Political Column : बैतूल राजनीतिक हलचल: यात्रा की सफलता पर आखिर सोशल मीडिया पर क्यों मची होड़? मेडम के पैंतरे से किस नेता की नींद हुई हराम?? आखिर विरोधी खेमा किसे मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा??? पढ़िए पूरी खबर हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……
Political Column: Betul Political Stir: Why is there a competition on social media on the success of the Yatra? Which leader lost his sleep due to madam's trick?? After all, whom is the opposing camp preparing to field??? Read the full news in our popular column Political Movement...

Political Column : बैतूल की राजनीति में इन दिनों भाजपा और कांग्रेस में जन आशीर्वाद यात्रा- जन आक्रोश यात्रा की सफलता एवं असफलता को लेकर द्वंद युद्ध छिड़ा हुआ है। सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर सक्रिय रहने वाले भाजपा- कांग्रेस के नेताओं ने अपनी-अपनी यात्रा के सफल होने के दावे किए है। इन पर कटाक्ष करने वालों की बाढ़ आ गई है। एक मामले में कांग्रेस और भाजपा के युवा नेता आपस में ही उलझ गए हैं। मुंह जुबानी इतनी चली की आने वाले चुनाव में परिणाम देख लेने तक की बात हुई। हालांकि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के बाद एक नेता को ज्यादा फालोवर नहीं मिले तो उनकी खीज भी देखते ही बन रही थी। इसको लेकर भी जमकर चटखारे लगते रहे।
मैडम के पैतरे ने नेताजी के उड़ाए होश
जिले की एक सुरक्षित विधानसभा में टिकट की दावेदार महिला ने लगभग तय हो चुके पार्टी के उम्मीदवार की नींद उड़ा दी है। कहा जा रहा है कि इस महिला दावेदार ने हाल ही में अपना इस्तीफा स्वीकार नहीं करने पर जिस तरह प्रशासन को खुली चेतावनी दी है, इससे साफ जाहिर है कि वह आरपार की लड़ाई लड़ने के मूड में है। उनकी इस चेतावनी के बाद बेचारे एक पार्टी के नेता के मंसूबे पर पानी फिर सकता है। दरअसल पार्टी ने उन्हें एक तरह से ग्रीन सिग्नल दे दिया है, परंतु मैडम के तेवर से उनकी नींद उड़ गई है। यदि किसी भी समय उनका इस्तीफा मंजूर होता है तो उनकी दावेदारी खतरे में पड़ जाएगी। उन्हें इस बात की चिंता है कि यदि पार्टी ने मैडम को टिकट भी नहीं दिया तो निर्दलीय मैदान में उतरने से उनका मजबूत वोट बैंक में सेंधमारी होने से नुकसान की ज्यादा चिंता सता रही है।
विरोधी खेमे से उम्मीदवार उतारने की तैयारी
राजनीति में कब किस बात की चर्चा हो जाए यह कह पाना मुश्किल है। बैतूल की राजनीति में एक असंतुष्ट खेमा जिस तरह हम भी खेलेंगे, नहीं तो खेल बिगाड़ेंगे की तर्ज पर फील्डिंग कर रहे हैं, इसकी काफी चर्चा हो रही है। खुद खेमे का नेतृत्व करने वाले खुद तो टिकट लाने में सामर्थ्य जुटा नहीं पा रहे, लेकिन खुटा करने की राजनीति में अपनी ही पार्टी को दगा दे रहे हैं। खबर है कि एक सुरक्षित और एक सामान्य सीट से अपने समर्थन के जरिए उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बैठकों का दौर भी हो चुका है। एक विधानसभा में भाजपा से ही बागी हुए युवा नेता को खुलेआम समर्थन दे दिया, जबकि सामान्य सीट से बहुसंख्यक समाज के दावेदारी करने वाले व्यक्ति को उम्मीदवार बनाने के लिए ताना-बाना बुना जा चुका है।




