Betul Samachar: नौसिखए ऑपरेटर गद्दी पर, पढ़े-लिखों को दिखाया बाहर का रास्ता!

Betul News: Amateur operators are in power, educated ones are shown the door!

वनमंडलों में दागदार दागदार आपरेटरों की पदस्थापना जस की तस

Betul Samachar: बैतूल। फर्जी कार्यों के मास्टरमाइंड आपरेटरों को लेकर वनवृत के वनमंडलों में इस समय एक नई कार्यप्रणाली चर्चा का विषय बनी हुई है। जिस तत्कालीन मुख्यवनसंरक्षक पीजी फुलझेले ने फर्जी कार्यों में लिप्त कम्प्यूटर जिन दस आपरेटरों को हटाए जाने के निर्देश जारी किए थे। उनमें से एक भी ऑपरेटर को हटाया नहीं जा सका है। बल्कि पांच ऐसे ऑपरेटर हटा दिए गए जो कम्प्यूटर कार्य मे दक्ष होने के साथ साथ क्वालिफाइड भी थे।

हालात यह हैं कि कंप्यूटर और फाइल संचालन जैसे तकनीकी कामों के लिए योग्य व पढ़े-लिखे युवाओं की बजाय सालों से अंगद के पांव की तरह जमे नौसिखए ऑपरेटरों को गद्दी पर बैठाकर रखा गया है। सूत्र बता रहे हैं कि इन ऑपरेटरों को विभागीय कार्य का न तो अनुभव है और न ही तकनीकी जानकारी, लेकिन अल्प ज्ञान लेकर बैठे आपरेटरों को फर्जी काम निपटाने में महारथ हासिल है, जो आज पूरे वनमंडल के अहम दस्तावेज और ऑनलाइन प्रक्रिया संभाल रहे हैं।

दो महिला समेत पांच ऑपरेटरों की सेवा वापस

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी कार्यों के लिए कुख्यात हो चुके दस ऑपरेटर पिछले कई सालों से पश्चिम, दक्षिण, उत्तर और उत्पादन में सेवा रत हैं। फर्जीवाड़े में लिप्त इन आपरेटरों को वर्ष 2023 में ही तत्कालीन मुख्यवनसंरक्षक पीजी फुलझेले ने पद से पृथक करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने स्वहित के चलते अपने ही उच्च अधिकारी के निर्देशों को रद्दी में फेंक दिया।

इस मामले के उजागर होने के बाद जब हल्ला मचा तो व्रत में पदस्थ उन आपरेटरों पर गाज गिरा दी गई जो पढ़े लिखे होने के साथ-साथ ईमानदारी से सपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे । इनमें मोहम्मद इकबाल, रोशनी यादव,कुणाल वाघमारे, और विजय यादव शामिल हैं। इस पूरे मामले में यह साफ नजर आ रहा है। कि अधिकारी भी सोने का अंडा देने वाली मुर्गियों को हलाल करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।

नवनियुक्त अधिकारी से ऑपरेटर की बढ़वाई जा रही नजदीकियां

सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक वनमण्डल के अधिकारी का तबादला होने के बाद दूसरे अधिकारी चार्ज में आ चुके हैं। इस वन मंडल में पदस्थ ऑपरेटर चैतू का काफी बोलबाला माना जाता रहा है। सूत्र बताते हैं कि पूर्व अधिकारी के खासमखास एक रेंजर नवनियुक्त अधिकारी के साथ चैतू और एक अन्य ऑपरेटर मुल्लू की ट्यूनिंग बैठाने की कवायद में भी लग चुके हैं। चैतू जिसे पहले से ही फर्जी खातों और मनमानी एंट्रियों का मास्टर माना जाता रहा है, अब नवनियुक्त वन अधिकारियों से इसकी नजदीकियां बढ़ाकर अपनी पकड़ भी मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हंै।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिस तेजी से चैतू और उसके खास ऑपरेटरों के लिए लॉबिंग की जा रही हैं, उससे साफ है कि जो फर्जीवाड़ा पहले किया जाता रहा है। अंदरूनी सांठगांठ के चलते वह यथावत चलता रहे। ऐसी स्थिति में विभाग के ईमानदार और शिक्षित ऑपरेटर हतोत्साहित हैं। कई योग्य युवा जिन्होंने वर्षों तक विभाग में सेवा दी, उन्हें किनारे कर दिया गया है। जबकि नई नियुक्तियों में ऐसे लोग काबिज हैं जिन्हें फाइल पढ़ना या डिजिटल रजिस्टर में सही एंट्री करना तक नहीं आता। नतीजतन, विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है और फर्जीवाड़े के नए रास्ते भी खुल रहे हैं। इस संबंध में सीसीएफ वासु कनौजिया को उनके मोबाइल 9424790300 पर काल किया, लेकिन कवरेज में नहीं होने के कारण उनसे चर्चा नहीं हो सकी।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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