Betul News: महंगे शराब समूहों की नीलामी पर सबकी नजर

छोटे समूहों का हुआ निपटारा, अब बड़े समूहों पर ठेकेदारों की नजर
Betul News: बैतूल। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया जारी है। आबकारी विभाग अब तक 8 समूहों की नीलामी सफलतापूर्वक कर चुका है, जबकि 7 बड़े और महंगे समूहों की नीलामी अभी बाकी है। इन समूहों में सारणी, बगडोना, शाहपुर, बैतूल गंज, आमला, भैंसदेही और बैतूल बाजार जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इन समूहों की ऑफसेट प्राइज अधिक होने के कारण इन्हें जिले के सबसे महंगे और महत्वपूर्ण समूहों में गिना जा रहा है।
आबकारी विभाग ने इन सभी शेष समूहों की नीलामी के लिए 10 मार्च को सुबह 10 बजे से टेंडर ऑफर प्रक्रिया निर्धारित की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि इन महंगे समूहों के लिए कितने ठेकेदार टेंडर दाखिल करते हैं और बोली कितनी आगे तक जाती है।
सिंडिकेट बनने की आशंका, सीमित रह सकती है बोली
सूत्रों के मुताबिक इन बड़े समूहों की नीलामी में ठेकेदारों के बीच सिंडिकेट बनने की संभावना भी जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो बोली ऑफसेट प्राइज से बहुत अधिक आगे जाने की संभावना कम हो सकती है। माना जा रहा है कि यदि ठेकेदार आपसी तालमेल से बोली लगाते हैं तो ठेका ऑफसेट प्राइज से थोड़ा बहुत ही ऊपर जा सकता है। ऐसी स्थिति में शासन को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पाने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि यह केवल संभावनाएं ही हैं, लेकिन यदि सिंडिकेट बनता है तो इसका सीधा असर नीलामी की प्रतिस्पर्धा पर पड़ सकता है।
पहले भी होल्ड पर डाले जा चुके हैं कुछ समूह
सूत्रों के अनुसार सारणी, बगडोना और शाहपुर समूहों के लिए पहले भी टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त ऑफर नहीं आने के कारण इन समूहों को होल्ड पर डाल दिया गया था। इन क्षेत्रों में शराब की अवैध सप्लाई की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। बताया जाता है कि आसपास के इलाकों से अवैध शराब की सप्लाई होने के कारण वैध दुकानों के कारोबार पर कुछ असर पड़ता है। हालांकि वैध शराब की बिक्री पूरी तरह प्रभावित नहीं होती, लेकिन ठेकेदारों को नुकसान उठाने की आशंका बनी रहती है।
राजस्व बढ़ाने की चुनौती
अब जब 8 समूहों का निपटारा हो चुका है, तो आबकारी विभाग का पूरा फोकस शेष 7 बड़े समूहों की नीलामी पर है। विभाग की कोशिश है कि इन महंगे समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त किया जा सके। 10 मार्च को होने वाली टेंडर प्रक्रिया में यह साफ हो जाएगा कि इन समूहों के लिए कितनी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है और विभाग को कितनी राजस्व प्राप्ति होती है। फिलहाल जिले में शराब ठेकों की नीलामी को लेकर ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों दोनों की नजरें इन बड़े समूहों पर टिकी हुई हैं।
इनका कहना…
8 समूहों की नीलामी हो चुकी है, बाकी बचे 7 प्रमुख समूहों की प्रक्रिया कल सुबह 10 बजे से शुरू की जाएगी। प्रयास है कि कल तक सभी समूहों का निपटारा कर दिया जाएगा।
अंशुमान सिंह चढ़ार, जिला आबकारी अधिकारी बैतूल।




