Betul Nagar Palika : परिषद की बैठक के पहले एजेंडे सार्वजनिक करने से परहेज
Betul Nagar Palika: Abstaining from making public the agenda before the council meeting

बैतूल नपा में पार्षदों को तक नहीं दी जा रही जानकारी
Betul Nagar Palika : (बैतूल)। जिला मुख्यालय की नगर पालिका में अंधेर नगरी, चौपट राजा जैसे हालात निर्मित होने लगे है। दरअसल परिषद के तय किए गए एजेंडों को बैठक में पहले सार्वजनिक तक नहीं किया जा रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि पार्षदों को भी ऐजेंडों के बारे में जानकारी नहीं रहती कि बैठक में किन-किन विषयों पर चर्चा होनी है। मीडिया को तक इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।
नगर पालिका में नए सीमएओ के आमद के बाद पहली परिषद की बैठक में जिस तरह एजेंडा सार्वजनिक किया गया, इससे पार्षदों में भी आक्रोश पनप रहा है। खबर है कि शनिवार को बाल मंदिर सभा गृह में बाल मंदिर नगर पालिका की सम्मेलन में कुल 103 एजेंडे रखे गए है। इनमें अलग-अलग वार्डों में सडक़, सीसी सडक़, डामरीकरण, समेत अन्य कामों का समावेश किया गया है।
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(Betul Nagar Palika )हमेशा परिषद की बैठक में एजेेंडे एक सप्ताह पहले ही पार्षदों को उपलब्ध करा दिए जाते है, ताकि उनके वार्डों में बताए अनुसार एजेंडो को बैठक में शामिल किया जा सके। इस बार शनिवार को होने वाली बैठक में पार्षदों को एजेंडा ही उपलब्ध नहीं कराया गया। कहा जा रहा है कि पार्षदों से बैठक के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों ने हस्ताक्षर भी करवा लिए, लेकिन एजेंडा उपलब्ध नहीं करवाया। इस बात में कितनी हकीकत है तो यह तो पार्षद और नगर पालिका के जिम्मेदार ही बता सकते है, लेकिन गुपचुप ढंग से परिषद की बैठक आयोजित करने पर कई सवाल खड़े हो गए है।
सूत्र बताते है कि पहले भी बैठक के पूर्व परिषद के एजेंडे मीडिया को उपलब्ध करा दिए जाते थे, लेकिन इस बार अचानक नगर पालिका ने बैठक के बाद एजेंडा देने का कहकर मामले को तूल दे दिया है। ऐसा पहली बार हो रहै जब एजेंडा बैठक के बाद दिए जाने की बात कही जा रही है। नगर पालिका के कर्मचारियों ने भी एजेंडा उपलब्ध कराने से इंकार करते हुए कहा है कि यह अध्यक्ष मैडम के यहां रखा है। जब तक मैडम नहीं बोलेंगी एजेंडा उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।
सीएमओ भी अनभिज्ञ(Betul Nagar Palika )
पूरे मामले में नए आए सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया भी अनभिज्ञ है। कहा जा रहा है कि वे छतरपुर जैसी बड़ी नगर पालिका से यहां आए। इसके पहले भी बड़े जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके है, लेकिन बैतूल में कार्यभार ग्रहण करने के बाद पहली ही बैठक में लगा नहीं कि वे सीनियर अफसर हो। उन्होंने भी एजेंडे को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि ज्वाईनिंग के कुछ दिनों बाद नगर पालिका के सीमएओ फिसड्डी साबित हो गए है। इस संबंध में उनसे और नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बैठक में होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी।




