Onion Price Hike : प्याज का स्टॉक भी नहीं, नतीजा, 5 से 35 रु. किलो तक पहुंचे भाव !

Onion Price Hike: Not even stock of onion, result, 5 to 35 rupees. Price reached up to kg!

निर्यात टैक्स लगाने से प्याज के भाव आसमान पर 

Onion Price Hike : (बैतूल)। कभी सडक़ों पर फेंके पड़े मिलने वाले प्याज के भाव अब आसमान छू रहे हैं। वर्तमान में 40 से 45 रुपए किलो तक चिल्लर और थोक में 30 से 35 रुपए किलो तक प्याज बिक रहे हैं। जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है। हालांकि इसका सीधा लाभ भी किसानों को नहीं मिला है। स्टोरेज कर रखने वाले बिचोलियों और अन्य लोगों को ही इसका फायदा हुआ है। दरअसल, शासन स्तर पर प्याज पर टैक्स लगा देने के कारण और प्याज की कमी हो जाने से ये भाव में इजाफा हुआ है।

हालांकि इस बार रकबा काफी कम है, लगातार तीन साल से कम भाव मिलने के कारण ऐसी स्थितियां बन रही थीं। व्यापारियों ने भी टैक्स लगाने के विरोध में काम बंद किया है। इसी कारण देशभर में एक साथ प्याज की दरों में बढ़ोतरी हुई है। जिलेभर में वर्तमान में प्याज के भाव में अचानक से बढ़ोतरी हुई है। हालांकि यहां के किसी किसान को इसका ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। संग्रहित करने में तमाम इंतजाम प्याज के लिए करना होते हैं, इसीलिए कोई भी इसमें जोखिम नहीं उठाता।

प्याज को संभालकर रख पाना मुश्किल होता है। काफी इंतजाम इसके लिए करना होते हैं। खराब होने की स्थिति में इन्हें मजबूरन फेंकना पड़ते हैं। यानी वर्तमान जिन किसान और व्यापारियों ने प्याज संग्रहित कर रखे हैं उन्हें एक कमरे में 24 घंटे पंखे के नीचे रखना होता है। अन्यथा स्वत: ही इसमें नमी आ जाती है और ये खराब होने लगते है। ज्यादा व्यवस्था इन्हें रखने के लिए करना होती है, इसीलिए कई लोग प्याज स्टॉक में नहीं रखते।

उत्पादन बेहतर हो तो चमका देती है किस्मत

प्याज की खेती कई बार किसानों के किस्मत चमका देती है। ऐसा इस बार भी हो रहा है। अमूमन प्याज की पैदावार कम होती है लकिन जैसे ही भाव बढ़ते हैं तो रकबा बढ़ जाता है। साथ ही पैदावार भी बम्पर होतीहै। एक एकड़ में औसत खर्च प्याज का 40 हजार रुपए आता है। वहीं, उत्पादन कम से कम 80 से 90 क्विंटल तक होता है।

20 गुना तक बढ़ जाते हैं प्याज के भाव

कई बार खराब होने की स्थिति में प्याज 2 रुपए किलो में बिकते हैं लेकिन जैसे ही मार्केट में खेंच आती है और अन्य जगह से आने वाले प्याज पर रोक लगती है तो भाव 50 गुना तक बढ़ जाते हैं। यानी 2 रुपए किलो में बिकने वाली प्याज 20 रुपए किलो तक बिकती है। कई बार यह भाव 50 और 60 रुपए किलो भी हो चुका है। हालांकि बीते चार साल से किसान प्याज को फेंक ही रहे थे और इसके बाद बोवनी करना कम कर दिया। इसीलिए इस बार रकबा कम है।

किसानों को सीधा फायदा नहीं मिला (Onion Price Hike)

किसानों को इसका सीधा लाभ नहीं मिलता। जो भाव बढ़े हैं वे सिर्फ बिचौलियों के लिए है। किसानों को तो अभी भी 20 रुपए के आस-पास ही भाव मिल रहे हैं और यह स्थिति भी तीन साल बाद बनीं है। इससे पहले तो सडऩे के बाद प्याज को फेंकना पड़ा था।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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