Betul Samachar: भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित, सुबह से लगा रेलवे स्टेशन पर जाम, रेल यात्रियों के साथ साथ आम जन भी होते रहे परेशान
Betul Samachar: Entry of heavy vehicles restricted, jam at railway station since morning, railway passengers as well as common people getting troubled.

Betul Samachar: बैतूल। भले ही जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्र मे भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन इस आदेश का असर बेअसर नजर आ रहा है। सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक स्टेशन के सामने खाली ट्रक खड़े रहे और लोग परेशान होते रहे लेकिन व्यवस्था बनाने यातायात का एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। जब सड़क पर ट्रेफिक बढ़ने लगा और भारी जाम लग गया तो आम जनों ने ट्रेफिक इंचार्ज को सूचना दी तब जाकर सड़क क्लियर कराई जा सकी। स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों का कहना है कि, आये दिन यहां यही स्थिति बन रही है। प्रशाषन का आदेश यहां पूरी तरह बेअसर ही नजर आ रहा है।
सड़क पर हेवी ट्रेफिक, पल पल लगता जाम
स्टेशन के सामने रोजाना लगने वाले जाम को लेकर यहां स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों के सब्र का बांध टूटता नजर आ रहा है।व्यापारियों का कहना है कि सुबह 7 बजे से ही यहां ट्रकों की लाइन लगनी शुरू हो गयी थी। देखते ही देखते कंटिशिवा चौराहे से स्टेशन के बीच बने गेट तक ट्रक लाकर खड़े कर दिये गए थे। छोटे दुकानदारों की दुकानों के सामने ही खड़े ट्रकों की वजह से दुकानदारों की ग्राहकी पर भी असर पड़ रहा है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड होने के कारण यात्री बसों और ऑटो सहित छोटे दोपहिया वाहनों का भी आना जाना शुरू हो गया। देखते ही देखते पूरी सड़क जाम हो गयी। लेकिन ट्रेफिक पुलिस ने होने से लगभग 4 से 5 घण्टे एक जैसी स्थिति बनी रही। जब कुछ व्यापारियों ने इसकी जानकारी ट्रेफिक इंचार्ज को दी तब मौके पर व्यवस्था बनाई जा सकी।
रेलवे गोदाम की वजह से आम जन परेशान
स्टेशन रोड पर रोजाना की होने वाली परेशानियों को लेकर समाज सेवी रमेश भाटिया ने रेलवे गोदाम की इसके लिए जिम्मेदार बताया है। श्री भाटिया ने बताया कि,रेलवे गोदाम पर सीमेंट और खाद की रैक लगने पर ज्यादा दिक्कतों का सामना आम जन को करना पड़ता है।स्थानीय रहवासी और व्यापारी इसका विरोध नहीं करते, लेकिन आम लोगो को परेशानी ना हो इसके लिए व्यवस्था तो बनाई जा सकती है। सीमेंट और खाद का परिवहन करने के लिए एक साथ दर्जनों ट्रक लाकर यहां खड़े कर दिए जाते हैं।
होना यह चाहिए की ट्रकों को अन्य जगह पार्क करवाकर तत्काल लोडिंग के लिए बुलवाया जाए तो सड़क जाम नहीं होगी। लेकिन व्यवस्था बनाने में ना ट्रांपोर्टर दिलचस्पी ले रहे ना रेलवे और ना ट्रेफिक पुलिस इसका खमियाजा आमजनता को भुगतना पड़ रहा है। रोजाना जाम खुलवाने के लिए लोग आखिर कब तक ट्रेफिक को सूचना देते रहेंगे। प्रशाषन के आदेश का कोई पालन ही यहां नजर नहीं आ रहा है।
इनका कहना….
अभी मैं अवकाश पर हूं। सूचना प्राप्त होने पर ट्रेफिक का दल मौके पर पहुंच गया था। जाम भी खुलवा दिया गया है।
गजेंद्र केन, यातायात थाना प्रभारी बैतूल





