Devi Visarjan : आस्था: दूसरे दिन सुबह तक चल समारोह की धूम 7 बजे लल्ली चौक से निकली काली प्रतिमा, 11 बजे के बाद पुलिस ने बंद कराए सारे डीजे
Devi Visarjan: Faith: Celebration continued till morning on the second day, black statue came out from Lalli Chowk at 7 o'clock, after 11 o'clock police stopped all the DJs.

Devi Visarjan : (बैतूल)। विजयादशमी पर दुर्गा प्रतिमा का चल समारोह इस बार सुबह 7 बजे के बाद तक चलते रहा। हमेशा की तरह सबसे आखरी में टिकारी की काली प्रतिमा के जुलूस के लल्ली चौक से जाने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी वापस लौटे। इससे पहले रात से अल्प सुबह तक करीब दो दर्जन झांकियां लल्ली चौक से होकर विसर्जन घाट तक चल समारोह के माध्यम से पहुंची। पूरी तरह प्रशासन और पुलिस के अधिकारी लल्ली चौक पर निगरानी करते रहे। चल समारोह इस बार किसी भी तरह की अप्रिय घटना निर्मित नहीं हुई, इससे प्रशासन के अधिकारियों को भी राहत मिली है।
हालांकि आचार संहिता के कारण रात दस बजे शोर-शराबे को बंद कराने के निर्देश दिए थे। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने मस्जिद चौक से टिकारी रोड तक करीब दो दर्जन डीजे साउंउ को 11 बजे से बंद कराना शुरू किया। इस दौरान दुर्गा मंडल के कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी जताई, लेकिन उन्हें समझाइश दी गई कि आचार संहिता लगी है इसलिए डीजे के स्थान पर बैंड से प्रतिमा विसर्जित की जाए। पुलिस के आग्रह पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई, लेकिन सख्ती से सारे डीजे बंद करा दिए गए।
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शारदेय नवरात्र पर्व जा सम्पूर्ण आस्था के साथ समापन हो चुका है। देवी विसर्जन का दौर मंगलवार सुबह से ही शुरू हो चुका था जो बुधवार सुबह तक चलता रहा। बुधवार सुबह 7 बजे टिकारी में विराजित महाकाली की प्रतिमा सुबह 6 बजे लल्ली चौक पहुंची जहां हजारों श्रद्धालुओं ने महाकाली के दर्शन किए लगभग 11 बजे करबला घाट पर महाकाली का विसर्जन किया गया।
शहर में एक सैकड़ा से अधिक स्थानों पर सार्वजनिक प्रतिमाएं स्थापित की गई थी। समिति के सदस्यों के उत्साह में और अधिक उर्जा का संचार गजब का देखा गया। बुधवार को दोपहर से लेकर शाम तक कई सार्वजनिक प्रतिमाएं विसर्जित कर दी गई थी। घाट पर सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
एतिहासिक रहा चल समारोह (Devi Visarjan)
अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार विजयादशमी पर अखाड़ों और समितियों का चल समारोह कई मायने में ऐतिहासिक था। रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक लल्ली चौक पर कार्यकर्ताओं का अपार जनसमूह इस बात का गवाह बना कि चल समारोह बैतूल की शान है। डीजे और बैंड की धुन पर कई घंटों तक कार्यकर्ता थिरकते रहे। दूसरी ओर कई अखाड़ों के कार्यकर्ताओं ने लल्ली चौक पर हैरत अंगेज प्रदर्शन कर सभी को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। सिलसिला दूसरे दिन बुधवार सुबह तक भी चलते रहा। उत्साह की भीड़ को देखने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या भी बड़ी संख्या में मौजूद थी।
डयूटी पर तैनात था अमला
दशहरा के चल समारोह में नगर पालिका ने करबला घाट, इंदिरा कालोनी माचना घाट, विवेकानंद वार्ड घाट, गर्ग कालोनी और राम नगर में भी विसर्जन की व्यवस्था की थी। एडीएम जयप्रकाश सैयाम, एसडीएम अभिषेक चौरसिया, एएसपी कमला जोशी, एसडीओपी शालिनी परते, कोतवाली टीआई आशीष सिंह पवार, गंज टीआई देवकरण डेहरिया समेत बड़ी संख्या में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। सुबह काली प्रतिमा निकलते तक अधिकांश अधिकारी लल्ली चौक पर मौजूद रहे। प्रशासन और पुलिस के सचेत रहने से चल समारोह बिना किसी विवाद के निपट गया।
दोपहर तक चला विसर्जन का सिलसिला
इस वर्ष चल समारोह में काफी विलंब हुआ। यही वजह है कि करबला और बडोरा के माचना घाट पर मूर्ति विसर्जन के लिए शनिवार दोपहर तक विसर्जन का सिलसिला चलते रहा। बड़ी प्रतिमाओं को क्रेन के सहारे करबला और दैय्यत बाबा घाट पर विसर्जित किया गया। इस दौरान पुलिस के साथ प्रशासन के अधिकारी भी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। शहर के आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर बुधवार शाम को प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इनमें कुछ काली और शंकर जी की प्रतिमा शामिल हैं। इसके लिए भी पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।




