Betul Today News: आखिर भीमपुर बीएमओ को हटाया, सांझवीर की खबर के बाद बड़ी कार्यवाही
Betul Today News: Finally Bhimpur BMO removed, big action after Sanjveer's news

कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने जारी किए आदेश
Betul Today News: (बैतूल)। मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारों को लेकर गंभीर है। अनेकों स्वास्थ्य योजनाएं संचालित हैं। परन्तु ऐसे अनुभवहीन डॉक्टर के हवाले भीमपुर बीएमओ की बागडोर रहने से स्वास्थ्य सुविधाएं बिगड़ती जा रही हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते भीमपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी के पद पर ऐसे संविदा चिकित्सक की पदस्थापना की गई है जो कि अनुवभहीन के साथ ही भ्रष्टाचारी भी हैं। नियमित डॉक्टरों के होते हुए, संविदा सेवा चिकित्सक को इतने बड़े क्षेत्र में बीएमओ का दायित्व देकर स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों व सरकार के नुमाइंदों ने यह सिद्ध कर दिया कि राजनीति के आगे योग्यता जैसी कोई चीज काम नहीं आती।
इस मामले में सूत्रों की माने तो यह पूरा मामला राजनैतिक संरक्षण का माना जा रहा है। इसी के चलते अधिकारी कुछ भी स्पष्ट न कहते हुए वरिष्ठ अधिकारियों पर मामले को डाल रहे है। जबकि सवाल यह उठ रहा है कि जब आयुक्त के इस मामले में स्पष्ट निर्देश है तो फिर यह प्रभार दिया कैसे गया। यह हकीकत नहीं बल्कि भ्रष्टाचार का फसाना है। साहब ने सरकारी धन में गोलमाल तो किया ही,उसे उजागर करने वाले कर्मचारी इनके कोप का भाजन बन रहे हैं। करोड़ों की धनराशि का बजट खपाने वाले बीएमओ के कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर है। डेढ़ लाख की आबादी की जिम्मेदारी भ्रष्टाचारी बीएमओ के कंधे पर है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि जिले में सभी योजनाओं का ठीक तरह से संचालन हो रहा है। लेकिन कई बार अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण में इसकी पोल खुल चुकी है। लंबे समय से भीमपुर में स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन विधिवत नहीं चल रहा है।
वित्तीय अनियमितता की नहीं हो रही जांच
भीमपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ बीएमओ के खिलाफ नियम विरुद्ध रोगी कल्याण समिति से आहरण, वितरण कर्मचारियों के साथ पद पावर का दुरुपयोग जैसे कई मामले हंै, फिर भी इनकी जांच होती है न कार्यवाही। संविदा डॉक्टर के आगे पूरा प्रशासन नतमस्तक हो गया। यहां तक कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भी बौना हो गया है। प्रदेश स्तर के आदेश को जिला प्रशासन के अधिकारी एक संविदा डॉक्टर के लिए ताक पर रखकर ग्रामीण अंचल में सैकड़ों पात्र हितग्राहियों को लाभ से वंचित कर सरकार की योजना को पलीता लगा रहे। सरकार की मंशा है कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, लेकिन भीमपुर में जमीनी हकीकत कुछ और है। 5 सैकड़ा नसबंदी, 4 सैकड़ा जननी सुरक्षा योजना की महिलाएं 2 सालों से लाभ पाने के लिए भटक रही, उधर कर्मचारियों को पिछले 2 सालों से राष्ट्रीय कार्यक्रम पल्स पोलियो सहित अन्य 40 कार्यक्रमों की राशि आज तक नही दी गई। बताया जा रहा है कि हेल्थ वर्करों को कोविड 19 के दौरान वेतन के अतिरिक्त 500 मिलना था वह राशि तक नही मिली। पूरे मामले में भीमपुर सीएचसी में पदस्थ एकॉउंटेट नीलेश के नदारत रहने से भी समस्या उपजी है। जिला मुख्यालय से पिछले 2 वर्षों से भीमपुर का काम संचालित किया गया। जिससे पात्र हितग्राहियों को लाभ नही मिल सका,।शासन से प्राप्त राशियों को रोगीकल्याण में समायोजित कर मन माने ढंग से उपयोग किया गया। भीमपुर में एनआरसी की मरमत का मामला हो या काय कल्प योजना हो सभी में बेजा उपयोग हुआ।
टीम गठित हुई लेकिन जांच नहीं
बीएमओ जैसे महत्वपूर्ण पद की अति आवश्यक आर्हताएं देखे बिना अधिकारियों ने संविदा चिकित्सक को दायित्व दे दिया। साथ ही आर्थिक लेनदेन का भी अधिकार दे दिया, जो कि शासकीय नियमों के विरूद्ध है। जिसका परिणाम यह आ रहा है कि अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चौपट हो गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीएमओ के भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए टीम गठित की गई है, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के कारण जांच नहीं हो पा रही है। पीएएचसी में एक संविदा डॉक्टर को डेढ़ लाख की आबादी की जिम्मेदारी वितीय मामलों के साथ देना कई गंभीर सवालों को जन्म दे रहा है। इस मामले में अधीनस्थ अमले का कहना है कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारों को लेकर गंभीर है। अनेकों स्वास्थ्य योजनाएं संचालित हैं। परन्तु ऐसे अनुभवहीन डॉक्टर के हवाले क्षेत्र की बागडोर रहने से स्वास्थ्य सुविधाएं बिगड़ती जा रही हैं।
छपते-छपतेः सांझवीर की खबर का बड़ा असर, बीएमओ को हटाया
सांझवीर टाईम्स द्वारा भीमपुर बीएमओ द्वारा किए गए गड़बड़झाला की सिलसिलेवार खबर प्रकाशित करने के बाद जिले के अधिकारियों की जमकर किरकिरी हुई। उनके द्वारा किए गए गड़बड़झाले के बाद नवागत सीएमएचओ डॉ. रविकांत उड़के ने कलेक्टर ने अमनबीर सिंह बैंस के निर्देश पर भीमपुर बीएमओ ब्रजेश यादव को हटा दिया है। उनके स्थान पर भीमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप धुर्वे को भीमपुर बीएमओ का प्रभार सौंपा गया है। उन्हें डॉक्टर यादव से भी समस्त प्रभार लेने को लेकर निर्देशित किया है। डॉ. यादव द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद भीमपुर में नसबंदी आपरेशन करने वाली करीब 500 महिलाओं को | आज तक राशि नहीं दी। इसके अलावा अन्य शासकीय राशि का रोगी कल्याण समिति में बेजा दुरुपयोग किया। सांझवीर टाईम्स ने पिछले एक पखवाड़े से इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित की। इसका नतीजा यह हुआ कि बीएमओ को पद से रूखस्त होना पड़ा।
इनका कहना…
कुछ शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग से भीमपुर बीएमओ की जांच करवा रहे हैं। कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसी के बाद तय करेंगे।
अमनबीर सिंह बैंस, कलेक्टर बैतूल।




