Chandrayaan-3 : चंद्रयान-3 से बैतूल के भी जुड़े सुनहरे लम्हें

Chandrayaan-3 : Betul's golden moments associated with Chandrayaan-3

इसरो के वैज्ञानिक दलों में हमारे जिले का युवा भी शामिल तो एनआरआई की पत्नी ने चांद पर खरीदी जमीन

Chandrayaan-3 : चंद्रयान-3 से बैतूल के भी जुड़े सुनहरे लम्हें

Chandrayaan-3 : (बैतूल)। इस समय जब चंद्रयान-3 के चांद पर सफल लैंडिंग की चर्चा पूरे विश्व में हो रही है, तब बैतूल कैसे अछूता रह सकता है। जिलेवासियों ने कल शाम से चंद्रयान-3 की सफल लैडिंग पर जोरदार जश्न मनाया, लेकिन कई लोगों को यह नहीं मालूम है कि इस अभियान में हमारे जिले का एक युवा वैज्ञानिक का भी अहम रोल है।

युवा वैज्ञानिक भले ही इस समय देश से बाहर हो, लेकिन इसरो की टीम में इस अभियान का हिस्सा बनकर पूरा जिला गौरवांवित हुआ है। बाद जब चंद्रयान-3 के चांद पर पहुंचने की हो रही है तो एक और मामले की इस समय चर्चा है। एक एनआरआई ने करवा चौथ पर तीन वर्ष पहले अपनी पत्नी को दस एकड़ जमीन खरीदकर दी थी। दोनों ही मामले चंद्रयान-3 की सफल लैडिंग पर जिले के लोगों के बीच कौतूहल का विषय बने हैं कि वे भी कहीं न कहीं इस अभियान में अपनों से जुड़े हैं।

एरो स्पेश मिशन के वैज्ञानिक आदित्य पर गर्व

जिले के भैंसदेही ब्ल्ॉाक के शिक्षक दंपति के पुत्र आदित्य को पूरे जिले पर गर्व है। यह युवा वैज्ञानिक पिछले 5 वर्षों से अपने अभियान में देश के लिए जी- जान से जुटा है। पिछले कई वर्षों से वह विदेश में एरा स्पेस मिशन में कार्यरत है। कहा जा रहा है कि चंद्रयान-3 अभियान में भी इस युवा वैज्ञानिक का अन्य 54 वैज्ञानिकों के साथ टीम में शामिल होना बैतूल जिले के लिए गौरवांवित करने वाला पल है।

समाज के लोगों ने भी सोशल मीडिया पर अपने जिले के इस युवा वैज्ञानिक की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बड़े गर्व की बात है, यह जो दो चांद देख रहे हैं, इनमें से एक चांद हमारा भी है। एक फोटो भी जारी करते हुए समाज के लोगों ने इसरो चीफ के साथ खड़े युवा वैज्ञानिक आदित्य की फोटो साझा करते हुए लिखा है कि खुशी के इस पल में जिले के इस चमकते चांद को कैसे भूला जा सकता है। सामाजिक बंधुओं ने युवा वैज्ञानिक को बधाई देते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

एनआरआई का पत्नी को चांद पर जमीन का तोहफा

Chandrayaan-3 : चंद्रयान-3 से बैतूल के भी जुड़े सुनहरे लम्हें

जिला मुख्यालय से सटे पांचवेंधाम के नाम से विख्यात श्री रूखमणी बालाजी मंदिर के संस्थापक और एनआरआई सेम वर्मा की भी चंद्रयान-3 के बाद चर्चा हो रही है। दरअसल उन्होंने वर्ष 2020 में अमेरिका की एक कंपनी को लॉटरी के दस हजार डालर दिए थे। श्री वर्मा के मुताबिक तीन वर्ष पहले उन्होंने एक टीवी पर अमेरिका में एड देखा था। इसमें लूनर सोसायटी पर चांद पर जमीन बेचने की बात कही। उन्होंने अपनी पत्नी के नाम करीब दस एकड़ जमीन करवा चौथ के दिन खरीदकर तोहफा दिया था।

श्री वर्मा कहते हैं कि भारत के वैज्ञानिक दुनिया में सबसे जीनियस है। अब उनकी भी उम्मीद है कि चांद पर जाने का मौका मिल सकेगा। श्री वर्मा की पत्नी जयदेवी वर्मा कहती है कि जब पति ने उन्हें चांद का टुकड़ा तोहफे में दिया था तो उनकी खुशी का ठिकाना न था।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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