Rakshabandhan Special : (बैतूल)। रक्षाबंधन का त्योहार भाई बहन के अटूट प्रेम का त्योहार माना जाता है। साल भर भाई बहन इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं । ऐसे में यदि आपको यह सूचना मिले की बहन की जान पर बन आई है, वो गम्भीर बीमारी से ग्रसित होकर अस्पताल में भर्ती कर दी गयी है तो भाइयों के दुखी होने का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल हो जाता है, लेकिन ये हकीकत है।
रक्षा बंधन के ठीक एक दिन पहले कोठीबाजार निवासी श्रीवास परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ जब भाइयों को ऐसी ही खबर मिली कि नागपुर में रहने वाली उनकी बहन को अचानक हार्ट अटैक आने के बाद वोकहार्ड हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। दौड़ते भागते तीन भाई अपनी बहन के पास पहुंचे और ईश्वर से अपनी बहन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। जिसके बाद असप्ताल प्रबन्धन की विशेष अनुमति के बाद एक एक कर अपनी बहन से अपनी कलाइयों पर रक्षा सूत्र बंधवाया । आश्चर्य इस बात का है कि भाइयों की मुराद अब पूरी होती नजर आ रही है और बहन के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार भी हो रहा है।
खबर मिलते ही घबरा गया पूरा परिवार(Rakshabandhan Special )
दिल को छू लेने वाले इस घटनाक्रम को लेकर कोठी बाजार निवासी अशोक श्रीवास ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व अपनी बहन के साथ मनाए जाने की हम तीनों भाइयों ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। अचानक 29 अगस्त को भांजे से फोन पर सूचना प्राप्त हुई कि बहन माया श्रीवास को दिल का दौरा पड़ा है, जिन्हें गम्भीर हालत में वोकहार्ड र् हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में भर्ती किया गया है। रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पहले मिली इस सूचना के बाद पूरे परिवार पर मानो वज्रपात गिर गया, परिवार के सभी लोग खबर सुनकर दुखी हो गए थे। तत्काल भाई दिलीप श्रीवास और दिनेश श्रीवास नागपुर के लिए रवाना हो गए थे। यहां अस्पताल में 75 वर्षीय बहन माया बेसुध हालत में आईसीयू में पड़ी हुई थी। अशोक के मुताबिक इस दौरान अनजानी आशंकाओं से बार बार मन भर रहा था। कुछ घण्टों बाद जब बहन माया को थोड़ा होश आया तो उनसे बातचीत की, लेकिन मन था कि उसको तसल्ली नहीं हो रही थी।
हुआ दैवीय चमत्कार, बहन ने बांधी भाइयों की कलाई पर राखी
घटनाक्रम का सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक पहलू ये रहा कि भाइयों की सूरत देखते ही माया को मानो अनजानी शक्ति मिल गई ही। अशोक के मुताबिक बातचीत करने के बाद बहन माया की हालत में सुधार नजर आने लगा था। इसे दैवीय चमत्कार ही कहा जाएगा कि भाइयों की शक्ल देखते ही रक्षाबंधन के दिन बहन पूरी तरह स्वस्थ नजर आने लगी। सुबह हालत में काफी सुधार आने के बाद अस्पताल प्रबंधन से आईसीयू में ही बहन से राखी बंधवाने का आग्रह किया गया।
पहले तो प्रबंधन ने आग्रह अस्वीकार कर दिया पर जब बहन के स्वास्थ्य की जांच की गई तो प्रबंधन ने इसकी सहर्ष अनुमति दे दी, आईसीयू के बेड पर ही बहन माया ने अपने तीनों भाइयों को राखी बांधी और भाइयों ने भी अपनी बहन की रक्षा करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। बहन माया के भाई दिलीप ने बताया कि भाई बहन के प्रेम का प्रतीक यह त्योहार हम इस तरह मनाएंगे हमने कभी ये नहीं सोचा था। इसके लिए हम सभी भाइयों ने अस्पताल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।