Betul News : बैतूल विधानसभा में एआईएमआईएम की गुपचुप एंट्री!

Betul News: Secret entry of AIMIM in Betul Assembly!

उम्मीदवार तय करने के लिए बन रही रणनीति, चार दिनों में बदल सकते हैं समीकरण

Betul News : (बैतूल)। चुनावी घमासान के बीच अचानक चली विस्फोटक चर्चा ने बैतूल विधानसभा के गणित गड़बड़ाने के संकेत दिए है। चर्चाओं पर यकीन करें तो बैतूल विधानसभा मे कांग्रेस, भाजपा और अन्य क्षेत्रीय दलों के अलावा एएआईएमआईएम की एंट्री भी हो सकती है। अचानक बाजार में फैली इस चर्चा के बाद चुनावी माहौल भी गर्मा गया है। हालांकि अभी तक इसका सार्वजनिक रूप से कोई खुलासा तो नहीं हो पाया है, लेकिन यह जरूर बताया जा रहा है कि अंदर ही अंदर बकायदा इसकी प्लानिंग की जा रही है।

अगर ऐसा होता है तो आने वाले चुनाव में इसका असर भी देखने को मिल सकता है। सूत्र बताते हैं कि इस चुनाव में हैदराबाद के सांसद एवं एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी का दखल बैतूल विधानसभा में चल रहा है। बताया जा रहा है कि कोठीबाजार क्षेत्र से कोई ना कोई उम्मीदवार इस पार्टी से नामांकन दाखिल कर सकता है। इसके लिए अंदर ही अंदर रणनीति भी तैयार की जा रही है, लेकिन बताया यह भी जा रहा है कि पूरा कार्यक्रम पूर्ण गोपनीयता के साथ अंजाम दिया जा रहा है। हैदराबाद से ग्रीन सिग्नल मिलते ही नामांकन दाखिल भी कर दिया जाएगा।

माना जा रहा है कि अचानक एएआईएमआईएम की एंट्री चौकाने वाली होगी। इसके लिए अगले चार दिन काफी महत्वपूर्ण भी माने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की माने तो बैतूल विधानसभा में यदि एआईएमआईएम की दस्तक होती है तो चुनावी समीकरण पर भी इसका खासा असर देखने को मिलेगा। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है, क्योंकि अल्पसंख्यक वर्ग के एक निश्चित वोट जो पार्टी विशेष के पक्ष में जाना बताया जा रहा है।

उन वोटों का एएआईएमआईएम की तरफ खिसकने का डर निर्मित हो जाने की पूरी संभावनाएं हैं। इसके अलावा जयस की मौजूदगी भी मतों के विभाजन में खासी भूमिका निभाएगी। यहां पर भी आदिवासी वोटर विभाजित होना तय माना जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनो ही दलों के वोट बैंक पर इसका असर दिखाई देगा, जो भी है ऊंट किस करवट बैठेगा यह तय मतों की गिनती के बाद आने वाले परिणाम ही बताएंगे, लेकिन कोठी बाजार क्षेत्र में एएआईएमआईएम की एंट्री की चर्चा का बाजार जम कर गरमाया हुआ है।

गौरतलब है कि

यह वहीं एआईएमआईएम संगठन है जिसका अब प्रत्येक राज्यों में होने वाले चुनावों के दौरान दखल सीधे तौर पर देखने में आ रहा है। इसका उदाहरण उत्तर प्रदेश के आम चुनावों में देखने को भी मिल चुका है। यहां लगभग पहली ही बार मे एएआईएमआईएम ने लगभग 4 से 6 विधानसभाओं में अपने उम्मीदवार खड़े किए थे और अपने उम्मीदवारों को जीत दिलाने में भी संगठन ने कामयाबी हासिल की थी।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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