Betul News: पटवारी दे रहे अवैध कालोनी बनाने वालों को संरक्षण!
Betul News: Patwari is giving protection to those building illegal colonies!

कालोनियों का प्रतिवेदन देने में हीला-हवाली, तहसीलदार ने दूसरी बार नोटिस जारी कर 13 पटवारियों से मांगा जवाब
Betul News: बैतूल। बैतूल के तहसील कार्यालय में पटवारी अपनी मनमर्जी के मालिक है। अधिकारियों के तमाम निर्देशों की अवहेलना करना आम बात है, तभी तो पिछले दिनों नर्मदापुरम के कमिशनर कृष्ण गोपाल तिवारी को आकस्मिक निरीक्षण करना पड़ गया। यहां के अधिकारी भी पटवारियों की कारगुजरी से परेशान हो चुके हैं। ताजा मामला अवैध कालोनियों से जुड़ा है।
जानकारी सामने आई है कि बैतूल ग्रामीण के अंतर्गत 13 पटवारियों को कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार ने अनाधिकृत कालोनियों की जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए थे, लेकिन किसी ने भी इन निर्देशों का पालन नहीं किया। नतीजतन 27 अगस्त को फिर तहसीलदार ने सभी पटवारियों को नोटिस जारी कर हिदायत दी है कि समय पर जानकारी न मिलने पर अनुशानात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सांझवीर टाईम्स भी पूर्व मेें आशंका जता चुका है कि बैतूल शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे जिले में सबसे अधिक कालोनियां निर्मित की गई है। अधिकांश कालोनियां अवैध होने के साथ शासकीय नियमों का पालन नहीं कर रही है। कलेक्टर ने पूर्व में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर साफतौर पर निर्देश दिए थे कि एक माह में सभी एसडीएम और तहसीलदार अपने अधीनस्थों से अवैध कालोनियों का सर्वे कराकर रिपोर्ट देंगे, लेकिन कलेक्टर के आदेशों की लगातार अवहेलना की जा रही है।
हद तो यह हो कि कलेक्टर कार्यालय से एसडीएम और तहसीलदारों को अवैध कालोनियों को लेकर जानकारी के लिए पत्राचार किया जा रहा है, इसके बावजूद अधिकांश तहसील कार्यालयों से कलेक्टर कार्यालय जानकारी अपूर्ण होने के कारण टालमटोल जवाब दिया जा रहा है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पूरे जिले के एसडीएम और तहसीलदार कलेक्टर के निर्देशों को रद्दी की टोकनी में डाल चुके हैं।
इन पटवारियों पर तहसीलदार सख्त
जानकारी के मुताबिक बैतूल ग्रामीण की करीब 13 पटवारी ऐसे हैं, जिन्होंने कलेक्टर के निर्देशों पर तहसीलदार द्वारा अवैध कालोनियों का जांच प्रतिवेदन सौंपने मेें बेवजह देरी की है। इनमें पटवारी मितेश घानेकर, राजिक अली, विजय राठौर, प्रवीण मालवीय, हुकुम चंद इवने, लवप्रीत सोनी, इंद्रकुमार बोरवन, दिलीप देशमुख, सदाशिव प्रधान, संदीप चौरगढ़े, कविता इवनाते, बबली साहू, प्रीति लिखितकर को तहसीलदार ऋचा कौरव ने नोटिस जारी किया है।
कार्यालीयन आदेश की अवहेलना
तहसीलदार कौरव ने 27 अगस्त को सभी 13 पटवारियों को दूसरी बार स्मरण पत्र भेजकर याद दिलाया है कि संबंधित हल्का क्षेत्र में राजपत्र में प्रकाशित दिनांक 24 दिसंबर 2014 के विहित उपबंधों को उल्लंघन कर कालोनाइजर/ भूस्वामी द्वारा निर्मित, विकसित की जा रही कालोनियों के खसरा के कालम नंबर 12 में अनाधिकृत कालोनी इंद्राज करते हुए प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने का लेख किया था। इसके बावजूद आपके द्वारा जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है।
तहसीलदार ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि आमजन की सुविधा एवं विधि के दृष्टिगत संबंधित पटवारियों के हल्का क्षेत्र अंतर्गत उक्त मापदंडों का उल्लंघन कर कालोनाइजरों द्वारा कालोनी निर्मित की जा रही है। तीन दिन में संबंधित कालोनी का प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने पर तहसीलदार ने चेतावनी दी है कि इसे कार्यालीयन आदेशों की अवहेलना एवं स्वेच्छारचिता मानकर अनुशानात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैतूल ग्रामीण में हालात बेकाबू
जानकार सूत्रों ने बताया कि बैतूल ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक अवैध कालोनियों का निर्माण किया गया है। पटवारियों ने पूर्व में अधिकारियों को जो रिपोर्ट सौंपी गई थी, उस पर कई सवाल उठाए। आरोप तो यह भी लगेे कि कुछ पटवारियों ने कालोनाइजरों के घर जाकर जांच प्रतिवेदन बना डाला। इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो एसडीएम और तहसीलदार से अधिक कोई नहीं जान सकता है, लेकिन बैतूल ग्रामीण क्षेत्र में जिस तरह अवैध कालोनियों के मामले में पटवारियों ने जांच प्रतिवेदन में लीपापोती की है, यह कही न कहीं अवैध कालोनाइजरों को फायदा पहुंचाने जैसा कहा जा सकता है।
यदि पटवारी ईमानदारी से बटामा समेत अन्य क्षेत्र की कालोनियों की जांच कर वास्तविक जांच प्रतिवेदन अधिकारियों को सौंपते तो अब तक कई कालोनाइजरों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी होती। इस संबंध में बैतूल ग्रामीण तहसीलदार ऋचा कौरव को उनके मोबाइन 8085848377 पर काल किया, लेकिन उन्होंने मोबाइल काट दिया।





