Betul Hospital : जिला अस्पताल में प्रसुताओं के लिए बनाया बर्थ वेटिंग होम

Betul Hospital: Birth waiting home built for pregnant women in the district hospital

गंभीर गर्भवती महिला को किया जाएगा भर्ती, बुधवार को होगा शुभारंभ

Betul Hospital : बैतूल। प्रसुता और नवजात बच्चों की मृत्यु दर को कम करने के लिए अब जिला अस्पताल में बर्थ वेटिंग होम बनाया गया है। इसमें गंभीर गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाएगा। यहां प्रसव होने तक महिलाओं की देखरेख की जाएगी। बुधवार को बर्थ वेटिंग होम का शुभारंभ किया जाएगा। जिला अस्पताल में बर्थ वेटिंग होम संचालित करने का प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रसव के दौरान महिला और बच्चे की मौत को कम करना है।

बर्थ वेटिंग होम में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के एक हफ्ते पहले से ही भर्ती कर निगरानी की जाएगी, ताकि प्रसव के दौरान आने वाले खतरे को कम किया जा सकें। जच्चा-बच्चा की जान बच सकें। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में बर्थ वेटिंग होम के संचालन को लेकर सीएमएचओ और सिविल सर्जन को उचित दिशा-निर्देश जारी किए है। देखने में आता है कि कुछ गर्भवती महिलाओं की हालत गंभीर रहती है और प्रसव के दौरान जच्चे-बच्चे की मौत हो जाती है। डॉक्टर को उपचार करने का मौका तक नहीं मिलता। अब ऐसी गंभीर स्थिति वाली प्रसुताओं को इस बर्थ वेटिंग होम में रखा जाएगा। उपचार के बाद आसानी से प्रसव हो सकेगा। अब तक जिला अस्पताल में यह सुविधाएं नहीं थीं।

नए अस्पताल में बनाए गए 10 बेड

जिला अस्पताल परिसर में बने नवनिर्मित अस्पताल भवन में 10 बेड का बर्थ वेटिंग होम बनाया गया है। जिला अस्पताल के अलावा जिले के अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी 7-7 बेड की सुविधा दी जाएगी। बताया जा रहा है कि बर्थ वेटिंग होम की शुरुआत 2 अक्टूबर को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाएगी। शुभारंभ को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। शुभारंभ के बाद से ही इसमें गर्भवती महिलाओं को भर्ती करना शुरु कर दिया जाएगा। बर्थ वेटिंग होम की शुरुआत को लेकर सीएचसी केन्द्रों के बीएमओ को इसमें दिशा-निर्देश जारी किए है।

20 वर्ष से कम और 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं होगी भर्ती

जानकारी के मुताबिक बर्थ वेटिंग होम में गंभीर गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने को लेकर क्राइटेरिया रखा गया है। इसमें 20 वर्ष से कम और 35 वर्ष से अधिक आयु की गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाएगा। भर्ती गर्भवती महिलाओं में उन महिलाओं पर सबसे ज्यादा निगरानी रखी जाएगी, जिनमें पहले की डिलीवरी सीजर से हुई हो। गर्भावस्था के दौरान हाई बीपी, गंभीर एनीमिया, कर्ही गर्भपात तो नहीं हुआ है, प्रीवियस हिस्ट्री ऑफ स्टिल बर्थ, मालफार्म्ड बेबी, गांड मल्टीपैरा, बांझपन के इलाज के बाद गर्भधारण हुआ हो। ऐसी महिलाओं पर ज्यादा फोकस रहेगा।

इनका कहना…

गंभीर गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने के लिए जिला अस्पताल के नए भवन में बर्थ वेटिंग होम बनाया गया है, जिसका 2 अक्टूबर को शुभारंभ किया जाएगा।

डॉ. अशोक बारंगा

सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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