Betul News: पुलिस की मारपीट में पांच लोग घायल
Betul News: Five people injured in police fighting

गणेश विसर्जन के दौरान हुआ था विवाद
Betul News:(बैतूल)। शाहपुर में गणेश विसर्जन के जुलूस में विवाद हो गया। विवाद खत्म करने पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों की हाथ, लात और मुक्कों से जमकर पिटाई कर दी। मारपीट में मारपीट में एक युवती, महिला, तीन युवक घायल हो गए है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भर्ती किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक गणेश विसर्जन जुलूस में गुरूवार की रात को कुछ युवकों के बीच नाचने को लेकर विवाद हो गया। विवाद के कारण कुछ युवक आपस में भीड़ गए थे। पुलिस विवाद को खत्म करने के लिए पहुंची।
शाहपुर पुलिस द्वारा एक ही पक्ष के पांच लोगों की हाथ मुक्कों से जमकर पिटाई कर दी। इसमें पांच लोगों को गंभीर चोटे आई है। मारपीट की शिकायत थाने में दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़ित लोकेश यादव ने बताया कि जुलूस के दौरान कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया। विवाद में युवक आपस में भीड़ गए थे, जिसे मैं बचाने के लिए गया। मयूर और मुन्ना नाम के युवक मारपीट करने लगे थे। इस बीच पुलिस आई और पुलिस ने मुझे और सोनू यादव शम्मी यादव और बहन अंजली यादव और मां मीरा बाई यादव के साथ जमकर मारपीट कर दी। पांचों लोगों को मारपीट में चोटे आई है।
अंजली को गंभीर चोट आने के कारण उसे आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट की घटना की लिखित शिकायत शाहपुर थाने में की है। अभी तक शिकायत के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस इस पूरे मामले में पुलिसकर्मियों को बचाने में लगी है। थाना प्रभारी एबी मर्सकोले का कहना है कि जो वीडियो वायरल हुआ है, वह सही नहीं है जुलूस के दौरान कुछ युवक शराब के नशे में विवाद कर रहे थे। पुलिस विवाद को खत्म करने के लिए मौके पर पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने किसी के साथ कोई मारपीट नहीं की है।
इधर पीड़ितों का कहना है पुलिस ने एक पक्ष के लोगों के साथ मारपीट की। दूसरे पक्ष के लोगों पर कोई कार्रवाई नही की। इससे पुलिस की कार्रवाई पर भी कई सवाल खड़े हो रहे है। अधिकारी और पुलिस तो मीडिया से घटना को ऐसे छिपा रहे है, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। शाहपुर तहसीलदार सुन्या ब्रम्हे ने बताया कि शाहपुर में कोई विवाद ही नहीं हुआ है। शांतिपूर्वक तरीके से गणेश विसर्जन हुआ। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी और पुलिस पूरे मामले को दबाने में लगी है और मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को बचाने में लगे है।




