा में है, क्योंकि कांग्रेस के पूर्व विधायक निलय डागा का पूर्व में यहां निवास था और उनकी पसंद से ही इस बार भी किसी अन्य उम्मीदवार को मैदान में उतारा जा सकता है। इसी वजह उकनी प्रतिष्ठा भी दाव पर रहेगी। हालांकि गांधी वार्ड में टिकट वितरण इतना आसान नहीं है, क्योंकि यहां पर आधा दर्जन नाम कांग्रेस से सामने आ रहे हैं।

गांधी वार्ड वैसे तो व्यापारिक गतिविधियों के लिए काफी चर्चित है। अधिकांश कोठीबाजार क्षेत्र इसी वार्ड में आता है। यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए यह वार्ड प्रतिष्ठा से कम नहीं है। हालांकि यहां पर किसी एक पार्टी का वर्चस्व कभी नहीं रहा, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशियों को यहां मतदाता अधिक महत्व देते आए हैं। इसी वजह अगले माह होने वाले उपचुनाव में दिवंगत पार्षद राजकुमार यादव के स्थान पर टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में काफी गहमागहमी मची है।

दरअसल पूर्व चुनाव में पूर्व विधायक निलय डागा, तत्कालीन जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहे (अब भाजपा में शामिल हो चुके) सुनील शर्मा ने अधिवक्ता राजकुमार यादव को इस वार्ड से उम्मीदवार बनाया था। दोनों की प्रतिष्ठा दाव पर थी, इसलिए प्रचार की कमान वे खुद संभालते रहे। यहां कांग्रेस को सफलता भी मिली और प्रत्याशी यादव मामूली वोटों से भाजपा प्रत्याशी वरूण धोटे को पराजित करने में सफल हो गए। यही वजह है कि कांग्रेस इस बार गांधी वार्ड से अपनी जीत का परचम बरकरार रखना चाह रही है।

एक अनार, सौ बीमार जैसे हालात

व्यवसायिक क्षेत्र होने के कारण गांधी वार्ड में अब तक आधा दर्जन दावेदारों के नामों की चर्चा चल रही है। इनमें पहला नाम जिला कांग्रेस के महामंत्री और प्रमुख सराफा व्यवसायी लोकेश पगारिया का सामने आ रहा है। वे पूर्व विधायक डागा के सबसे करीबियों में से एक माने जाते हैं। हालांकि वे व्यवसायी होने के कारण मैदान में उतरेंगे या नहीं, लेकिन उन्होंने हा कहीं तो पगारिया से अच्छा उम्मीदवार कांग्रेस को नहीं मिलेगा। इनकी छवि भी अच्छी कही जाती है। दूसरी ओर कांग्रेस जिला अध्यक्ष हेमंत वागद्रे के करीबी और पूर्व नपा अध्यक्ष डॉ राजेंद्र देशमुख के पुत्र प्रतीक देशमुख भी इस वार्ड से दावेदार कहे जा सकते हैं।

देशमुख परिवार का न सिर्फ वार्ड बल्कि कोठीबाजार में काफी वर्चस्व है, इसलिए प्रतीक की दावेदारी काफी गंभीर मानी जा रही है। इसी वार्ड के रहने वाले और कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अतुल शर्मा भी यहां से दावेदारी जता रहे हैं। हालांकि वे पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू शर्मा के काफी निकट थे, लेकिन उनके भाजपा में जाने से उनकी दावेदारी कमजोर हो सकती है।

एक अन्य दावेदार सूरज तिवारी का भी नाम सामने आ रहा है। वे भी पूर्व विधायक डागा के करीबी बताए जाते हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के युवा नेता प्रफुल्ल सोनटके भी इस वार्ड से कांग्रेस से किस्मत अजमाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि जयस से जुड़े सोनू धुर्वे का नाम भी चर्चा में है। हालांकि वे किस पार्टी से मैदान में उतरेंगे, यह अभी तक तय नहीं है।

खींचतान मची तो उलझे समीकरण

कांग्रेस में अभी भी गुटीय राजनीति हावी है। यही वजह है कि एकमात्र वार्ड के लिए शहर में हो रहे उपचुनाव को कांग्रेस भी इतने हल्के में नहीं लेगी। लिहाजा एक से अधिक दावेदार होने के कारण टिकट में पेंच भी फस सकता है। जिला अध्यक्ष हेमंत वागद्रे अपने सहयोगी प्रतीक देशमुख का नाम दमदारी से आगे बढ़ा सकते हैं। जबकि पूर्व विधायक लोकेश पगारिया या सूरज तिवारी को टिकट दिलवाने में एड़ी चोटी का जोर लगा सकते हैं। संभावना है कि ऐसे में प्रदेश संगठन की ओर से उपचुनाव में नाम तय हो सकता है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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